पारंपरिक डेटा सेंटर निर्माण में बिजली, कूलिंग, सुरक्षा और अन्य प्रणालियां अक्सर क्रम से लगाई जाती हैं। इससे एक चरण पूरा होने के बाद ही अगला चरण शुरू हो पाता है। Alibaba Cloud का मॉड्यूलर मॉडल इस प्रक्रिया के बड़े हिस्से को फैक्टरी में ले जाता है, जहां अलग-अलग मॉड्यूल समानांतर रूप से बनाए और जांचे जा सकते हैं। साइट पर पहुंचने के बाद इन्हें जोड़ने का काम कुछ-कुछ बिल्डिंग ब्लॉक्स लगाने जैसा होता है।
CUBE 5.0 में पांच प्रमुख प्रणालियां शामिल हैं:
Alibaba Cloud का कहना है कि इन प्रणालियों का कुल मॉड्यूलराइजेशन स्तर पुराने डिजाइन के लगभग 30% से बढ़कर 90% हो गया है। यहां मॉड्यूलराइजेशन का अर्थ केवल कंटेनर का इस्तेमाल करना नहीं है। इसका मतलब है कि अधिक असेंबली, एकीकरण और परीक्षण निर्माण स्थल पर पहुंचने से पहले ही पूरे किए जाएं।
रिपोर्टों के अनुसार, CUBE 5.0 की 100-दिन की समयसीमा तीन चरणों में बांटी गई है:
इन तीन चरणों का कुल योग 100 दिन है। यह समयगणना तैयार आधारभूत ढांचे या पहले से रखी गई मॉड्यूलर इकाइयों से शुरू होती है और बिजली, कूलिंग, सुरक्षा, इंटेलिजेंट मैनेजमेंट तथा अग्नि-सुरक्षा प्रणालियों की तैनाती और जांच पूरी होने पर समाप्त होती है। इसके बाद सर्वर और नेटवर्क उपकरण डेटा सेंटर में लाए जा सकते हैं।
यहां एक महत्वपूर्ण सावधानी जरूरी है: 100 दिनों का दावा डेटा सेंटर की मूलभूत अवसंरचना की डिलीवरी से संबंधित है। इसे खाली जमीन से पूरी तरह सर्वर-लोडेड और उत्पादन के लिए तैयार AI कैंपस चालू होने की गारंटी नहीं समझना चाहिए।
तुलना के लिए, रिपोर्टों में समान बड़े प्रोजेक्टों के पारंपरिक निर्माण चक्र चीन में छह से 12 महीने और अमेरिका में 12 से 18 महीने बताए गए हैं।
AI चिप्स की शक्ति और गर्मी पैदा करने की क्षमता बढ़ने के साथ कूलिंग डेटा सेंटर डिजाइन का अहम हिस्सा बन गई है। CUBE 5.0 को एयर-कूल्ड और लिक्विड-कूल्ड, दोनों कॉन्फिगरेशन के लिए तैयार किया गया है। Alibaba Cloud ने एयर कूलिंग के लिए PUE 1.15 या कम और लिक्विड कूलिंग के लिए PUE 1.10 या कम बताया है।
PUE यानी Power Usage Effectiveness, डेटा सेंटर की कुल ऊर्जा खपत और IT उपकरणों द्वारा इस्तेमाल की गई ऊर्जा का अनुपात है। यह संख्या 1 के जितनी करीब होती है, ऊर्जा उपयोग उतना ही अधिक कुशल माना जाता है।
एयर और लिक्विड कूलिंग के बीच बदलाव की क्षमता ऑपरेटरों को स्थानीय मौसम, चिप्स की शक्ति-घनत्व और अलग-अलग workloads के अनुसार विकल्प देती है। इससे किसी नई सुविधा को शुरुआत में ही एक ऐसी कूलिंग प्रणाली से बांधने का जोखिम भी घटता है, जो बाद में इस्तेमाल होने वाले हार्डवेयर के लिए उपयुक्त न हो।
CUBE 5.0 में हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट पावर सिस्टम शामिल है। रिपोर्टों के अनुसार, इसका लचीला डिजाइन अलग-अलग प्रकार के चिप्स और कंप्यूटिंग आर्किटेक्चर के साथ काम करने के लिए बनाया गया है। Alibaba Cloud का कहना है कि यह कम से कम तीन पीढ़ियों के हार्डवेयर बदलावों को सपोर्ट कर सकता है।
AI अवसंरचना के लिए यह दावा महत्वपूर्ण है, क्योंकि AI एक्सेलरेटर और सर्वर कॉन्फिगरेशन तेजी से बदलते हैं। यदि मॉड्यूलर डेटा सेंटर को अलग-अलग चिप पीढ़ियों के अनुरूप बदला जा सके, तो भविष्य में बड़े भौतिक बदलावों की जरूरत कम हो सकती है।
तेजी से निर्माण के अलावा Alibaba Cloud ने पिछली पीढ़ी की तुलना में कई अन्य लाभों का भी दावा किया है। इनमें निर्माण लागत में 10% से अधिक कमी, प्रति इकाई क्षेत्र कंप्यूटिंग घनत्व में पांच से 10 गुना वृद्धि और ट्रांसफॉर्मरों की संख्या लगभग आधी होना शामिल है।
कंपनी ने उत्पादों की पहली बार में परीक्षण पास होने की दर लगभग 100% के करीब बताई है। हालांकि, ये आंकड़े Alibaba Cloud के दावे हैं जिन्हें माध्यमिक रिपोर्टों ने प्रकाशित किया है; इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित सार्वभौमिक प्रदर्शन मानक नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक परिणाम प्रोजेक्ट और स्थान के अनुसार अलग हो सकते हैं।
Alibaba Cloud की क्षमता विस्तार योजना और CUBE 5.0 के दावे AI अवसंरचना में एक बड़े बदलाव की ओर संकेत करते हैं। अब प्रतिस्पर्धा केवल बेहतर चिप्स हासिल करने की नहीं, बल्कि बिजली, कूलिंग और सुरक्षा जैसी मूलभूत प्रणालियों को कितनी तेजी से तैनात किया जा सकता है, इसकी भी है।
इस घोषणा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा केवल 100 दिनों का आंकड़ा नहीं है। असली बदलाव 90% मॉड्यूलराइजेशन, फैक्टरी में समानांतर उत्पादन, एयर और लिक्विड कूलिंग के बीच विकल्प तथा कई पीढ़ियों के हार्डवेयर समर्थन का संयोजन है। ये डिजाइन विकल्प AI डेटा सेंटरों को तेजी से बनाने, अधिक कंप्यूटिंग क्षमता समेटने और भविष्य की जरूरतों के अनुसार ढालने में मदद कर सकते हैं। फिर भी लागत, दक्षता और डिलीवरी से जुड़े आंकड़े मुख्य रूप से Alibaba Cloud और संबंधित रिपोर्टों पर आधारित हैं, इसलिए हर प्रोजेक्ट में स्वतंत्र सत्यापन जरूरी रहेगा।