कार्यक्रम का व्यापक लक्ष्य दोहरा है: कंपनियां उन प्लेटफॉर्मों के लिए व्यावसायिक रूप से टिकाऊ कंटेंट बना सकें जहां दर्शक पहले से मौजूद हैं, और सिंगापुर से जुड़ी कहानियां नए, अधिक प्रासंगिक फॉर्मेट में दर्शकों तक पहुंचती रहें।
दर्शक वीडियो कैसे खोजते और देखते हैं, इसमें बड़ा बदलाव आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सिंगापुर में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 87% लोग हर सप्ताह TikTok और Instagram जैसे सोशल-वीडियो प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करते हैं।
इस बदलाव से स्थानीय मीडिया कंपनियों के सामने अवसर भी है और चुनौती भी। टेलीविजन अब भी दर्शकों तक पहुंचने का एक माध्यम है, लेकिन कंपनियों को सोशल फीड, मोबाइल स्क्रीन और डिजिटल चैनलों के लिए तैयार कंटेंट भी बनाना होगा। DCCD कार्यक्रम इसी बदलाव के बीच कंपनियों को नए फॉर्मेट आजमाने में मदद करना चाहता है, बिना स्थानीय कहानियों और रचनात्मक पहचान को पीछे छोड़े।
DCCD के दो प्रमुख हिस्से हैं—डिजिटल कंटेंट का विकास और मीडिया क्षेत्र की क्षमताओं का निर्माण।
कार्यक्रम का समर्थन ऐसी कहानियों के लिए है जिनकी जड़ें सिंगापुर में हों और जो युवाओं से लेकर वरिष्ठ दर्शकों तक अलग-अलग समूहों से जुड़ सकें। लक्ष्य केवल ज्यादा कंटेंट बनाना नहीं, बल्कि उसे उन ऑनलाइन जगहों के लिए उपयुक्त बनाना है जहां दर्शक अपना समय बिताते हैं।
संभावित परियोजनाओं में शामिल हो सकते हैं:
इन फॉर्मेटों की मदद से कंपनियां नए विचारों का छोटा स्तर पर परीक्षण कर सकती हैं, दर्शकों के व्यवहार के अनुसार तेजी से बदलाव कर सकती हैं और एक ही कहानी को कई चैनलों पर पहुंचा सकती हैं। कार्यक्रम का व्यावसायिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है—प्रस्तावों में वितरण और कमाई की योजना पर विचार करना होगा, न कि केवल प्रोडक्शन को ही सफलता का पैमाना मानना होगा।
DCCD मीडिया कंपनियों को कंटेंट विकास, प्रोडक्शन और स्थानीयकरण के अलग-अलग चरणों में AI के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित करता है। इसका उपयोग कंटेंट बनाने में सहायता, दोहराए जाने वाले काम कम करने, अलग-अलग प्लेटफॉर्म के लिए सामग्री ढालने या नए विचारों का जल्दी परीक्षण करने में किया जा सकता है।
कार्यक्रम की आधिकारिक सोच AI को रचनात्मक पेशेवरों के विकल्प के रूप में पेश नहीं करती। कार्यक्रम के शुभारंभ पर Senior Minister of State Tan Kiat How ने कहा कि तकनीक को रचनाकारों की क्षमता बढ़ानी चाहिए। AI टीमों को पायलट, प्रोटोटाइप और प्रोडक्शन का काम अधिक कुशलता से करने में मदद कर सकता है, लेकिन प्रभावशाली कंटेंट के केंद्र में मानवीय कहानी, पहचान और भावनात्मक जुड़ाव ही रहेंगे।
स्थानीय मीडिया कंपनियों के लिए यही असली कसौटी होगी: क्या AI केवल नए उपकरण जोड़ता है, या वह कहानी कहने की क्षमता मजबूत करता है, उत्पादन लागत और समय को बेहतर बनाता है तथा सिंगापुर के कंटेंट को नए दर्शकों तक पहुंचाने में मदद करता है?
पारंपरिक प्रोडक्शन हाउस और डिजिटल-नेटिव मीडिया कंपनियां DCCD के प्रस्ताव आमंत्रणों का जवाब देने से पहले IMDA से मान्यता के लिए आवेदन कर सकती हैं। यह प्रक्रिया आवेदक की डिजिटल कंटेंट विकसित और वितरित करने की क्षमता का आकलन करने के लिए बनाई गई है।
परियोजनाओं का मूल्यांकन कई आधारों पर किया जा सकता है, जिनमें शामिल हैं:
पहले मान्यता प्राप्त बैच में 117 कंपनियां शामिल होने की सूचना दी गई है। हालांकि, IMDA से मान्यता मिलना अपने-आप में फंडिंग मिलने की पुष्टि नहीं है। कंपनियों को संबंधित प्रस्ताव आमंत्रणों के तहत आवेदन करना होगा और उनकी परियोजनाओं का अलग से मूल्यांकन किया जाएगा।
NoonTalk Media को AI-जनरेटेड कंटेंट और व्यापक डिजिटल बदलाव की संभावनाएं तलाशने वाली सिंगापुर की मीडिया कंपनियों के उदाहरण के तौर पर उद्धृत किया गया है। 30 जून, 2026 को कंपनी ने Neusoft Education Technology के साथ AI, AI-जनरेटेड कंटेंट और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ी पहलों पर सहयोग तलाशने के लिए एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन की घोषणा की।
यह गतिविधि DCCD की दिशा से मेल खाती है, लेकिन इसे कार्यक्रम के तहत NoonTalk को फंडिंग मिलने की पुष्टि नहीं समझना चाहिए। कार्यक्रम के घोषित क्षेत्रों को देखते हुए, इस तरह की कंपनियां AI-सहायता प्राप्त वर्कफ्लो, नए डिजिटल फॉर्मेट और स्थानीयकरण परियोजनाओं का शुरुआती जोखिम कम करके परीक्षण कर सकती हैं। यह कार्यक्रम की पात्र गतिविधियों से निकाला गया अनुमान है, NoonTalk को मिले किसी निश्चित पुरस्कार की पुष्टि नहीं।
नए उपकरण खरीद लेना ही किसी मीडिया कारोबार को बदलने के लिए काफी नहीं है। इसी वजह से DCCD के साथ मीडिया पेशेवरों के लिए AI कौशल विकसित करने की कोशिशें भी चल रही हैं। National AI Impact Programme के तहत चुने गए प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए SkillsFuture Credit का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य 100,000 से अधिक गैर-तकनीकी कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना है।
रिपोर्ट किए गए पाठ्यक्रमों में व्यावहारिक विषय शामिल हैं, जैसे:
उपलब्ध रिपोर्टिंग में 55 पाठ्यक्रमों की एक क्यूरेटेड सूची का उल्लेख है। हालांकि, उपलब्ध प्रमाणों से पूरी सूची या नामांकन की प्रक्रिया की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं होती।
DCCD की सफलता केवल स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या या अपनाए गए AI उपकरणों से तय नहीं होगी। असली सवाल यह होगा कि क्या कंपनियां दोहराए जा सकने वाली डिजिटल प्रोडक्शन क्षमताएं बना पाती हैं, टिकाऊ दर्शक जुटा पाती हैं और ऐसे फॉर्मेट तैयार कर पाती हैं जो व्यावसायिक रूप से सफल हों—बिना सिंगापुर की कहानियों की विशिष्टता खोए।
दर्शकों के लिए इसका मतलब हो सकता है कि उन्हें उन प्लेटफॉर्मों पर अधिक स्थानीय कंटेंट मिले जहां वे पहले से वीडियो देखते हैं—शॉर्ट सोशल क्लिप से लेकर मोबाइल पर देखे जाने वाले एपिसोडिक ड्रामा तक। रचनाकारों के लिए यह AI के साथ प्रयोग करने का अवसर है, जबकि कहानी, अभिनय और सांस्कृतिक बारीकियों पर अंतिम मानवीय निर्णय बरकरार रहता है।
इस कार्यक्रम का केंद्रीय दांव यह नहीं है कि AI सिंगापुर के मीडिया को परिभाषित करेगा। दांव यह है कि बेहतर उपकरण, मजबूत कौशल और अधिक लचीला वितरण स्थानीय रचनाकारों को सिंगापुर की कहानियां वहां पहुंचाने में बेहतर मौका देंगे, जहां दर्शक उन्हें देख रहे हैं।
कार्यक्रम का व्यापक लक्ष्य दोहरा है: कंपनियां उन प्लेटफॉर्मों के लिए व्यावसायिक रूप से टिकाऊ कंटेंट बना सकें जहां दर्शक पहले से मौजूद हैं, और सिंगापुर से जुड़ी कहानियां नए, अधिक प्रासंगिक फॉर्मेट में दर्शकों तक पहुंचती रहें।
दर्शक वीडियो कैसे खोजते और देखते हैं, इसमें बड़ा बदलाव आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सिंगापुर में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 87% लोग हर सप्ताह TikTok और Instagram जैसे सोशल-वीडियो प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करते हैं।
इस बदलाव से स्थानीय मीडिया कंपनियों के सामने अवसर भी है और चुनौती भी। टेलीविजन अब भी दर्शकों तक पहुंचने का एक माध्यम है, लेकिन कंपनियों को सोशल फीड, मोबाइल स्क्रीन और डिजिटल चैनलों के लिए तैयार कंटेंट भी बनाना होगा। DCCD कार्यक्रम इसी बदलाव के बीच कंपनियों को नए फॉर्मेट आजमाने में मदद करना चाहता है, बिना स्थानीय कहानियों और रचनात्मक पहचान को पीछे छोड़े।
DCCD के दो प्रमुख हिस्से हैं—डिजिटल कंटेंट का विकास और मीडिया क्षेत्र की क्षमताओं का निर्माण।
कार्यक्रम का समर्थन ऐसी कहानियों के लिए है जिनकी जड़ें सिंगापुर में हों और जो युवाओं से लेकर वरिष्ठ दर्शकों तक अलग-अलग समूहों से जुड़ सकें। लक्ष्य केवल ज्यादा कंटेंट बनाना नहीं, बल्कि उसे उन ऑनलाइन जगहों के लिए उपयुक्त बनाना है जहां दर्शक अपना समय बिताते हैं।
संभावित परियोजनाओं में शामिल हो सकते हैं:
इन फॉर्मेटों की मदद से कंपनियां नए विचारों का छोटा स्तर पर परीक्षण कर सकती हैं, दर्शकों के व्यवहार के अनुसार तेजी से बदलाव कर सकती हैं और एक ही कहानी को कई चैनलों पर पहुंचा सकती हैं। कार्यक्रम का व्यावसायिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है—प्रस्तावों में वितरण और कमाई की योजना पर विचार करना होगा, न कि केवल प्रोडक्शन को ही सफलता का पैमाना मानना होगा।
DCCD मीडिया कंपनियों को कंटेंट विकास, प्रोडक्शन और स्थानीयकरण के अलग-अलग चरणों में AI के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित करता है। इसका उपयोग कंटेंट बनाने में सहायता, दोहराए जाने वाले काम कम करने, अलग-अलग प्लेटफॉर्म के लिए सामग्री ढालने या नए विचारों का जल्दी परीक्षण करने में किया जा सकता है।
कार्यक्रम की आधिकारिक सोच AI को रचनात्मक पेशेवरों के विकल्प के रूप में पेश नहीं करती। कार्यक्रम के शुभारंभ पर Senior Minister of State Tan Kiat How ने कहा कि तकनीक को रचनाकारों की क्षमता बढ़ानी चाहिए। AI टीमों को पायलट, प्रोटोटाइप और प्रोडक्शन का काम अधिक कुशलता से करने में मदद कर सकता है, लेकिन प्रभावशाली कंटेंट के केंद्र में मानवीय कहानी, पहचान और भावनात्मक जुड़ाव ही रहेंगे।
स्थानीय मीडिया कंपनियों के लिए यही असली कसौटी होगी: क्या AI केवल नए उपकरण जोड़ता है, या वह कहानी कहने की क्षमता मजबूत करता है, उत्पादन लागत और समय को बेहतर बनाता है तथा सिंगापुर के कंटेंट को नए दर्शकों तक पहुंचाने में मदद करता है?
पारंपरिक प्रोडक्शन हाउस और डिजिटल-नेटिव मीडिया कंपनियां DCCD के प्रस्ताव आमंत्रणों का जवाब देने से पहले IMDA से मान्यता के लिए आवेदन कर सकती हैं। यह प्रक्रिया आवेदक की डिजिटल कंटेंट विकसित और वितरित करने की क्षमता का आकलन करने के लिए बनाई गई है।
परियोजनाओं का मूल्यांकन कई आधारों पर किया जा सकता है, जिनमें शामिल हैं:
पहले मान्यता प्राप्त बैच में 117 कंपनियां शामिल होने की सूचना दी गई है। हालांकि, IMDA से मान्यता मिलना अपने-आप में फंडिंग मिलने की पुष्टि नहीं है। कंपनियों को संबंधित प्रस्ताव आमंत्रणों के तहत आवेदन करना होगा और उनकी परियोजनाओं का अलग से मूल्यांकन किया जाएगा।
NoonTalk Media को AI-जनरेटेड कंटेंट और व्यापक डिजिटल बदलाव की संभावनाएं तलाशने वाली सिंगापुर की मीडिया कंपनियों के उदाहरण के तौर पर उद्धृत किया गया है। 30 जून, 2026 को कंपनी ने Neusoft Education Technology के साथ AI, AI-जनरेटेड कंटेंट और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ी पहलों पर सहयोग तलाशने के लिए एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन की घोषणा की।
यह गतिविधि DCCD की दिशा से मेल खाती है, लेकिन इसे कार्यक्रम के तहत NoonTalk को फंडिंग मिलने की पुष्टि नहीं समझना चाहिए। कार्यक्रम के घोषित क्षेत्रों को देखते हुए, इस तरह की कंपनियां AI-सहायता प्राप्त वर्कफ्लो, नए डिजिटल फॉर्मेट और स्थानीयकरण परियोजनाओं का शुरुआती जोखिम कम करके परीक्षण कर सकती हैं। यह कार्यक्रम की पात्र गतिविधियों से निकाला गया अनुमान है, NoonTalk को मिले किसी निश्चित पुरस्कार की पुष्टि नहीं।
नए उपकरण खरीद लेना ही किसी मीडिया कारोबार को बदलने के लिए काफी नहीं है। इसी वजह से DCCD के साथ मीडिया पेशेवरों के लिए AI कौशल विकसित करने की कोशिशें भी चल रही हैं। National AI Impact Programme के तहत चुने गए प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए SkillsFuture Credit का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य 100,000 से अधिक गैर-तकनीकी कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना है।
रिपोर्ट किए गए पाठ्यक्रमों में व्यावहारिक विषय शामिल हैं, जैसे:
उपलब्ध रिपोर्टिंग में 55 पाठ्यक्रमों की एक क्यूरेटेड सूची का उल्लेख है। हालांकि, उपलब्ध प्रमाणों से पूरी सूची या नामांकन की प्रक्रिया की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं होती।
DCCD की सफलता केवल स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या या अपनाए गए AI उपकरणों से तय नहीं होगी। असली सवाल यह होगा कि क्या कंपनियां दोहराए जा सकने वाली डिजिटल प्रोडक्शन क्षमताएं बना पाती हैं, टिकाऊ दर्शक जुटा पाती हैं और ऐसे फॉर्मेट तैयार कर पाती हैं जो व्यावसायिक रूप से सफल हों—बिना सिंगापुर की कहानियों की विशिष्टता खोए।
दर्शकों के लिए इसका मतलब हो सकता है कि उन्हें उन प्लेटफॉर्मों पर अधिक स्थानीय कंटेंट मिले जहां वे पहले से वीडियो देखते हैं—शॉर्ट सोशल क्लिप से लेकर मोबाइल पर देखे जाने वाले एपिसोडिक ड्रामा तक। रचनाकारों के लिए यह AI के साथ प्रयोग करने का अवसर है, जबकि कहानी, अभिनय और सांस्कृतिक बारीकियों पर अंतिम मानवीय निर्णय बरकरार रहता है।
इस कार्यक्रम का केंद्रीय दांव यह नहीं है कि AI सिंगापुर के मीडिया को परिभाषित करेगा। दांव यह है कि बेहतर उपकरण, मजबूत कौशल और अधिक लचीला वितरण स्थानीय रचनाकारों को सिंगापुर की कहानियां वहां पहुंचाने में बेहतर मौका देंगे, जहां दर्शक उन्हें देख रहे हैं।