जब Copilot dock हो जाता है, तो यह एक साइडबार की तरह व्यवहार करता है। सिस्टम उसके लिए स्क्रीन का एक हिस्सा सुरक्षित कर देता है और बाकी ऐप्स को उसी हिसाब से छोटा या व्यवस्थित कर देता है ताकि वे उसके साथ‑साथ दिखें, ऊपर से ओवरलैप न करें।
इसका मतलब है कि Copilot हमेशा दिखाई देता रहता है—आप ब्राउज़र, डॉक्यूमेंट या अन्य ऐप्स में काम करते हुए भी उससे बातचीत कर सकते हैं।
1. Standard app view
Copilot सामान्य ऐप की तरह खुलता है और आप इसे कहीं भी खिसका या री‑साइज़ कर सकते हैं। मौजूदा Windows 11 में यही डिफ़ॉल्ट व्यवहार है।
2. Picture‑in‑picture mode
एक छोटा फ्लोटिंग विंडो जो स्क्रीन पर ऊपर रहता है। यह तेज़ी से प्रश्न पूछने या चल रही बातचीत जारी रखने के लिए उपयोगी है।
3. Dock left
Copilot डेस्कटॉप के बाएँ किनारे चिपक जाता है। Windows बाकी खुले ऐप्स को अपने‑आप छोटा करके उन्हें दाईं ओर व्यवस्थित कर देता है।
4. Dock right
ठीक वही व्यवहार दाईं ओर भी संभव है—जिससे स्क्रीन के किनारे स्थायी AI साइडबार बन जाता है।
साधारण "snap" फीचर से अलग, ये docked मोड डेस्कटॉप लेआउट को सक्रिय रूप से बदल देते हैं, ताकि Copilot का अपना स्थायी कॉलम हो।
फिलहाल यह फीचर opt‑in प्रयोग है। यानी Copilot अभी भी सामान्य ऐप की तरह ही खुलेगा, जब तक उपयोगकर्ता खुद लेआउट बदलकर dock मोड नहीं चुनता।
यह निर्णय Microsoft की व्यापक रणनीति से जुड़ा है। पिछले वर्ष कई उपयोगकर्ताओं और कंपनियों ने शिकायत की कि Windows में Copilot बहुत ज़्यादा जगहों पर दिखाई देने लगा है। इसके बाद Microsoft ने कुछ AI एकीकरणों को कम करने या फिर से सोचने का फैसला किया।
उदाहरण के तौर पर:
इस संदर्भ में dockable sidebar को optional रखना समझ में आता है—जो लोग इसे चाहते हैं उन्हें शक्तिशाली AI वर्कस्पेस मिलता है, जबकि बाकी उपयोगकर्ताओं का इंटरफेस नहीं बदलता।
Microsoft ने Copilot को Windows के स्थायी हिस्से के बजाय एक हटाए जा सकने वाले ऐप जैसा भी बना दिया है। नए Windows 11 संस्करणों में इसे Settings के Installed Apps सेक्शन से अनइंस्टॉल किया जा सकता है या एंटरप्राइज़ नीतियों से नियंत्रित किया जा सकता है।
इससे उपयोगकर्ताओं और आईटी प्रशासकों को यह तय करने की अधिक स्वतंत्रता मिलती है कि ऑपरेटिंग सिस्टम में AI कहाँ और कितना दिखाई दे।
Microsoft 365 के Word, Excel और PowerPoint में भी Copilot के इंटरफेस को लेकर बदलाव किए गए हैं। हाल की रिपोर्टों के अनुसार उपयोगकर्ता अब फ्लोटिंग Copilot बटन को फिर से पारंपरिक Ribbon में वापस ले जा सकते हैं, क्योंकि कई लोगों को नया स्थान परेशान करने वाला लगा।
Microsoft का लक्ष्य AI को उपयोगी बनाए रखना है, लेकिन साथ ही इंटरफेस पर उपयोगकर्ता का नियंत्रण भी बनाए रखना है।
Copilot sidebar का यह परीक्षण Microsoft की बदलती सोच को दिखाता है:
संक्षेप में, Microsoft अब "हर जगह AI" वाली रणनीति से हटकर optional और modular AI इंटरफेस की ओर बढ़ता दिख रहा है। यदि docked sidebar का परीक्षण सफल रहता है, तो यह Windows में Copilot को काम के दौरान साथ रखने का एक मुख्य तरीका बन सकता है।
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