विश्व बैंक के अनुसार, इस कार्यक्रम से कई महत्वपूर्ण विकास परिणाम सामने आ सकते हैं:
ये आंकड़े दिखाते हैं कि गारंटी मॉडल बड़े पैमाने के बुनियादी ढांचे और सेवा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
गारंटी कार्यक्रम मुख्य रूप से ऐसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के लिए बनाया गया है जहां रोजगार और आर्थिक प्रभाव ज्यादा होता है। इनमें शामिल हैं:
दो प्रमुख पहलें जिन्हें इस कार्यक्रम से फायदा मिल सकता है:
इस रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है World Bank Group Guarantee Platform, जिसे 2024 में शुरू किया गया और जो MIGA के अंतर्गत संचालित होता है।
यह प्लेटफॉर्म तीन संस्थानों की गारंटी विशेषज्ञता को एक जगह लाता है:
इसका उद्देश्य है:
लंबी अवधि में लक्ष्य है कि 2030 तक विश्व बैंक समूह की कुल वार्षिक गारंटी जारी करने की क्षमता लगभग $20 अरब तक पहुंच जाए।
अफ्रीका की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, लेकिन निवेश का स्तर अभी भी विकास की जरूरतों से कम है। इसका एक बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच जोखिम की धारणा है।
गारंटी इस समस्या को सीधे संबोधित करती हैं। जब विश्व बैंक जैसी उच्च‑रेटिंग वाली संस्था किसी परियोजना को समर्थन देती है, तो निवेशकों और बैंकों के लिए वह परियोजना ज्यादा सुरक्षित और वित्तपोषण योग्य लगती है।
दांव भी बड़ा है। अनुमान है कि अगले 30 वर्षों में अफ्रीका की कामकाजी उम्र की आबादी करीब 74 करोड़ लोगों से बढ़ेगी, और हर साल लगभग 1.2 करोड़ युवा रोजगार बाजार में प्रवेश करेंगे। इतने बड़े श्रमबल को अवसर देने के लिए ऊर्जा, डिजिटल सेवाओं, उद्योग और बुनियादी ढांचे में भारी निवेश जरूरी होगा।
MIGA द्वारा 2030 तक अफ्रीका में हर साल $6.4 अरब की गारंटी जारी करने की योजना निजी निवेश को आकर्षित करने की दिशा में बड़ा कदम है। जोखिम कम करने वाले इस मॉडल के जरिए विश्व बैंक समूह करीब $23 अरब निजी पूंजी जुटाने, महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने और लगभग 19 करोड़ लोगों तक बुनियादी सेवाएं पहुंचाने की उम्मीद कर रहा है।
अगर यह रणनीति सफल रहती है, तो यह दिखा सकती है कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में केवल ऋण ही नहीं बल्कि जोखिम‑साझाकरण वाली वित्तीय व्यवस्थाएं भी बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं को संभव बना सकती हैं।
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