यह चेतावनी महज भविष्यवाणी नहीं लगती। रिपोर्टों के अनुसार, स्मार्टफोन के कुल कंपोनेंट खर्च में मेमोरी की हिस्सेदारी लगभग 13% से बढ़कर 43% हो गई है । यानी मेमोरी की कीमत में छोटा-सा उछाल भी अब पूरे फोन की लागत पर पहले से कहीं बड़ा असर डालता है।
Huawei की Pura 90 सीरीज इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। कंपनी के अनुसार, मेमोरी की महंगाई के कारण इस सीरीज के हर फोन की उत्पादन लागत में लगभग CNY 1,000–1,500 की वृद्धि हुई ।
AI डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाली High Bandwidth Memory यानी HBM चिप्स की मांग तेजी से बढ़ी है। ये चिप्स AI एक्सेलरेटर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम के लिए जरूरी होती हैं। इनसे मिलने वाला मुनाफा सामान्य मोबाइल DRAM की तुलना में अधिक है।
इसी वजह से Samsung और SK hynix जैसी कंपनियां अपनी आधुनिक उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा HBM के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। इसका सीधा असर फोन में लगने वाली सामान्य DRAM और LPDDR मेमोरी की आपूर्ति पर पड़ रहा है ।
वैश्विक DRAM उत्पादन पर Samsung, SK hynix और Micron का दबदबा है। बाजार में इन तीन कंपनियों का वर्चस्व होने के कारण आपूर्ति में किसी भी तरह की कमी का असर जल्दी कीमतों पर दिखाई देता है ।
जब यही कंपनियां AI चिप्स को प्राथमिकता देती हैं, तो मोबाइल फोन निर्माताओं के पास सस्ते विकल्प सीमित रह जाते हैं।
मेमोरी उद्योग DDR4 से DDR5 की ओर बढ़ रहा है। पुराने DDR4 उत्पादन को धीरे-धीरे कम करने और नई DDR5 लाइनों को बड़े पैमाने पर तैयार करने के बीच आपूर्ति में व्यवधान पैदा होता है।
यह बदलाव AI की मांग से पैदा हुए दबाव को और बढ़ा रहा है। नतीजा यह है कि PC और स्मार्टफोन, दोनों बाजारों में मेमोरी की कीमतें ऊपर जा रही हैं। TrendForce के आंकड़ों के अनुसार, 2026 की शुरुआत में कुछ PC मेमोरी कॉन्ट्रैक्ट कीमतों में 90% या उससे अधिक की वृद्धि हुई ।
जब चिप की उपलब्धता कम हो और बड़े ग्राहक पहले ही उत्पादन क्षमता बुक कर लें, तो निर्माता आम तौर पर छूट देने के बजाय ऊंची कीमत बनाए रख सकते हैं। CXMT और Apple के बीच बातचीत इसी बदले हुए बाजार समीकरण का उदाहरण है।
Apple ने चीन की मेमोरी निर्माता ChangXin Memory Technologies (CXMT) से LPDDR5X मोबाइल DRAM खरीदने पर बातचीत की थी। उद्देश्य था आगामी iPhone और अन्य डिवाइसों की उत्पादन लागत को नियंत्रित करना ।
लेकिन रिपोर्टों के अनुसार, CXMT ने Apple को कोई खास छूट देने से इनकार कर दिया। कंपनी ने Samsung और SK hynix के बराबर या उनसे अधिक कीमत का प्रस्ताव रखा ।
CXMT के पास ऐसा करने की गुंजाइश क्यों थी?
Apple की योजना CXMT को तीसरे बड़े आपूर्तिकर्ता के रूप में इस्तेमाल करके Samsung और SK hynix पर कीमत घटाने का दबाव बनाने की थी। लेकिन यह रणनीति उलटी पड़ गई। Apple को सस्ता विकल्प नहीं मिला और दक्षिण कोरियाई कंपनियों की सौदेबाजी की ताकत कम होने के बजाय और बढ़ गई ।
मौजूदा हालात में Samsung और SK hynix को दो स्तरों पर लाभ मिल रहा है :
जुलाई 2026 के आखिर में, 5 अगस्त की घटनाओं से कुछ दिन पहले, अमेरिकी सीनेट के एक द्विदलीय समूह ने Apple CEO Tim Cook को पत्र भेजा। समूह का नेतृत्व सीनेट मेजॉरिटी लीडर Chuck Schumer और सीनेटर Jim Banks ने किया। सांसदों ने Apple से CXMT और YMTC से मेमोरी चिप न लेने की सार्वजनिक प्रतिबद्धता मांग की ।
सांसदों की दलील थी कि:
इस तरह CXMT ने जहां खुद Apple को छूट देने से इनकार किया, वहीं अमेरिकी राजनीतिक दबाव ने Apple के लिए इस आपूर्तिकर्ता को अपनाना और जोखिम भरा बना दिया।
AI की मांग ने HBM चिप्स के लिए उत्पादन क्षमता खींच ली। DRAM बाजार में केवल तीन प्रमुख कंपनियां हैं और DDR4 से DDR5 का बदलाव भी चल रहा है। इससे मोबाइल मेमोरी की आपूर्ति तंग हुई और कीमतें बढ़ीं।
दूसरी ओर, चीनी कंपनियों ने CXMT की क्षमता पहले ही दीर्घकालिक अनुबंधों से सुरक्षित कर ली। इसलिए CXMT को Apple को कम कीमत देने की जरूरत नहीं थी। इसके बाद अमेरिकी सांसदों के दबाव ने Apple के लिए CXMT और YMTC को इस्तेमाल करने का राजनीतिक विकल्प भी सीमित कर दिया।
यही वजह है कि रिचर्ड यू का संदेश पूरे उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है: कंपनियों के सामने अब तीन रास्ते हैं—लागत खुद वहन करना, फोन की कीमत बढ़ाना या कम स्टोरेज वाले कॉन्फिगरेशन पेश करना ।
Xiaomi, Oppo और Vivo जैसी कंपनियों ने 2026 के लिए अपने शिपमेंट अनुमान कई बार घटाए हैं । अगर मेमोरी की कीमतों में राहत नहीं आती, तो इसका असर केवल फ्लैगशिप फोन पर नहीं, बल्कि मिड-रेंज और बजट सेगमेंट पर भी पड़ सकता है। फिलहाल उपलब्ध संकेत यही बताते हैं कि 2026 में स्मार्टफोन बाजार वर्षों की सबसे आक्रामक कीमत-संशोधन लहर का सामना कर सकता है ।