एक नाज़ुक अमेरिकी ईरान संघर्ष विराम गंभीर दबाव में है, हाल ही में अमेरिकी 'आत्मरक्षा' हमलों के बाद ईरान ने एक अमेरिकी MQ 9 ड्रोन मार गिराने का दावा किया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक बड़ा समझौता संभव है, जिसमें ईरान अपना हाइली एनरिच्ड यूरेनियम (HEU) त्यागेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलेगा, लेकिन प्रतिबंध राहत और ज...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is the current state of U.S.-Iran military escalation, including the latest U.S. airstrikes in southern Iran targeting military sites a. Article summary: Here is the full picture as of late May 2026.. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "U.S. President Donald Trump holds a press conference as Secretary of Defense Pete Hegseth, U.S. Secretary of State Marco Rubio and General Dan Caine, Chairman of the Joint Chiefs o" source context "US launches new strikes in southern Iran despite Trump’s push for peace talks | IRIA News" Reference image 2: visual subject "The United States launched fresh military strikes in southern Iran on May 26, 2026, targeting missile launch sites and Iranian boats" source context "US launches new
अमेरिका और ईरान के बीच दो महीने पुराना संघर्ष विराम अब अपनी अब तक की सबसे गंभीर परीक्षा का सामना कर रहा है। हाल ही में एकाएक भड़की हिंसा और ताज़ा धमकियों ने इसे भारी नुकसान पहुँचाया है। 25 मई की देर रात, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरानी मिसाइल लॉन्च साइटों और उन जहाज़ों पर "आत्मरक्षा में हमले" करने की बात कही, जो कथित तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक खदानें बिछाने की कोशिश कर रहे थे । कुछ ही घंटों में, ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का दावा किया, जो उनके मुताबिक ईरानी हवाई क्षेत्र में घुस आया था। IRGC ने यह भी कहा कि उसने एक RQ-4 निगरानी ड्रोन और एक F-35 लड़ाकू विमान पर गोलियाँ चलाईं
।
दोनों पक्ष इस बात पर ज़ोर देते हैं कि 8 अप्रैल का संघर्ष विराम बरकरार है, लेकिन इन आमने-सामने की कार्रवाइयों ने यह साफ कर दिया है कि यह युद्धविराम कितना कमज़ोर है।
यह युद्ध 28 फरवरी, 2026 को तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इज़राइल ने मात्र 12 घंटों में करीब 900 हवाई हमले करके ईरान की मिसाइल प्रणालियों, वायु रक्षा, परमाणु ठिकानों और नेतृत्व को निशाना बनाया । ईरान ने जवाब में इज़राइल, अमेरिकी सैन्य अड्डों और सहयोगी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया — वह संकरा समुद्री मार्ग जिससे दुनिया का लगभग पाँचवाँ हिस्सा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) आमतौर पर गुज़रता है
। इस बंदी ने वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों में भूचाल ला दिया था।
पाँच हफ़्तों से ज़्यादा की लड़ाई के बाद, पाकिस्तान ने मध्यस्थता करते हुए दो हफ़्ते का संघर्ष विराम करवाया, जो 7-8 अप्रैल, 2026 से लागू हुआ । इसे बार-बार बढ़ाया गया है, लेकिन यह बेहद कमज़ोर बना हुआ है, और दोनों पक्ष नियमित रूप से एक-दूसरे पर इसके उल्लंघन का आरोप लगाते रहे हैं
।
CENTCOM ने 25 मई के हमलों को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी बताया। इसके प्रवक्ता, कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सेना "चल रहे संघर्ष विराम के दौरान संयम बरत रही है" । ईरान ने इन हमलों को संयुक्त अमेरिकी-इज़राइली कार्रवाई बताया और कम से कम चार लोगों के मारे जाने की खबर दी
।
26 मई को, IRGC ने घोषणा की कि उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने "सटीक खुफिया निगरानी" के बाद एक MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया, जिसे उसने शत्रुतापूर्ण गतिविधि करार दिया । गार्ड ने यह भी दावा किया कि उसने एक RQ-4 ड्रोन और एक F-35 लड़ाकू जेट पर गोलियाँ चलाईं, जिससे विमान को ईरानी हवाई क्षेत्र छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा
। अगली सुबह तक, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई थी
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यह संघर्ष विराम के बाद का पहला मामला नहीं है। 7-8 मई को, CENTCOM ने होर्मुज के पास यूएसएस ट्रक्सटन, यूएसएस राफेल पेराल्टा और यूएसएस मेसन सहित अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों को निशाना बनाए जाने के बाद ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया । वहीं, ईरानी मीडिया ने ईरान की 'आर्टेश नेवी' द्वारा ओमान की खाड़ी में एक व्यावसायिक जहाज़ को जब्त करने का फुटेज दिखाया
।
हिंसा बढ़ने के बावजूद, पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोहा में बातचीत जारी है । एक संभावित समझौते की रूपरेखा कुछ इस प्रकार है:
ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने CBS न्यूज़ को बताया कि ईरान HEU के निपटान पर "सैद्धांतिक रूप से" सहमत हो गया है और "सिद्धांतों पर व्यापक सहमति है" । प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बातचीत को "90-95 प्रतिशत" पूरा बताया है, हालाँकि वे मानते हैं कि कार्यान्वयन और सत्यापन पर अभी भी खींचतान चल रही है
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तीन बड़े मतभेद समझौते में रुकावट बने हुए हैं:
प्रतिबंधों में राहत: राष्ट्रपति ट्रंप ने 27 मई को रिपोर्ट की गई रूपरेखा का सीधा खंडन करते हुए कहा कि यूरेनियम सौंपने के बदले प्रतिबंध राहत का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "नहीं, नहीं, बिलकुल नहीं। प्रतिबंध राहत नहीं, नहीं।" । यह ईरान की उम्मीद से बिलकुल उलट है, जो चाहता है कि जब्त धन और आर्थिक पाबंदियों का समाधान हो
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होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण: ईरान इस बात पर अड़ा है कि उसे जलडमरूमध्य पर अपना अधिकार और संप्रभुता बनाए रखनी होगी, जिसे अमेरिका ने सिरे से खारिज कर दिया है । अप्रैल की शुरुआत में ईरान के दस-सूत्री प्रस्ताव में अमेरिकी हमले न करने की गारंटी, क्षेत्र से सभी अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी और युद्ध क्षतिपूर्ति की माँग भी थी — ये ऐसी शर्तें हैं जिन्हें वाशिंगटन ने मानने से इनकार कर दिया है
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बातचीत का दायरा: अमेरिका चाहता है कि परमाणु मसला तुरंत सुलझे; जबकि ईरान परमाणु मुद्दों को आगे की बातचीत के लिए टालना चाहता है। साथ ही, ईरान का इस बात पर ज़ोर है कि सौदे में हर मोर्चे पर, खासकर लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ युद्ध को भी खत्म करना शामिल हो । ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बघाई ने यह भी कहा कि मसौदा समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन पर "कोई खास विवरण नहीं" था, जो एक बड़ी कमी है
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राष्ट्रपति ट्रंप: उन्होंने इस सौदे को "काफी हद तक तय" बताया, लेकिन साथ ही वार्ताकारों को "सौदा करने में जल्दबाजी न करने" का निर्देश भी दिया। उनका कहना है कि वक्त अमेरिका के पक्ष में है । उन्होंने ज़ोर देकर कहा है कि ईरान "कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख सकता", होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुलना चाहिए और, सबसे अहम बात, यूरेनियम सौंपने के बदले प्रतिबंध राहत का सवाल ही नहीं
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विदेश मंत्री मार्को रुबियो: उन्होंने मई के अंत में कहा कि "दुनिया जल्द ही कुछ अच्छी खबर सुनेगी" और शांति की घोषणा आसन्न हो सकती है। उन्होंने अमेरिकी शर्तें दोहराईं: "ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं हो सकता। जलडमरूमध्य बिना टोल के खुला रहना चाहिए। उन्हें अपना हाइली एनरिच्ड यूरेनियम सौंपना होगा" । रुबियो ने न्यूयॉर्क टाइम्स को यह भी बताया कि परमाणु समझौता "72 घंटों में एक नैपकिन के पीछे" नहीं किया जा सकता
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ईरानी अधिकारी: प्रवक्ता बघाई ने अमेरिकी हमलों को "दुर्भावना और अविश्वसनीयता" का सबूत बताया, और कहा कि समझौते में जलडमरूमध्य जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार नहीं है । ईरान ने एक मसौदा समझौते के अस्तित्व की पुष्टि की, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि परमाणु मुद्दों को बाद की बातचीत के लिए टाला गया है, न कि पहले चरण के समझौते का हिस्सा बनाया गया
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फिलहाल, संघर्ष विराम सिर्फ नाम का रह गया है। अमेरिका का कहना है कि वह संयम बरत रहा है; तो ईरान अपने ड्रोन को मार गिराने को रक्षात्मक कदम बताता है। कोई भी पक्ष युद्धविराम तोड़ने की बात स्वीकार नहीं करता, फिर भी दोनों तरफ से हमले और जवाबी हमले हो रहे हैं।
मूल सौदेबाज़ी — ईरान अपना लगभग हथियार-ग्रेड यूरेनियम भंडार त्यागे, और जलडमरूमध्य खुले — के रास्ते में ट्रंप का प्रतिबंध राहत से इनकार और ईरान की होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण तथा व्यापक क्षेत्रीय समाधान की ज़िद सबसे बड़ी रुकावटें हैं।
वैश्विक ऊर्जा बाज़ार अभी भी अस्थिर हैं, और युद्धविराम के पूरी तरह टूटने का खतरा बहुत ज़्यादा है । कूटनीति थमी नहीं है, लेकिन हर गोलीबारी के साथ स्थायी समाधान की खिड़की सिमटती जा रही है।
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एक नाज़ुक अमेरिकी ईरान संघर्ष विराम गंभीर दबाव में है, हाल ही में अमेरिकी 'आत्मरक्षा' हमलों के बाद ईरान ने एक अमेरिकी MQ 9 ड्रोन मार गिराने का दावा किया है।
एक नाज़ुक अमेरिकी ईरान संघर्ष विराम गंभीर दबाव में है, हाल ही में अमेरिकी 'आत्मरक्षा' हमलों के बाद ईरान ने एक अमेरिकी MQ 9 ड्रोन मार गिराने का दावा किया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक बड़ा समझौता संभव है, जिसमें ईरान अपना हाइली एनरिच्ड यूरेनियम (HEU) त्यागेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलेगा, लेकिन प्रतिबंध राहत और जलडमरूमध्य पर नियंत्रण जैसे बड़े अड़ंगे बरकरार हैं।
28 फरवरी को अमेरिकी इज़राइली हवाई हमलों से शुरू हुए इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों को हिला दिया है; ईरान का इस बात पर ज़ोर कि हर मोर्चे पर युद्ध खत्म किया जाए, स्थायी शांति को कोसों दूर रख रहा है।