ETF गतिविधि ने भी तेजी के तर्क को कुछ समर्थन दिया, लेकिन आंकड़े लगातार एक दिशा में नहीं रहे। अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF में अगस्त के पहले सप्ताह के दौरान करीब 853.5 मिलियन डॉलर का निवेश आया, जो अप्रैल के बाद सबसे मजबूत साप्ताहिक आंकड़ा था। बाद की एक रिपोर्ट में 19 अगस्त के निवेश के बाद अगस्त का शुद्ध इनफ्लो लगभग 951 मिलियन डॉलर बताया गया। दूसरी ओर, Bloomberg के अनुसार, 10 अगस्त वाले सप्ताह में 389.7 मिलियन डॉलर का शुद्ध आउटफ्लो भी दर्ज हुआ था।
यही मिश्रित तस्वीर जियांग के रुख में बदलाव को समझाती है: तेजी इतनी व्यापक और मजबूत थी कि पुराने मंदी वाले अनुमान को चुनौती दे सके, लेकिन केवल ETF फ्लो से यह साबित नहीं होता कि बाजार का स्थायी निचला स्तर बन चुका है।
21–22 अगस्त की रिपोर्टों के अनुसार, जियांग ने पहले 1,738–1,931 डॉलर के दायरे में बेचा गया ETH करीब 2,100 डॉलर पर वापस खरीदा। ETH के लगभग 2,525 डॉलर तक पहुंचने पर उन्होंने स्थानीय टॉप का अनुमान लगाने की कोशिश में अपनी स्पॉट होल्डिंग का आधा हिस्सा बेच दिया और करीब 2,550 डॉलर पर स्टॉप-लॉस रखा।
रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी तय योजना की 20%–30% पूंजी अभी निवेशित नहीं है। उनका कहना था कि अगर बिटकॉइन लगभग 67,000–72,000 डॉलर तक लौटता है, तो वह इस पूंजी को ETH में लगा देंगे। अगर ऐसी गिरावट नहीं आती, तो अक्टूबर के अंत तक मौजूदा कीमतों पर खरीदारी करने का इरादा है।
यह किसी एक निश्चित कीमत पर खरीदने का वादा नहीं, बल्कि एक रणनीतिक योजना है। जियांग संभावित आगे की तेजी में भागीदारी बनाए रखना चाहते हैं और साथ ही गिरावट आने पर इस्तेमाल के लिए पूंजी बचाकर रखना चाहते हैं।
जियांग की मुख्य रिलेटिव-परफॉर्मेंस थीसिस यह है कि ETH/BTC अनुपात ऊपर जा सकता है। इसका अर्थ है कि इस चक्र में एथेरियम, बिटकॉइन की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। उनके बदले हुए नजरिए पर प्रकाशित रिपोर्टें एथेरियम के फंडामेंटल, डेवलपर गतिविधि और आगामी नेटवर्क अपग्रेड को भी इसके संभावित नेतृत्व के कारणों में गिनाती हैं।
उपलब्ध रिपोर्टिंग में एथेरियम के लिए स्टेबलकॉइन के बढ़ते इस्तेमाल, टोकनाइजेशन और रियल-वर्ल्ड एसेट्स—यानी वास्तविक दुनिया की संपत्तियों के डिजिटल टोकन—से संभावित मांग का तर्क दिया गया है। उद्योग शोध में ETH में चुनिंदा पूंजी के जाने और स्पॉट ईथर ETF में लंबे समय से चले आ रहे आउटफ्लो के खत्म होने का उल्लेख है। हालांकि, ये संकेत लगातार बेहतर प्रदर्शन की गारंटी नहीं देते।
यह अंतर महत्वपूर्ण है। बेहतर उपयोगिता या सुधरते पूंजी प्रवाह जियांग की थीसिस को समर्थन दे सकते हैं, लेकिन इनमें से कोई भी यह साबित नहीं करता कि ETH निश्चित रूप से BTC से आगे निकल जाएगा। ETH/BTC का अनुमान अब भी अस्थिरता, लिक्विडिटी और बाजार जोखिम में बदलाव से प्रभावित होने वाला निवेश निर्णय है।
कीमतों और व्यापक आर्थिक जोखिमों के बदलने के साथ जियांग के सार्वजनिक ट्रेडिंग फैसले कई बार बदले:
यह क्रम क्रिप्टो बाजार की तेज़ी से दिशा बदलने वाली प्रकृति को दिखाता है। कुछ ही महीनों में कोई ट्रेडर ETH शॉर्ट करने से लेकर स्पॉट ETH खरीदने, फिर BTC शॉर्ट करने और अंततः ETH-केंद्रित तेजी की योजना तक पहुंच सकता है—खासकर तब, जब वास्तविक कीमतों की चाल पुराने मॉडल को पीछे छोड़ दे।
जियांग का बयान उनकी अपनी पोज़िशनिंग के बारे में व्यक्त की गई राय के रूप में पढ़ा जाना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्टों में किसी ऑडिट किए गए पूर्वानुमान मॉडल, परखी हुई संभावना पद्धति, स्वतंत्र रूप से सत्यापित पोज़िशन साइज या पूरे प्रदर्शन रिकॉर्ड का उल्लेख नहीं है। ट्रेड से जुड़ी कई जानकारियां उनके अपने पोस्ट और सेकेंडरी रिपोर्टों पर आधारित हैं, न कि एक्सचेंज से पुष्ट निष्पादन आंकड़ों पर।
उनका बदला हुआ रुख सही साबित हो सकता है, लेकिन इससे यह पुष्टि नहीं होती कि बेयर मार्केट निश्चित रूप से खत्म हो गया है। उनके नए नजरिए के पक्ष में सबसे मजबूत संकेत हैं—पुराने डाउनसाइड अनुमान का आगे जारी न रहना, बड़े पैमाने पर शॉर्ट लिक्विडेशन और ETF मांग में कुछ समय के लिए वापसी। सावधानी की सबसे बड़ी वजह यह है कि ये संकेत अस्थिर रहे हैं और जियांग का अपना ट्रेडिंग इतिहास दिखाता है कि उनकी पोज़िशनिंग और धारणा कितनी तेजी से बदल सकती है।
पाठकों के लिए सीधा निष्कर्ष यह है: जियांग अब आगे की तेजी के लिए तैयार हैं और उनकी खास पसंद ETH है। लेकिन ‘90%’ कोई प्रमाणित बाजार संभावना नहीं, बल्कि तेज़ी से बदलते बाजार में बना उनका उच्च-विश्वास वाला निजी आकलन है।