रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका 30 सितंबर के बाद पेशमर्गा के साथ मौजूदा सहायता समझौते को आगे बढ़ाने की योजना नहीं बना रहा है। इसके तहत वित्त वर्ष 2026 में हथियारों, प्रशिक्षण और भुगतान के लिए लगभग 61 मिलियन डॉलर दिए गए थ... समझौते की अवधि खत्म होने की तारीख इराक से अमेरिकी और गठबंधन बलों की प्रस्तावित वापसी, आईएस विरोध...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is the reported U.S. plan to end military aid to Iraq’s approximately 180,000-member Kurdish Peshmerga force by allowing the 2016 secur. Article summary: The reported plan is not an announced final policy but a Pentagon indication to Kurdish leaders that it does not intend to renew the U.S.–Kurdistan Regional Government security-assistance memorandum when it expires on Se. Topic tags: general, news, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers
अमेरिकी सैन्य सहायता बंद होने की खबर अभी किसी अंतिम, आधिकारिक नीति की पुष्टि नहीं करती। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पेंटागन ने इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र के नेताओं को संकेत दिया है कि वह कुर्द सुरक्षा बल पेशमर्गा के साथ मौजूदा सुरक्षा समझौते को आगे नहीं बढ़ाना चाहता। इस समझौते की अवधि 30 सितंबर को खत्म हो रही है—उसी दिन इराक से अमेरिका और उसके गठबंधन सहयोगियों की बची हुई सैन्य मौजूदगी समाप्त करने की योजना है। इसके साथ ही ‘इस्लामिक स्टेट’ (आईएस; कई देशों में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन) के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभियान भी औपचारिक रूप से खत्म होने की उम्मीद है। 1
अमेरिका और कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार के बीच सुरक्षा सहयोग का यह समझौता पहली बार 2016 में हुआ था और आखिरी बार 2022 में बढ़ाया गया था। इसका एक प्रमुख उद्देश्य लगभग 1,80,000 सदस्यों वाले पेशमर्गा बलों में सुधार करना और उन्हें एकीकृत करना था। आईएस के खिलाफ लड़ाई में पेशमर्गा अमेरिका के अहम स्थानीय साझेदारों में शामिल रहा है। 1
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अगर समझौता बिना किसी नए विकल्प या विस्तार के खत्म हो जाता है, तो कुर्द बलों को अमेरिकी सहायता देने का मौजूदा प्रत्यक्ष तंत्र भी समाप्त हो जाएगा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में पेशमर्गा के उपकरण, प्रशिक्षण और भुगतान के लिए लगभग 61 मिलियन डॉलर का प्रावधान था। 1
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हालांकि, इसका यह अर्थ जरूरी नहीं है कि वॉशिंगटन और एरबिल के बीच सभी संपर्क तुरंत टूट जाएंगे। संभावित स्थिति यह हो सकती है कि मौजूदा सहायता तंत्र समाप्त हो, लेकिन राजनयिक संबंध बने रहें और सहयोग के दूसरे रास्ते तलाशे जाएं।
30 सितंबर की तारीख इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन इराक से अमेरिका और अन्य गठबंधन देशों के अंतिम सैनिकों की वापसी की योजना है। इसके बाद आईएस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभियान औपचारिक रूप से समाप्त होगा और इराकी कुर्द राजधानी एरबिल में स्थित अमेरिकी सैन्य केंद्र भी बंद हो सकता है। 1
इस बदलाव के तहत आतंकवाद-रोधी अभियानों की मुख्य जिम्मेदारी इराकी सुरक्षा बलों को सौंपे जाने की उम्मीद है। इससे देश की आंतरिक सुरक्षा पर नियंत्रण बगदाद की केंद्रीय सरकार के हाथों में लौटेगा और इराक की राष्ट्रीय संप्रभुता मजबूत करने के अमेरिकी लक्ष्य के अनुरूप कदम उठेगा। 1
पेशमर्गा के लिए इसका मतलब अमेरिकी समर्थन में कमी और कुर्द सुरक्षा बलों के विकास पर वॉशिंगटन के प्रभाव में गिरावट हो सकता है। अब तक सहयोग केवल हथियार और प्रशिक्षण तक सीमित नहीं था; इसके तहत कुर्दिस्तान के अलग-अलग राजनीतिक केंद्रों के प्रभाव में काम करने वाली इकाइयों में सुधार और एकीकरण की कोशिश भी की जाती रही है। 2
रिपोर्टों में सामने आया रुख बहुपक्षीय सैन्य अभियान से इराक के साथ सीधे, द्विपक्षीय संबंधों की ओर बदलाव का संकेत देता है। वॉशिंगटन राजनयिक संबंध बनाए रखना चाहता है और आगे रक्षा सहयोग सीधे बगदाद के साथ करने पर विचार कर सकता है। इसके घोषित रणनीतिक उद्देश्यों में इराक को अपनी सुरक्षा की अधिक जिम्मेदारी देना और ईरान से जुड़े सशस्त्र समूहों के प्रभाव को सीमित करना शामिल है। 1
अमेरिकी सैनिकों की वापसी और सैन्य केंद्र बंद होने से ईरान या उसके समर्थित समूहों की ओर से होने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों के सामने अमेरिकी कर्मियों का जोखिम भी घट सकता है। हालांकि, इसकी कीमत अमेरिका को इराक में कुछ परिचालन प्रभाव और आईएस के खिलाफ कुर्द बलों को सीधे समर्थन देने की क्षमता खोकर चुकानी पड़ सकती है। 1
कुर्द अधिकारियों ने इस घटनाक्रम को पहले ही लिया जा चुका अंतिम निर्णय मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि पेशमर्गा मंत्रालय को वित्तीय सहायता रोकने के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है और मौजूदा समझौते के तहत सहायता व सहयोग जारी है। 2
इसीलिए अमेरिकी समर्थन के ‘पूरी तरह बंद’ होने की बात को सावधानी से देखना जरूरी है। कम-से-कम तीन संभावनाएं बनी हुई हैं: समझौता बिना किसी नए प्रबंध के खत्म हो जाए, दोनों पक्ष किसी नए प्रारूप पर सहमत हों, या अंतिम समय में इसका विस्तार कर दिया जाए। उपलब्ध रिपोर्टें मौजूदा तंत्र को आगे न बढ़ाने के अमेरिकी इरादे की ओर इशारा करती हैं, लेकिन यह साबित नहीं करतीं कि अंतिम औपचारिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 1
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पेशमर्गा के साथ समझौता न बढ़ाना इराक में अमेरिकी नीति के बड़े बदलाव का हिस्सा होगा—अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभियान से हटकर इराकी सुरक्षा बलों को मुख्य जिम्मेदारी देने की दिशा में। इससे अमेरिका के लिए अपने सैनिकों पर हमलों का जोखिम कम हो सकता है और इराक की संप्रभुता पर जोर बढ़ सकता है। दूसरी ओर, पेशमर्गा को वित्तपोषण, प्रशिक्षण और अमेरिकी समर्थन के भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा।
फिलहाल सबसे सटीक निष्कर्ष यही है: रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका 30 सितंबर के बाद मौजूदा समझौते को आगे बढ़ाने का इच्छुक नहीं है, लेकिन कुर्द अधिकारियों का कहना है कि उन्हें कोई अंतिम आधिकारिक निर्णय नहीं बताया गया है। 1
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रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका 30 सितंबर के बाद पेशमर्गा के साथ मौजूदा सहायता समझौते को आगे बढ़ाने की योजना नहीं बना रहा है। इसके तहत वित्त वर्ष 2026 में हथियारों, प्रशिक्षण और भुगतान के लिए लगभग 61 मिलियन डॉलर दिए गए थ...
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका 30 सितंबर के बाद पेशमर्गा के साथ मौजूदा सहायता समझौते को आगे बढ़ाने की योजना नहीं बना रहा है। इसके तहत वित्त वर्ष 2026 में हथियारों, प्रशिक्षण और भुगतान के लिए लगभग 61 मिलियन डॉलर दिए गए थ... समझौते की अवधि खत्म होने की तारीख इराक से अमेरिकी और गठबंधन बलों की प्रस्तावित वापसी, आईएस विरोधी अंतरराष्ट्रीय अभियान के औपचारिक समापन और एरबिल स्थित अमेरिकी सैन्य केंद्र के बंद होने से मेल खाती है। [1]
वॉशिंगटन इराक के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखने और आगे द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की दिशा में बढ़ सकता है, जबकि कुर्द अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी सहायता और सहयोग अभी जारी है। [1][2]