रिपोर्टों में इस व्यवस्था को किसी औपचारिक संधि की बजाय एक प्रारंभिक ढांचा या मेमोरेंडम बताया गया है। इसका उद्देश्य तुरंत तनाव कम करना और लंबी अवधि की वार्ताओं का रास्ता खोलना है।
अधिकारियों के हवाले से सामने आए संभावित बिंदुओं में शामिल हैं:
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि समझौते के तहत हालिया संघर्ष को औपचारिक रूप से समाप्त घोषित करने का कदम भी शामिल हो सकता है।
इस प्रस्ताव का सबसे अहम हिस्सा Strait of Hormuz (होर्मुज़ जलडमरूमध्य) को फिर से खोलना है। यह फारस की खाड़ी को खुले समुद्र से जोड़ने वाला संकरा समुद्री मार्ग है और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन रास्तों में से एक माना जाता है।
यहां से दुनिया के तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसलिए यदि यह मार्ग बाधित होता है, तो वैश्विक तेल बाजार और ऊर्जा कीमतों पर तुरंत असर पड़ सकता है।
ट्रम्प और वार्ता से जुड़े अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित समझौता इस जलमार्ग को फिर से खोलने और हाल के युद्ध के दौरान लगे प्रतिबंधों को समाप्त करने का रास्ता दे सकता है।
रिपोर्टों के मुताबिक एक और अहम मुद्दा है ईरान को सीमित रूप से तेल बेचने की अनुमति देना।
यह कदम ईरान के लिए आर्थिक प्रोत्साहन का काम कर सकता है ताकि वह युद्धविराम बनाए रखे और आगे की कूटनीतिक बातचीत में शामिल रहे। हालांकि यह राहत अस्थायी हो सकती है और वार्ताओं की प्रगति से जुड़ी होगी।
प्रस्तावित ढांचा ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नई कूटनीतिक प्रक्रिया शुरू करने का भी लक्ष्य रखता है।
रिपोर्टों के अनुसार समझौते के बाद लगभग दो महीनों की परमाणु वार्ताएँ शुरू हो सकती हैं, जिनमें यूरेनियम संवर्धन की सीमा और अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार जैसे मुद्दे शामिल होंगे।
लेकिन यह वार्ता सबसे जटिल हिस्सों में से एक मानी जा रही है और इसके कई विवरण अभी तय नहीं हुए हैं।
मध्य पूर्व के कुछ नेताओं ने इस कूटनीतिक प्रयास का समर्थन किया है। तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोआन ने ट्रम्प और अन्य क्षेत्रीय नेताओं के साथ बातचीत में कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करने वाला कोई भी समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
तुर्किये ने यह भी संकेत दिया है कि यदि समझौता होता है तो वह उसके क्रियान्वयन में मदद देने के लिए तैयार है।
हालांकि प्रगति की खबरों के बावजूद समझौते के कई पहलू अभी विवादित हैं।
ईरान से जुड़े मीडिया संस्थानों ने ट्रम्प के कुछ दावों—खासकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने के तरीके—पर सवाल उठाए हैं। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रस्ताव के तहत जलमार्ग के संचालन में ईरान की भूमिका अधिक हो सकती है, जो ट्रम्प के वर्णन से अलग है।
यह मतभेद दिखाता है कि बातचीत अभी जारी है और अंतिम समझौते से पहले शर्तों में बदलाव संभव है।
वर्तमान स्थिति यह बताती है कि अमेरिका, ईरान और मध्यस्थ देशों के बीच एक संभावित ढांचा तैयार हो चुका है, जिसमें चार मुख्य लक्ष्य हैं:
फिर भी अधिकारियों का कहना है कि समझौता अभी अंतिम रूप में नहीं है और प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा जारी है।
यदि यह समझौता पूरा हो जाता है, तो इसे हाल के संघर्ष के बाद क्षेत्र में तनाव कम करने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जा सकता है।