यह आंकड़ा 29 जुलाई 2026 को राज्य परिषद के सूचना कार्यालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन के राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रशासन (CNIPA) के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता रुई वेनबियाओ ने साझा किया ।
CNIPA की ‘नई पीढ़ी की सूचना प्रौद्योगिकी’ श्रेणी में AI, इंटरनेट, क्लाउड कंप्यूटिंग और बिग डेटा शामिल हैं । इसलिए 16.5% का आंकड़ा केवल AI पेटेंटों का हिस्सा नहीं है, बल्कि इन सभी संबंधित क्षेत्रों को मिलाकर निकाला गया अनुपात है।
रुई वेनबियाओ ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में पेटेंट का तेज़ी से जमा होना “नए आर्थिक वृद्धि-बिंदु तैयार करने में ऊर्जा और प्रभाव बढ़ा रहा है” । उनका यह बयान इस बात को रेखांकित करता है कि चीन में बौद्धिक संपदा नीति को उभरती तकनीकों और आर्थिक विकास की योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CNIPA ने बौद्धिक संपदा से जुड़े कई अन्य आंकड़े भी जारी किए:
रणनीतिक उभरते उद्योगों की श्रेणी IT से व्यापक है। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा, जैव-प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं ।
ये आंकड़े ‘15वीं पंचवर्षीय योजना की स्थिर शुरुआत’ विषय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आए। इसी दौरान चीन की आगामी ‘बौद्धिक संपदा संरक्षण और उपयोग संबंधी 15वीं पंचवर्षीय योजना’ की रूपरेखा भी बताई गई ।
CNIPA के रणनीतिक योजना विभाग के निदेशक लियांग शिनशिन ने कहा कि 2030 तक हर 10,000 लोगों पर उच्च-मूल्य वाले आविष्कार पेटेंटों की संख्या 22 से अधिक करने का लक्ष्य है। यह 2025 के अंत के स्तर से छह से अधिक की बढ़ोतरी होगी । उन्होंने यह भी कहा कि योजना अवधि के दौरान उच्च-मूल्य वाले पेटेंटों में रणनीतिक उभरते उद्योगों की हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है ।
AI, क्लाउड और बिग डेटा जैसे क्षेत्रों में पेटेंट का बढ़ता संकेंद्रण चीन की तकनीकी प्रतिस्पर्धा और औद्योगिक नीति का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। CNIPA ने तेज़ी से बदलते क्षेत्रों के लिए पेटेंट जांच की गुणवत्ता और दक्षता सुधारने तथा AI क्षेत्र में पेटेंट पूल बनाने को बढ़ावा देने की बात भी कही है ।
हालांकि 16.5% का आंकड़ा इन सभी क्षेत्रों को एक साथ मापता है, इसलिए इससे केवल AI या केवल क्लाउड कंप्यूटिंग के पेटेंटों की अलग-अलग हिस्सेदारी का पता नहीं चलता। फिर भी, यह स्पष्ट है कि नई पीढ़ी की सूचना प्रौद्योगिकी चीन के मौजूदा पेटेंट भंडार का एक बड़ा हिस्सा बन चुकी है और 15वीं पंचवर्षीय योजना में इसे आर्थिक विकास के प्रमुख आधारों में गिना जा रहा है।