इस प्रक्रिया को गैस्ट्रोस्कोपी (पेट की एंडोस्कोपी) जैसी तकनीक के जरिए किया जाता है। यानी इसमें पेट तक पहुँचने के लिए सर्जिकल चीरे की जरूरत नहीं होती; कैथेटर को मुँह के रास्ते अंदर डाला जाता है।
प्रक्रिया के मुख्य चरण आम तौर पर इस प्रकार बताए जाते हैं:
पूरी प्रक्रिया लगभग 20 मिनट में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है और इसे अस्पताल में भर्ती हुए बिना, आउटपेशेंट सेटिंग में किया जा सकता है।
वेगस नर्व शरीर की एक महत्वपूर्ण नस है जो पाचन तंत्र और दिमाग के बीच संदेश पहुँचाती है। इसी रास्ते से भूख, तृप्ति (satiety) और पाचन से जुड़े कई संकेत दिमाग तक जाते हैं।
Sedivention का विचार यह है कि अगर पेट की उन विशेष शाखाओं को प्रभावित किया जाए जो भूख के संकेत भेजती हैं, तो भूख की अनुभूति कम हो सकती है। इस तरह इलाज सीधे उस न्यूरल रास्ते को बदलने की कोशिश करता है जो भूख का संदेश दिमाग तक पहुँचाता है—दवाओं की तरह रासायनिक तरीके से भूख दबाने के बजाय।
हालाँकि वेगस नर्व को लक्ष्य बनाने का विचार नया नहीं है। पहले भी कुछ वजन‑घटाने वाली तकनीकें इस नस पर काम करती रही हैं, लेकिन उनमें अक्सर शरीर के अंदर स्थायी डिवाइस इम्प्लांट किए जाते थे। Sedivention का तरीका अलग है क्योंकि इसमें एक बार की क्रायोएब्लेशन प्रक्रिया होती है और शरीर में कोई हार्डवेयर नहीं छोड़ा जाता।
मोटापे के इलाज के मौजूदा तरीकों में कुछ बड़े समझौते होते हैं:
Sedivention की तकनीक इन दोनों के बीच का रास्ता बनने की कोशिश करती है। संभावित फायदे इस प्रकार बताए जाते हैं:
इसी कारण इसे उन लोगों के लिए संभावित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है जिन्हें जीवनशैली बदलाव से अधिक मदद चाहिए, लेकिन जो बड़ी सर्जरी या आजीवन दवाओं से बचना चाहते हैं।
2026 में Sedivention ने €2.9 मिलियन (लगभग $3.4 मिलियन) की सीड फंडिंग जुटाई। इस राउंड का नेतृत्व bmp Ventures और IBG funds ने किया। अन्य निवेशकों में High‑Tech Gründerfonds (HTGF), Cambridge Ventures, superangels और एक वैश्विक मेडटेक कंपनी का स्ट्रैटेजिक निवेश विभाग शामिल हैं।
इस पूंजी का इस्तेमाल कई महत्वपूर्ण कदमों के लिए किया जाएगा:
हालाँकि निवेशकों की रुचि बढ़ रही है, लेकिन यह थेरेपी अभी शुरुआती चरण में है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह तकनीक फिलहाल प्री‑क्लिनिकल या शुरुआती क्लिनिकल तैयारी के स्तर पर है। इसका मतलब है कि इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता अभी मानव परीक्षणों में साबित होना बाकी है।
यदि भविष्य के क्लिनिकल अध्ययन यह दिखाते हैं कि वेगस नर्व की लक्षित क्रायोएब्लेशन वास्तव में भूख कम कर सकती है और वजन घटाने में मदद करती है, तो यह मोटापे के इलाज के लिए एक नई, कम‑इनवेसिव श्रेणी का विकल्प बन सकती है। फिलहाल इसे एक संभावनाशील लेकिन अभी प्रयोगात्मक तकनीक माना जा रहा है।
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