रिसर्चर ने कथित तौर पर उन्हें दिखाया कि वेबसाइट की कमजोरी के कारण उनका अपना डेटा — जैसे ईमेल और मेलिंग एड्रेस — ऑनलाइन दिखाई दे रहा था। Coffeezilla ने बाद में कहा कि इस खामी के जरिए कई अन्य ग्राहकों की जानकारी भी एक्सेस की जा सकती थी।
इसके बाद दोनों क्रिएटर्स ने अपने वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में इस मुद्दे पर चर्चा की, जिससे यह खबर व्यापक रूप से फैल गई।
अभी तक प्रभावित ग्राहकों की सटीक संख्या आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
हालाँकि रिपोर्ट्स में कुछ अनुमान सामने आए हैं:
क्योंकि सिस्टम के जरिए ऑर्डर डेटा ब्राउज़ किया जा सकता था, इसलिए असल में कितने ग्राहकों की जानकारी उजागर हुई — यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन संख्या हजारों में होने की संभावना बताई गई है।
डेटा लीक का मामला ऐसे समय सामने आया जब T1 स्मार्टफोन की लॉन्चिंग पहले से ही कई समस्याओं से घिरी हुई थी।
मुख्य विवादों में शामिल हैं:
स्पेसिफिकेशन में बदलाव: उत्पाद पेज पर फोन के कुछ हार्डवेयर विवरण विकास के दौरान बदले गए, जिससे ग्राहकों में भ्रम पैदा हुआ।
ऑर्डर और सपोर्ट समस्याएँ: रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी ने डेटा लीक और प्रीऑर्डर सिस्टम से जुड़े सवालों पर सीमित प्रतिक्रिया दी।
प्रीऑर्डर संख्या पर सवाल: वेबसाइट के डेटा से संकेत मिला कि करीब 30,000 ऑर्डर थे, जो ऑनलाइन वायरल दावों से काफी कम थे।
T1 फोन को शुरू में “Made in the USA” के रूप में प्रचारित किया गया था, ताकि इसे अमेरिकी निर्माण का प्रतीक बताया जा सके।
लेकिन विशेषज्ञों ने जल्द ही इस दावे पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि:
इसके बाद कंपनी ने कहा कि फोन अमेरिका में असेंबल किया जाता है, लेकिन इसके पुर्जों और निर्माण प्रक्रिया के बारे में सार्वजनिक जानकारी स्पष्ट नहीं थी।
विश्लेषकों ने T1 फोन की तुलना T‑Mobile REVVL 7 Pro 5G से भी की, जो कथित तौर पर चीनी कंपनी Wingtech द्वारा बनाया जाता है।
कई विशेषज्ञों ने दोनों डिवाइस के हार्डवेयर स्पेसिफिकेशन और डिजाइन में समानताएँ बताईं। इससे यह अटकलें शुरू हो गईं कि T1 शायद पूरी तरह नया फोन नहीं बल्कि पहले से मौजूद एंड्रॉयड डिवाइस का रीब्रांडेड या संशोधित संस्करण हो सकता है।
स्मार्टफोन उद्योग में ऐसी ODM (Original Design Manufacturer) व्यवस्था आम है, लेकिन चूँकि T1 को एक विशिष्ट “अमेरिकी” फोन के रूप में पेश किया गया था, इसलिए यह मुद्दा और ज्यादा विवादास्पद बन गया।
Trump Mobile के इस कथित डेटा लीक ने कई कारणों से ध्यान खींचा: