UNESCO के अनुसार यह संस्थान ज्ञान साझाकरण और सहयोगी शोध के लिए एक वैश्विक मंच की तरह काम करेगा, जिससे देश अपनी STEM शिक्षा प्रणालियों और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर सकेंगे।
UNESCO अधिकारियों के अनुसार चीन इस संस्थान के लिए एक “स्वाभाविक” स्थान था, क्योंकि विज्ञान, तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में देश की वैश्विक भूमिका तेजी से बढ़ी है। शंघाई विशेष रूप से अनुसंधान, नवाचार और प्रतिभा विकास में बड़े निवेश का उदाहरण माना जाता है।
संस्थान को चीन में स्थापित करना इस बात का भी संकेत है कि वैश्विक शोध और तकनीकी क्षमता का केंद्र धीरे‑धीरे एशिया की ओर बढ़ रहा है। चीन के तेजी से विकसित हुए STEM शिक्षा अनुभव से अन्य देशों को भी नीतियाँ और कार्यक्रम बनाने में मदद मिल सकती है।
यह कदम UNESCO और चीन के बीच शिक्षा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
IISTEM को Category 1 institute का दर्जा दिया गया है, जो UNESCO की संरचना में खास महत्व रखता है।
Category 1 संस्थान:
यह उन्हें Category 2 centres से अलग बनाता है, जो UNESCO के साथ सहयोग करते हैं लेकिन कानूनी रूप से स्वतंत्र संस्थाएँ होती हैं।
इसी कारण Category 1 संस्थान आम तौर पर अपने क्षेत्र में वैश्विक संदर्भ केंद्र (reference centres) की भूमिका निभाते हैं और सदस्य देशों को शोध, विशेषज्ञता और नीति सलाह प्रदान करते हैं।
IISTEM की खास बात यह भी है कि यह चीन में स्थापित पहला UNESCO Category 1 संस्थान है और दुनिया में ऐसे लगभग दस ही संस्थान हैं।
IISTEM का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर की शिक्षा प्रणालियों में STEM शिक्षा को मजबूत करना है—विशेषकर उन देशों में जहाँ संसाधन और तकनीकी क्षमता सीमित है।
संस्थान STEM शिक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक और ढाँचे तैयार करने में मदद करेगा। साथ ही यह सरकारों को राष्ट्रीय STEM रणनीतियाँ और कौशल ढाँचे बनाने में नीति सलाह देगा।
एक बड़ा फोकस शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर होगा—जिसमें बेहतर शिक्षक प्रशिक्षण, आधुनिक पाठ्यक्रम और शिक्षा योजना शामिल है।
IISTEM विभिन्न देशों के बीच सहयोगी शोध को बढ़ावा देगा और बेहतरीन शैक्षिक प्रथाओं के आदान‑प्रदान के लिए मंच तैयार करेगा।
इन देशों में अक्सर संसाधनों की कमी, प्रशिक्षित STEM शिक्षकों की कमी और तकनीकी बुनियादी ढाँचे की सीमाएँ जैसी चुनौतियाँ होती हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार LDC वे देश हैं जिनकी आय कम होती है और जो आर्थिक या पर्यावरणीय झटकों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं—इनमें से कई अफ्रीका में हैं।
नीति समर्थन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से IISTEM का उद्देश्य इन देशों की शिक्षा प्रणालियों को मजबूत करना और वैज्ञानिक‑तकनीकी कौशल विकसित करने में मदद करना है।
IISTEM की स्थापना वैश्विक स्तर पर STEM शिक्षा में अंतर को कम करने के प्रयास का हिस्सा है। जैसे‑जैसे अर्थव्यवस्थाएँ अधिक तकनीक‑आधारित होती जा रही हैं, STEM शिक्षा में असमानता देशों के बीच आर्थिक और नवाचार क्षमता की खाई को और बढ़ा सकती है।