इस राउंड में शामिल अन्य निवेशकों में शामिल हैं:
इस फंडिंग के बाद कंपनी की कुल जुटाई गई पूंजी $200 मिलियन से अधिक हो गई है, जिससे Quantum Motion यूके की सबसे अधिक फंडिंग प्राप्त क्वांटम कंप्यूटिंग कंपनी बन गई है।
Quantum Motion का मुख्य फोकस सिलिकॉन‑आधारित क्वांटम प्रोसेसर विकसित करना है। इसमें क्वांटम बिट्स (qubits) को सिलिकॉन ट्रांजिस्टर में मौजूद इलेक्ट्रॉनों के स्पिन से बनाया जाता है।
ये उपकरण उन निर्माण प्रक्रियाओं के बहुत करीब हैं जिन्हें CMOS सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में दशकों से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका मतलब है कि क्वांटम हार्डवेयर को पारंपरिक चिप उद्योग के साथ जोड़ना संभव हो सकता है।
कंपनी सिर्फ हार्डवेयर नहीं बल्कि फुल‑स्टैक सिस्टम बना रही है, जिसमें शामिल हैं:
आज अधिकांश क्वांटम कंप्यूटर बहुत जटिल और महंगे प्रयोगात्मक सेटअप पर आधारित होते हैं, जैसे सुपरकंडक्टिंग सर्किट या ट्रैप्ड‑आयन सिस्टम। इन्हें बड़े पैमाने पर बनाना कठिन हो सकता है।
Quantum Motion का तर्क है कि सिलिकॉन क्वांटम आर्किटेक्चर इस समस्या का समाधान दे सकता है क्योंकि यह मौजूदा चिप‑निर्माण उद्योग पर आधारित है।
कंपनी के अनुसार, उसकी तकनीक से संभावित रूप से:
अगर ये लक्ष्य बड़े पैमाने पर हासिल होते हैं, तो क्वांटम कंप्यूटर वास्तविक व्यावसायिक उपयोग के लिए कहीं अधिक व्यवहारिक बन सकते हैं।
Quantum Motion की स्थापना प्रोफेसर जॉन मॉर्टन (John Morton) और प्रोफेसर साइमन बेंजामिन (Simon Benjamin) ने 2017 में की थी। दोनों शोधकर्ता ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और UCL से जुड़े रहे हैं।
उनका शोध सिलिकॉन स्पिन क्यूबिट्स पर आधारित है, जिसे क्वांटम प्रोसेसर को स्केल करने के सबसे संभावित तरीकों में से एक माना जाता है क्योंकि इसे मौजूदा सेमीकंडक्टर तकनीक से बनाया जा सकता है।
Quantum Motion इस बदलाव को क्वांटम कंप्यूटिंग का संभावित “transistor moment” कहती है—यानी वह बिंदु जब तकनीक प्रयोगशाला से निकलकर बड़े पैमाने पर बनने वाले वास्तविक कंप्यूटिंग सिस्टम में बदलने लगती है।
क्वांटम कंप्यूटिंग अभी शुरुआती चरण में है और कई अलग‑अलग तकनीकी रास्ते प्रतिस्पर्धा में हैं। सिलिकॉन‑आधारित क्यूबिट्स का आकर्षण यह है कि वे पारंपरिक चिप निर्माण ढांचे के जरिए स्केलेबल उत्पादन का रास्ता दिखाते हैं।
Quantum Motion का यह निवेश राउंड दर्शाता है कि निवेशकों को इस दिशा में बढ़ती संभावनाएँ दिख रही हैं। अगर सिलिकॉन‑आधारित रणनीति सफल होती है, तो भविष्य के क्वांटम कंप्यूटर छोटे, सस्ते और ऊर्जा‑कुशल हो सकते हैं—और मौजूदा डेटा‑सेंटर ढांचे में भी आसानी से फिट हो सकते हैं।
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