रिज़ेट्टा पहले से ही खेल क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे इटली के Serie C क्लब Campobasso और शीर्ष बास्केटबॉल लीग की टीम Napoli Basket से भी जुड़े हुए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि Football Benchmark की मई 2025 की वैल्यूएशन में Napoli की कीमत लगभग €1.1 अरब आंकी गई थी। ऐसे में €2 अरब की पेशकश उस अनुमान से लगभग दोगुनी थी।
रिपोर्टों के अनुसार इस फैसले का कारण कीमत नहीं था। De Laurentiis का रुख साफ था: Napoli बिक्री के लिए नहीं है।
उन्होंने पहले भी कई मौकों पर कहा है कि क्लब उनके लिए सिर्फ निवेश नहीं बल्कि एक “फैमिली टॉय” जैसा है—यानी परिवार से जुड़ा निजी प्रोजेक्ट।
इसी सोच के कारण, चाहे प्रस्ताव अरबों यूरो का क्यों न हो, उन्होंने क्लब बेचने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
Corriere dello Sport की रिपोर्टों के मुताबिक, निवेशकों और Napoli के बीच बातचीत बहुत शुरुआती चरण में ही रुक गई।
सामान्य तौर पर किसी भी बड़े अधिग्रहण से पहले “ड्यू‑डिलिजेंस” होता है—जिसमें क्लब की वित्तीय स्थिति, कानूनी दायित्व और संपत्तियों की गहन जांच की जाती है। लेकिन यहां मामला उस चरण तक पहुंचने से पहले ही खत्म हो गया, क्योंकि De Laurentiis ने प्रस्ताव को सीधे अस्वीकार कर दिया।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि अमेरिकी कंसोर्टियम को उम्मीद थी कि भविष्य में बातचीत फिर शुरू हो सकती है, हालांकि मालिक का सार्वजनिक रुख अब भी वही है।
यह पहली बार नहीं है जब Napoli के मालिक ने इतनी बड़ी रकम का ऑफर ठुकराया हो।
De Laurentiis ने पहले दावा किया था कि उन्होंने €2.5 अरब की पेशकश भी ठुकरा दी थी। उस समय भी उन्होंने कहा था कि उन्हें क्लब बेचने की कोई जरूरत महसूस नहीं हुई।
इन बयानों से यह साफ होता है कि उनके लिए Napoli केवल एक व्यापारिक संपत्ति नहीं बल्कि व्यक्तिगत लगाव का विषय है।
उपलब्ध रिपोर्टों में कंसोर्टियम की पूरी सूची सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन मोटे तौर पर इसे इस तरह बताया गया है:
यह फर्म खेल, मीडिया और रियल‑एस्टेट से जुड़े एसेट्स में निवेश पर ध्यान देती है और इसके पीछे कई हाई‑नेट‑वर्थ निवेशकों और फैमिली ऑफिस का समर्थन बताया जाता है।
हालांकि यह सौदा नहीं हो पाया, लेकिन यह घटना एक बड़े ट्रेंड को दिखाती है: यूरोपीय फुटबॉल क्लबों में अमेरिकी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी।
पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका के निवेशकों ने कई बड़े क्लबों में हिस्सेदारी खरीदी है। इसके पीछे कारण हैं:
Napoli का मामला यह भी दिखाता है कि चाहे ऑफर कितना भी बड़ा क्यों न हो, अंतिम फैसला क्लब के मालिक के हाथ में ही रहता है। अगर मालिक बेचने के इच्छुक नहीं हैं, तो अरबों यूरो की बोली भी सौदा तय नहीं कर पाती।
फिलहाल स्थिति साफ है: Aurelio De Laurentiis के लिए Napoli अभी भी बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है।
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