लीक हुए रोडमैप में 2026 के लिए चार नए स्मार्ट ग्लास मॉडल्स शामिल हैं, हर एक का एक कोड-नेम और एक टारगेट विंडो है ।
यह योजना सिर्फ़ चश्मों तक सीमित नहीं है। मेटा एक "AI पेंडेंट" (गले में पहनने वाला AI साथी, कोडनेम "Hatch") और प्रायोगिक "सुपरसेंसिंग" प्रोटोटाइप पर भी काम कर रही है जिसमें हमेशा चालू रहने वाले एनवायरनमेंटल सेंसर और एक विवादास्पद फेशियल रिकॉग्निशन फ़ीचर शामिल है, जिसे "नेम टैग" का कोडनेम दिया गया है । इन उत्पादों को "वियरेबल्स फ़ॉर वर्क" नामक एक बिज़नेस सब्सक्रिप्शन के साथ विकसित किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य 1 करोड़ यूनिट का आँकड़ा छूना है
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10 जून, 2026 को क्वालकॉम ने एक रहस्यमयी टीज़र जारी कर अपने एक्सटेंडेड-रियलिटी (XR) प्लैटफ़ॉर्म के लिए "कुछ नया" आने का वादा किया: यह एक "ज़्यादा स्मार्ट और ज़्यादा इमर्सिव" अनुभव होगा, जो ज़्यादातर जानकारों के अनुसार इसकी अगली पीढ़ी की स्नैपड्रैगन XR चिप से संचालित होगा । कंपनी का Meta Connect पर मेटा के हार्डवेयर के साथ ही अपनी फ्लैगशिप XR सिलिकॉन पेश करने का एक पुख़्ता इतिहास रहा है। मिसाल के तौर पर, स्नैपड्रैगन XR2 Gen 2 को 2023 में Quest 3 के साथ लॉन्च किया गया था, और उससे पहले XR2+ Gen 1 Quest Pro के साथ आया था
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रिपोर्ट्स में पहले ही बताया जा चुका है कि आने वाला Qualcomm XR X3 चिपसेट मेटा के Quest 4 और Quest 4S का प्रोसेसिंग कोर होगा, जो "पिछली पीढ़ियों की तुलना में परफ़ॉर्मेंस में काफ़ी इज़ाफ़ा" करेगा । हालांकि क्वालकॉम ने आधिकारिक तौर पर जगह की पुष्टि नहीं की है, मगर Meta Connect का सितंबर का समय चिपमेकर की टीज़र टाइमलाइन से बिल्कुल मेल खाता है, जिससे यह औपचारिक घोषणा के लिए सबसे उपयुक्त मंच बन जाता है
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बरसों तक मेटा का स्मार्ट-ग्लास की दुनिया पर लगभग एकाधिकार था। 2026 में वो दौर ख़त्म होने जा रहा है।
सैमसंग और गूगल ने मई 2026 में Google I/O के दौरान अपनी पहली जॉइंट AI ग्लासेज़ पेश करके एक साफ़ चुनौती दी है, जो Android XR और Gemini AI पर बनी हैं। इस प्रॉडक्ट का शिपमेंट इसी शरद ऋतु (Meta Connect के आसपास) शुरू होने वाला है, और इसके लिए उन्होंने वॉर्बी पार्कर और जेंटल मॉन्स्टर जैसे फ़ैशन ब्रांड्स से साझेदारी की है । विश्लेषक पहले ही इसे "दूसरे नंबर की रेस" कह रहे हैं, लेकिन सैमसंग-गूगल-क्वालकॉम का गठबंधन मेटा के वर्चस्व को पहली बार एक विश्वसनीय चुनौती दे रहा है
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इस बीच, एपल को देरी का सामना करना पड़ रहा है। "N50" कोडनेम वाले एपल के पहले कंज़्यूमर स्मार्ट ग्लास अब 2027 के आख़िर तक खिसक गए हैं, जबकि ब्लूमबर्ग ने पहले 2026 के हॉलिडे सीज़न का लक्ष्य रखा था । इसका मतलब है कि मेटा को इस कैटेगरी में कम से कम एक और साल का लगभग एकाधिकार और मिल गया है। जब एपल का डिवाइस आख़िरकार लॉन्च होगा, तो इसके एपल इकोसिस्टम के साथ गहरे एकीकरण पर काफ़ी ज़ोर देने की उम्मीद है
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IDC और काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक़, 2025 के मध्य तक मेटा के पास वैश्विक XR/स्मार्ट-ग्लास शिपमेंट में लगभग 72-73% हिस्सेदारी थी । लेकिन सैमसंग, गूगल और कई चीनी प्रतिस्पर्धियों के आने से कुल AI स्मार्ट ग्लास बाज़ार के 2026 में लगभग 1.6 करोड़ (16 मिलियन) यूनिट तक पहुँचने का अनुमान है, जोकि स्मार्ट एनालिटिक्स ग्लोबल के अनुसार, साल-दर-साल 85% की ज़बरदस्त छलांग होगी
। इस बढ़त का मतलब है कि बाज़ार का आकार तो बढ़ रहा है, लेकिन मेटा की हिस्सेदारी को बचाए रखना उतना ही मुश्किल होता जाएगा। विश्लेषकों का अनुमान है कि 2030 तक एपल, सैमसंग और मेटा शीर्ष तीन विक्रेताओं के रूप में मज़बूती से स्थापित हो जाएंगे
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Meta Connect 2026 अब एक प्रॉडक्ट लॉन्च का मौक़ा भर नहीं है। यह वो पल है जब मेटा को न सिर्फ़ यह साबित करना होगा कि वह अपनी बनाई इस पूरी कैटेगरी का नेतृत्व कर सकता है, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों को पीछे भी रख सकता है। स्मार्ट ग्लास की जंग अब कल्पना नहीं, हक़ीक़त है, और इसकी शुरुआत इसी सितंबर में मेनलो पार्क से होगी।
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