यूरोप का बैंकिंग सेक्टर अब अपने स्वयं के विनियमित डिजिटल मुद्रा ढांचे की ओर बढ़ रहा है। इस प्रयास के केंद्र में है Qivalis, एक एम्स्टर्डम‑आधारित कंसोर्टियम जिसमें कई बड़े यूरोपीय बैंक मिलकर MiCA‑अनुपालन (Markets in Crypto‑Assets Regulation) वाला यूरो स्टेबलकॉइन बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
शुरुआत में यह पहल कुछ बड़े बैंकों तक सीमित थी, लेकिन समय के साथ यह एक व्यापक पैन‑यूरोपीय परियोजना बन गई है जिसका उद्देश्य ब्लॉकचेन नेटवर्क पर विनियमित यूरो‑लिक्विडिटी उपलब्ध कराना है।
Qivalis यूरोपीय बैंकों द्वारा स्थापित एक संयुक्त उद्यम है जिसका उद्देश्य यूरो‑मूल्यांकित स्टेबलकॉइन जारी करना है। यह संस्था नीदरलैंड्स में पंजीकृत है और लॉन्च से पहले De Nederlandsche Bank (DNB) — यानी नीदरलैंड्स के केंद्रीय बैंक — से इलेक्ट्रॉनिक मनी संस्थान (Electronic Money Institution) के रूप में लाइसेंस लेने की प्रक्रिया में है।
इसका स्टेबलकॉइन 1:1 अनुपात में वास्तविक यूरो से समर्थित होगा। इसका उद्देश्य बैंक‑मनी का एक डिजिटल रूप बनाना है जिसका उपयोग भुगतान, सेटलमेंट और टोकनाइज़्ड एसेट बाज़ारों में किया जा सके।
अगर नियामकीय मंज़ूरी मिलती है, तो कंसोर्टियम इसे 2026 की दूसरी छमाही में लॉन्च करने का लक्ष्य रखता है।
यह परियोजना कुछ प्रमुख यूरोपीय बैंकों के साथ शुरू हुई थी, लेकिन तेजी से विस्तार हुआ।
शुरुआती प्रतिभागियों में शामिल थे:
मई 2026 में 25 अतिरिक्त बैंकों के शामिल होने से कंसोर्टियम का आकार बढ़कर 15 देशों के 37 वित्तीय संस्थानों तक पहुंच गया।
नए शामिल हुए कुछ प्रमुख बैंक हैं:
और भी कई यूरोपीय बैंक इस पहल का हिस्सा बने हैं।
यह विस्तार दिखाता है कि यूरोपीय बैंक अलग‑अलग प्रतिस्पर्धी टोकन बनाने के बजाय एक साझा डिजिटल वित्तीय ढांचा तैयार करना चाहते हैं।
इस पहल के पीछे एक बड़ा कारण है क्रिप्टो बाजार में अमेरिकी डॉलर‑आधारित स्टेबलकॉइनों का दबदबा।
USDT और USDC जैसे डॉलर‑पेग्ड टोकन वैश्विक स्टेबलकॉइन सप्लाई का अधिकांश हिस्सा बनाते हैं, जबकि यूरो का हिस्सा अपेक्षाकृत छोटा है।
यूरोपीय बैंक और नीति‑निर्माता इसे रणनीतिक कमी के रूप में देख रहे हैं। एक बैंक‑समर्थित यूरो स्टेबलकॉइन:
साझा कंसोर्टियम मॉडल से यह भी सुनिश्चित होता है कि हर बैंक अपना अलग स्टेबलकॉइन लॉन्च करके बाज़ार को खंडित न करे।
इस परियोजना में पारंपरिक बैंकिंग सुरक्षा उपायों को ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जोड़ा जाएगा।
मुख्य विशेषताएँ:
1:1 यूरो बैकिंग
हर टोकन पूरी तरह यूरो से समर्थित होगा, जो MiCA के इलेक्ट्रॉनिक मनी टोकन नियमों के अनुरूप पारदर्शिता और रिज़र्व सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
नियामकीय निगरानी
स्टेबलकॉइन जारी करने वाली इकाई—Qivalis—डच केंद्रीय बैंक की निगरानी में काम करेगी, बशर्ते इसका इलेक्ट्रॉनिक मनी लाइसेंस मंज़ूर हो जाए।
संस्थागत उपयोग पर फोकस
शुरुआती चरण में इसका उपयोग मुख्यतः संस्थानों द्वारा किया जा सकता है, जैसे:
साझा गवर्नेंस मॉडल
किसी एक निजी कंपनी के बजाय इसमें शामिल बैंक सामूहिक रूप से परियोजना का संचालन और निर्णय‑प्रक्रिया संभालेंगे।
कंसोर्टियम ने Fireblocks को अपना मुख्य तकनीकी साझेदार चुना है।
Fireblocks निम्नलिखित सुविधाएँ प्रदान करेगा:
ये सिस्टम स्टेबलकॉइन के जारीकरण, वितरण और पूरे जीवनचक्र प्रबंधन को सपोर्ट करेंगे।
स्टेबलकॉइन लॉन्च से पहले Qivalis को नीदरलैंड्स में नियामकीय मंज़ूरी प्राप्त करनी होगी। यह संस्था MiCA ढांचे के तहत इलेक्ट्रॉनिक मनी संस्थान के रूप में लाइसेंस के लिए आवेदन कर रही है, जिससे इसे पूरे यूरोपीय संघ में यूरो‑समर्थित टोकन जारी करने की अनुमति मिल सकेगी।
यदि मंज़ूरी मिलती है, तो परियोजना का लक्ष्य 2026 की दूसरी छमाही में व्यावसायिक लॉन्च करना है।
Qivalis वैश्विक वित्त में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है: पारंपरिक बैंक अब ब्लॉकचेन‑आधारित वित्तीय इंफ्रास्ट्रक्चर खुद विकसित कर रहे हैं, बजाय इसे केवल क्रिप्टो‑नेटिव कंपनियों पर छोड़ने के।
अगर यह पहल सफल होती है, तो यह डिजिटल बाज़ारों में विनियमित यूरो लिक्विडिटी स्थापित कर सकती है और यूरोप के उभरते डिजिटल‑एसेट इकोसिस्टम में भुगतान, ट्रेडिंग और सेटलमेंट के तरीके को बदल सकती है।
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Qivalis एम्स्टर्डम‑आधारित यूरोपीय बैंक कंसोर्टियम है जो EU के MiCA नियमों के तहत 1:1 यूरो‑समर्थित स्टेबलकॉइन बना रहा है; मई 2026 तक इसमें 15 देशों के 37 बैंक शामिल हो चुके हैं।
Qivalis एम्स्टर्डम‑आधारित यूरोपीय बैंक कंसोर्टियम है जो EU के MiCA नियमों के तहत 1:1 यूरो‑समर्थित स्टेबलकॉइन बना रहा है; मई 2026 तक इसमें 15 देशों के 37 बैंक शामिल हो चुके हैं। यह स्टेबलकॉइन शुरुआती तौर पर संस्थागत उपयोग—जैसे इंटरबैंक सेटलमेंट, कॉर्पोरेट ट्रेज़री ट्रांसफर और टोकनाइज़्ड एसेट ट्रेडिंग—के लिए बनाया जा रहा है और इसका तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर Fireblocks प्रदान करेगा।
यूरोपीय बैंक इस पहल के जरिए USDT और USDC जैसे अमेरिकी डॉलर‑आधारित स्टेबलकॉइनों पर निर्भरता कम करना और यूरोप के नियामकीय ढांचे के भीतर डिजिटल वित्तीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना चाहते हैं।