2020-2023 के पैंडेमिक-युग के चिप शॉर्टेज के विपरीत, जो लॉजिस्टिक्स व्यवधानों और कंज़्यूमर डिमांड में अचानक बढ़ोतरी की वजह से हुआ था, यह संकट संरचनात्मक (स्ट्रक्चरल) और जानबूझकर किया गया है । तीनों दिग्गज मेमोरी निर्माताओं ने 2025 की शुरुआत में ही AI डेटा-सेंटर मार्केट में ऊंचे मार्जिन का पीछा करते हुए अपनी प्रोडक्शन क्षमता HBM — जो NVIDIA GPU जैसे AI एक्सेलेरेटर में इस्तेमाल होने वाली स्पेशलाइज़्ड मेमोरी है — की ओर मोड़ना शुरू कर दिया था ।
इसका नतीजा कीमतों में नाटकीय बढ़ोतरी के रूप में सामने आया। 2026 की पहली तिमाही (Q1 2026) में DRAM के कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में 90-95% की रिकॉर्ड उछाल आई, और दूसरी तिमाही (Q2) में 58-63% और बढ़ोतरी का अनुमान है । पूरे 2026 साल DRAM की कीमतों के लगभग चार गुना होने और कुछ चिप्स में 6 गुना तक बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। स्पॉट मार्केट में तो कुछ मामलों में कीमतें एक साल में लगभग 700% तक उछल गई हैं । सिर्फ Q2 2026 में LPDDR5X (मोबाइल DRAM) की कीमत 89%, DDR4 की 51% और SSD के लिए NAND फ्लैश की कीमत 75% तक बढ़ गई ।
कीमतों में बढ़ोतरी का असर उपभोक्ता उपकरणों की लगभग हर श्रेणी पर पड़ रहा है, जो DRAM या NAND मेमोरी पर निर्भर हैं:
30 जुलाई 2026 को अपनी दूसरी तिमाही की कमाई कॉल में Samsung ने चेतावनी दी कि यह कमी 2027 और गहरेगी और 2028 तक जारी रहेगी। कंपनी ने कहा, 'थोड़े समय में सप्लाई बढ़ाना मुश्किल है,' क्योंकि नई फैब से वेफर प्रोडक्शन शुरू होने में साढ़े 3 साल से ज़्यादा का समय लगता है । Samsung के CFO ने विश्लेषकों को बताया कि "2028 के ज़रिये सप्लाई में किसी भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की संभावना नहीं है" ।
TrendForce का अनुमान है कि 2027 तक HBM, कुल DRAM वेफर क्षमता का 30% खपत करेगा, जिससे अनुमानित मांग का केवल 60% ही पूरा हो पाएगा। इसके अनुसार, NAND Flash की स्थिति 2027 की दूसरी छमाही में कुछ ढीली हो सकती है क्योंकि नई प्रोडक्शन क्षमता ऑनलाइन आ रही है ।
Deloitte रिपोर्ट करता है कि AI सर्वर DRAM की लागत सिर्फ Q1 2026 में ही लगभग दोगुनी हो गई और 2026 के पूरे साल चार गुना बढ़ोतरी का अनुमान है। उसका कहना है कि तीनों बड़ी मेमोरी निर्माताओं के पास 2029-2030 तक 'सामूहिक क्षमता घाटा' (कलेक्टिव कैपेसिटी डेफिसिट) रहेगा ।
RAMageddon एक अस्थायी व्यवधान नहीं है। यह AI डिमांड के कारण उपभोक्ता वस्तुओं से चिप प्रोडक्शन के डायवर्ट होने से पैदा हुआ एक संरचनात्मक संकट है। 2025 की शुरुआत से DRAM और NAND की कीमतें 2-6 गुना बढ़ गई हैं। कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की हर प्रमुख श्रेणी — कंसोल, लैपटॉप, टैबलेट, फोन, टीवी, ऑडियो गियर — ऊंची कीमतों और कम उपलब्धता से प्रभावित है। Samsung, TrendForce और UBS को 2028 के अंत से पहले राहत नहीं दिखती, जबकि Deloitte और Kearney ने चेतावनी दी है कि यह संकट 2029-2030 तक खिंच सकता है ।