Yulu के CEO और सह-संस्थापक अमित गुप्ता ने इस फंडिंग को मुख्य रूप से पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) पर केंद्रित बताया। द हिंदू बिज़नेस लाइन से बात करते हुए उन्होंने कहा, "100 प्रतिशत यह पूंजीगत व्यय पर केंद्रित है," और कहा कि कंपनी परिचालन रूप से लाभदायक है और इसे ग्राहक अधिग्रहण के लिए महत्वपूर्ण फंडिंग की आवश्यकता नहीं है ।
Yulu मोबिलिटी-ऐज़-अ-सर्विस (MaaS) मॉडल पर काम करता है। यह डिलीवरी ड्राइवरों को साप्ताहिक सब्सक्रिप्शन प्लान पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर प्रदान करता है, जिससे वे अपनी खुद की गाड़ी खरीदे बिना गिग इकोनॉमी का हिस्सा बन सकते हैं । Yulu का प्लेटफॉर्म वर्तमान में प्रतिदिन 750,000 से अधिक डिलीवरी को संचालित करता है और हर हफ्ते लगभग 1.6 मिलियन मील जीरो-एमिशन यात्रा करता है
। कंपनी का सक्रिय बेड़ा वर्तमान में लगभग 50,000 वाहनों का है, और बजाज ऑटो इसका एक प्रमुख रणनीतिक निवेशक और विनिर्माण भागीदार है
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Yulu के विस्तार का एक केंद्रबिंदु Yulu Express का लॉन्च है। यह एक पूर्ण आकार का, हाई-पेलोड इलेक्ट्रिक स्कूटर है जिसे विशेष रूप से ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स, बाइक टैक्सी और एक्सप्रेस पार्सल डिलीवरी के लिए डिज़ाइन किया गया है । इस वाहन को पहली बार 2025 की शुरुआत में प्रस्तुत किया गया था, जिसकी टॉप स्पीड 45 किमी/घंटा और रेंज 140-150 किमी है, और इसमें स्वैप करने योग्य लिथियम-आयन बैटरी है
। यह नया मॉडल Yulu को अपने मौजूदा छोटे फॉर्मेट की रेंटल बाइक से आगे ले जाकर भारी इंट्रा-सिटी लॉजिस्टिक्स और लास्ट-माइल डिलीवरी के क्षेत्र में प्रवेश कराता है, जो सीधे तौर पर क्विक-कॉमर्स बूम को टार्गेट करता है
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Yulu अगले दो वर्षों में अपने सक्रिय बेड़े को मौजूदा लगभग 50,000 से चार गुना बढ़ाकर 200,000 इलेक्ट्रिक वाहनों तक ले जाने की योजना बना रही है । कंपनी वर्तमान 12 शहरों से विस्तार करते हुए अगले 12 महीनों में कंपनी द्वारा संचालित और फ्रैंचाइज़ी दोनों मॉडलों का उपयोग करके लगभग 20 शहरों में पहुंच जाएगी
। बेंगलुरु में ही, Yulu का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2027 तक 30,000-35,000 वाहनों का बेड़ा रखने का है
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Yulu के वित्तीय आंकड़े मजबूत टॉप-लाइन ग्रोथ और घटते घाटे को दर्शाते हैं। FY25 में कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू साल-दर-साल 98% बढ़कर ₹237.4 करोड़ हो गया, जो FY24 में ₹120 करोड़ था । इलेक्ट्रिक वाहनों से किराये की आय ने ऑपरेटिंग रेवेन्यू का सबसे बड़ा हिस्सा यानी लगभग 85% (लगभग ₹201 करोड़) प्रदान किया
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FY25 के लिए शुद्ध घाटा ₹126 करोड़ रहा, जो FY24 के ₹142.8 करोड़ से 12% की कमी है । कंपनी का EBITDA मार्जिन FY24 में -80.11% से सुधरकर FY25 में -15.29% हो गया, और Yulu अप्रैल 2025 से EBITDA-पॉजिटिव है
। CEO अमित गुप्ता ने कहा है कि कंपनी का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2027 में शुद्ध लाभप्रदता (नेट प्रॉफिटेबिलिटी) हासिल करना है और पब्लिक लिस्टिंग से पहले मासिक आधार पर प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) प्राप्त करना है
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भारत के क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म - जो किराने से लेकर स्मार्टफोन तक सब कुछ मिनटों में डिलीवर करते हैं - ने विश्वसनीय और कम लागत वाले इलेक्ट्रिक डिलीवरी वाहनों की भारी मांग पैदा कर दी है। Yulu खुद को इन प्लेटफार्मों के लिए एक समर्पित ईवी बेड़ा प्रदाता के रूप में स्थापित कर रहा है । कंपनी ने FY23 और FY26 के बीच राजस्व में सात गुना वृद्धि दर्ज की और 2025 के अंत तक अपने परिचालन क्षेत्रों में डार्क स्टोर्स पर औसतन 35% से अधिक बेड़ा हिस्सेदारी हासिल कर ली
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