बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab al-Mandeb): यमन के हूती विद्रोहियों (Houthis) ने 21 जुलाई 2026 को लाल सागर के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर इस जलडमरूमध्य की नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा कर दी। उन्होंने सऊदी अरब के बंदरगाहों का उपयोग करने वाले टैंकरों पर हमले की धमकी दी । ईरान ने संकेत दिया है कि वह अपने हूती सहयोगियों का उपयोग करके इस मार्ग को भी बंद कर सकता है, जिससे दोहरी नाकाबंदी की स्थिति पैदा हो गई है
। होर्मुज बंद होने के बाद, फारस की खाड़ी के देशों के लिए लाल सागर एक वैकल्पिक निर्यात मार्ग बन गया था, लेकिन अब वह भी खतरे में है
। हूती चेतावनियों के बाद लाल सागर में कम से कम सात तेल टैंकरों ने अपना मार्ग बदल लिया है
।
मार्सक (Maersk), हापाग-लॉयड (Hapag-Lloyd) और सीएमए सीजीएम (CMA CGM) जैसी प्रमुख शिपिंग कंपनियों ने मार्च 2026 से ही स्वेज नहर के माध्यम से अपने जहाजों का आवागमन निलंबित कर दिया था । रिपोर्टों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से स्वेज नहर के यातायात में लगभग 50% की गिरावट आई है
। 29 जुलाई को पास के दुमयात बंदरगाह पर हुए ड्रोन हमले ने इस बात को साबित कर दिया कि स्वेज नहर भी इस बढ़ते संघर्ष से अछूती नहीं है
।
29 जुलाई 2026 को मिस्र के दुमयात बंदरगाह (Damietta Port) पर एक ड्रोन ने अमेरिकी स्वामित्व वाले एलएनजी भंडारण टैंकर (FSRU एनर्गोस विंटर) को निशाना बनाया। इस हमले से लगी आग दूसरे एलएनजी टैंकर (गैसलॉग सेलम) में भी फैल गई, जिससे दोनों जहाजों को काफी नुकसान पहुंचा । मिस्र की कैबिनेट ने पुष्टि की कि यह हमला एक ड्रोन के कारण हुआ था, हालांकि किसी भी समूह ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली
। यह युद्ध शुरू होने के बाद मिस्र की धरती पर पहला हमला था
। विश्लेषकों का कहना है कि स्वेज नहर के पास इस मिस्र के बंदरगाह पर हमले ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की कमजोरी को उजागर कर दिया और यह दिखा दिया कि मध्य पूर्व में फैलता संघर्ष वैश्विक व्यापार को कैसे प्रभावित कर सकता है
।
शेवरॉन के सीईओ माइक वर्थ इस संकट को लेकर सबसे मुखर उद्योग जगत के नेताओं में से एक रहे हैं:
होर्मुज से गुजरने वाले दुनिया के लगभग 20% तेल और लाल सागर मार्ग पर भी खतरा होने के कारण, तेल टैंकर अब अफ्रीका का चक्कर लगाकर जा रहे हैं। इससे यात्रा की लागत और समय दोनों में भारी वृद्धि हो रही है ।
निष्कर्ष: अमेरिका-ईरान संघर्ष ने दशकों में पहली बार वैश्विक तेल शिपिंग के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों को एक साथ अवरुद्ध कर दिया है। होर्मुज फरवरी के अंत से बंद है, बाब अल-मंडेब पर 21 जुलाई से नाकाबंदी है, और स्वेज नहर से बड़ी शिपिंग कंपनियों का आवागमन प्रभावी रूप से बंद हो चुका है। 29 जुलाई को दुमयात पर हुए ड्रोन हमले ने पुष्टि कर दी कि यह युद्ध अब मिस्र तक पहुंच गया है। शेवरॉन के सीईओ ने सार्वजनिक रूप से चेतावनी दी है कि तेल की भौतिक कमी उभर रही है और वैश्विक भंडार खतरनाक रूप से निचले स्तर पर पहुंच गए हैं।