इसलिए इन संख्याओं को एक अंतिम, बंद हो चुकी गिनती की तरह नहीं बल्कि अलग-अलग तारीखों और केस-परिभाषाओं के स्नैपशॉट की तरह पढ़ना चाहिए। अब तक लगातार दिखने वाली बात यह है कि तीन मौतें रिपोर्ट हुई हैं और पुष्ट या संदिग्ध मामलों का छोटा, लेकिन बदलता हुआ समूह जांच और आइसोलेशन में है । AP ने यह भी बताया कि WHO अधिकारी मारिया वैन केरखोवे ने इसे किसी क्रूज़ जहाज़ पर हैंटावायरस का पहला प्रकोप बताया
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फ्रांस ने MV Hondius से निकाले गए लोगों में एक पॉज़िटिव केस की पुष्टि की है। Le Monde के अनुसार, पांच फ्रांसीसी नागरिकों को रविवार, 10 मई को स्वदेश लाया गया और पेरिस में अस्पताल में भर्ती कराया गया; उनमें पहला पॉज़िटिव केस रातभर में पाया गया और सोमवार सुबह तक फ्रांसीसी स्वास्थ्य अधिकारियों ने 22 संपर्क मामलों की पहचान कर ली थी ।
फ्रांसीसी रणनीति का मकसद आगे की संक्रमण-श्रृंखला को रोकना है: अस्पताल में भर्ती, आइसोलेशन और कॉन्टैक्ट-ट्रेसिंग। Le Monde ने बताया कि जहाज़ पर यात्रा करने के कारण उच्च-जोखिम संपर्क माने गए फ्रांसीसी नागरिकों को छह सप्ताह के आइसोलेशन से गुजरना होगा, जिसे वायरस की ऊष्मायन अवधि बताया गया । एक अलग रिपोर्ट के अनुसार संक्रमित मरीज का इलाज संक्रामक रोगों में विशेषज्ञ अस्पताल में हो रहा है और वार्डों में सुरक्षात्मक उपाय लागू किए गए हैं
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11 मई तक यात्रियों को 20 से अधिक देशों में उनके घरों के लिए भेजा जा रहा था और क्वारंटीन या निगरानी में रखा जा रहा था, AP रिपोर्ट के अनुसार । देश-वार तस्वीर में फ्रांस और कनाडा के बारे में जानकारी सबसे स्पष्ट है।
स्वास्थ्य अधिकारियों की भाषा में एक अहम फर्क है: जहाज़ पर रहे लोगों और उनके नजदीकी संपर्कों के लिए जोखिम गंभीर माना जा रहा है, लेकिन व्यापक जनता के लिए जोखिम कम बताया जा रहा है। 11 मई की AP रिपोर्ट में स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि व्यापक जनता के लिए जोखिम कम है । WHO-संबंधित रिपोर्ट में भी इसे कम सार्वजनिक-स्वास्थ्य जोखिम बताया गया और कहा गया कि यह महामारी की शुरुआत नहीं है, जबकि जहाज़ पर आकलन, आइसोलेशन और डिसइन्फेक्शन उपाय जारी हैं
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कम जोखिम का मतलब यह नहीं कि कोई जोखिम नहीं है। ECDC — यूरोपीय रोग रोकथाम और नियंत्रण केंद्र — ने EU/EEA के सार्वजनिक-स्वास्थ्य अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों और परिवहन कर्मियों के लिए MV Hondius से संभावित रूप से Andes hantavirus के संपर्क में आए लोगों को संभालने पर मार्गदर्शन जारी किया है । इस मार्गदर्शन में कहा गया है कि लक्षण वाले यात्रियों को आगमन पर चिकित्सा मूल्यांकन और टेस्टिंग में प्राथमिकता दी जानी चाहिए; उनकी स्थिति और परिचालन निर्णयों के आधार पर वे टेनेरीफ़ में आइसोलेट हो सकते हैं या अपने देश में मेडिकल आइसोलेशन के लिए भेजे जा सकते हैं
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अब तक की रणनीति कई देशों में एक जैसी दिखती है: जहाज़ पर संभावित रूप से संपर्क में आए लोगों की पहचान, नियंत्रित यात्रा व्यवस्था, लक्षण वाले लोगों की मेडिकल जांच और टेस्टिंग, पॉज़िटिव या जोखिम वाले लोगों का आइसोलेशन/क्वारंटीन, संपर्कों की तलाश, और स्वास्थ्य तथा परिवहन कर्मियों की सुरक्षा ।
इसी वजह से बिना लक्षणों वाले लौटे यात्रियों को भी निगरानी या क्वारंटीन में रखा जा रहा है। कनाडा के चार यात्रियों को उड़ान से पहले बिना लक्षणों वाला आंका गया था, फिर भी उन्हें ब्रिटिश कोलंबिया में क्वारंटीन में रखा गया । फ्रांस में एक लौटे यात्री के पॉज़िटिव आने के बाद संपर्क मामलों की पहचान और आइसोलेशन उपायों को तेज किया गया
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