महत्वपूर्ण बात यह है कि Flipcash ने USDF के लिए अलग से रिज़र्व सिस्टम नहीं बनाया। यह टोकन Coinbase के Custom Stablecoins इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से जारी होता है और USDC पर आधारित बैकिंग का उपयोग करता है।
Coinbase ने दिसंबर 2025 में Custom Stablecoins प्रोग्राम शुरू किया था ताकि कंपनियाँ अपने नाम से डॉलर‑आधारित टोकन लॉन्च कर सकें।
यह पूरी तरह नई stablecoin नेटवर्क बनाने के बजाय एक white‑label इंफ्रास्ट्रक्चर की तरह काम करता है।
इस प्रोग्राम के तहत जारी किए गए टोकन—जैसे USDF—को Circle के USDC से 1:1 अनुपात में समर्थित रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
यानी टोकन की स्थिरता किसी नए रिज़र्व पर नहीं बल्कि पहले से स्थापित USDC इकोसिस्टम पर आधारित होती है।
कंपनियाँ Coinbase के सिस्टम का उपयोग करके अपने टोकन बना और मैनेज कर सकती हैं। इससे उन्हें खुद का पूरा issuance इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की आवश्यकता नहीं रहती।
यह सेवा मूल रूप से white‑label stablecoin प्लेटफ़ॉर्म की तरह काम करती है—जहाँ तकनीकी ऑपरेशन Coinbase संभालता है।
रिपोर्टों के अनुसार इन टोकनों को सपोर्ट करने वाला USDC कोलेटरल Coinbase की कस्टडी में रखा जा सकता है, जिससे रिज़र्व प्रबंधन सीधे Coinbase सिस्टम से जुड़ा रहता है।
चूंकि टोकन USDC से समर्थित हैं, इसलिए वे Coinbase‑समर्थित ब्लॉकचेन नेटवर्क और USDC की व्यापक लिक्विडिटी से भी जुड़ जाते हैं।
Flipcash का उद्देश्य समुदायों को अपनी डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने की सुविधा देना है। ऐसे सिस्टम में USDF एक बेस करेंसी के रूप में काम करता है।
इसकी तीन मुख्य भूमिकाएँ हैं:
• Unit of account: समुदायों में वस्तुओं, सेवाओं या रिवॉर्ड की कीमत USDF में तय की जा सकती है।
• Settlement layer: प्लेटफ़ॉर्म के भीतर लेन‑देन अंततः USDF के माध्यम से सेटल हो सकते हैं।
• Reference currency: Flipcash पर बनने वाली अलग‑अलग कम्युनिटी करेंसी के लिए यह एक स्थिर डॉलर बेंचमार्क देता है।
इससे प्लेटफ़ॉर्म पर कई छोटे टोकनों के बीच कीमतों की अव्यवस्था कम हो जाती है और वैल्यू एक स्थिर यूनिट के जरिए प्रवाहित होती है।
Coinbase ने अपने Custom Stablecoins फ्रेमवर्क को व्यापक रूप से लॉन्च करने से पहले कुछ कंपनियों के साथ इसका परीक्षण किया।
रिपोर्टों के अनुसार शुरुआती प्रतिभागियों में शामिल थे:
• Flipcash — जिसने USDF बनाया।
• Solflare — जो इस पहल के तहत कस्टम टोकन विकसित कर रहा था।
• R2 — एक और कंपनी जो ब्रांडेड टोकन पर प्रयोग कर रही थी।
टेस्टिंग के शुरुआती चरण में USDF को Coinbase Exchange के बैकएंड पर सक्षम किया गया था, लेकिन उस समय सार्वजनिक ट्रेडिंग या डिपॉज़िट उपलब्ध नहीं थे।
USDF का लॉन्च केवल एक नया टोकन नहीं है। यह Coinbase की बड़ी रणनीति की झलक देता है—जहाँ कंपनी खुद stablecoin जारी करने के बजाय दूसरी कंपनियों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराती है।
जब अलग‑अलग कंपनियाँ USDC‑समर्थित टोकन जारी करती हैं, तो USDC का इकोसिस्टम और भी बड़ा हो सकता है जबकि हर कंपनी अपना ब्रांड बनाए रखती है।
कंपनियाँ कस्टम stablecoins का उपयोग भुगतान, रिवॉर्ड सिस्टम, लिक्विडिटी मैनेजमेंट या ट्रेजरी ऑपरेशन जैसे कामों में कर सकती हैं।
Stablecoins पहले से ही Coinbase के लिए महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत हैं। कंपनी ने Q4 2025 में stablecoin‑संबंधित लगभग 247 मिलियन डॉलर का राजस्व रिपोर्ट किया था।
USDF एक बड़े ट्रेंड की ओर इशारा करता है। पहले क्रिप्टो बाजार में कुछ ही बड़े stablecoins—जैसे USDT या USDC—हावी थे। अब इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियाँ ऐसे टूल बना रही हैं जिससे प्लेटफ़ॉर्म‑विशिष्ट ब्रांडेड डिजिटल डॉलर बनाए जा सकें।
अगर यह मॉडल बढ़ता है, तो भविष्य में stablecoins सिर्फ कुछ बड़े टोकनों तक सीमित नहीं रहेंगे। इसके बजाय अलग‑अलग प्लेटफ़ॉर्म और समुदाय अपनी जरूरत के हिसाब से टोकन जारी करेंगे—जबकि उनका आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर साझा रहेगा।
इसी वजह से USDF को कई विशेषज्ञ इस नए मॉडल का शुरुआती वास्तविक उदाहरण मानते हैं।
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