यहां मुख्य अंतर विश्लेषण और डेटा को सुरक्षित रखे जाने के बीच है। सिस्टम संबंधित गतिविधि का सुरक्षा उद्देश्यों से विश्लेषण कर सकता है, लेकिन OpenAI के अनुसार मूल प्रॉम्प्ट और मॉडल के जवाब उसके कर्मचारियों को सिस्टम के जरिए उपलब्ध नहीं कराए जाते।
OpenAI ने ZDR तैनाती के लिए डेटा नियंत्रण की दो संभावित व्यवस्थाएं बताई हैं:
दोनों स्थितियों में स्वचालित सिस्टम संभावित दुरुपयोग की पहचान कर सीमित सुरक्षा संकेत भेज सकते हैं, जबकि मूल प्रॉम्प्ट या जवाब उजागर नहीं होते।
OpenAI के प्रीव्यू विवरण के अनुसार, कंपनी को गतिविधि के प्रकार के बारे में सीमित दायरे वाला अलर्ट मिलता है। कंपनी के सिस्टम डायग्राम में आउटपुट को बातचीत के बजाय अलर्ट श्रेणी और गंभीरता के रूप में दिखाया गया है।
सरल शब्दों में प्रक्रिया कुछ ऐसी हो सकती है:
इसका अर्थ यह नहीं है कि OpenAI को हर संदिग्ध सत्र का पूरा इतिहास मिल जाता है। हालांकि यह अभी प्रीव्यू चरण में है, इसलिए इसके सटीक तकनीकी तरीके, जोखिम की सीमाएं और गलत अलर्ट से निपटने की प्रक्रिया उद्यम ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण होंगी। OpenAI ने सितंबर 2026 में व्यापक रोलआउट और एक तकनीकी व्हाइट पेपर की योजना बताई है।
किसी गतिविधि पर सुरक्षा अलर्ट लगने से OpenAI कर्मचारियों को अपने-आप बातचीत पढ़ने की अनुमति नहीं मिलती। OpenAI के अनुसार, बताई गई ZDR व्यवस्थाओं में कंपनी ग्राहक की सामग्री को अपने पास रखती नहीं है। OpenAI द्वारा होस्ट की गई स्टोरेज व्यवस्था में डिक्रिप्शन कुंजियां भी ग्राहक के नियंत्रण में रहती हैं।
ग्राहक चाहे तो किसी कार्रवाई के खिलाफ अपील करने, वैध उपयोग का स्पष्टीकरण देने या पुष्ट दुरुपयोग की जांच में मदद करने के लिए संबंधित सामग्री स्वेच्छा से साझा कर सकता है। लेकिन ऐसी स्वैच्छिक साझेदारी के बिना OpenAI को केवल मशीन-जनित सुरक्षा संकेत मिलता है, पूरी बातचीत नहीं।
इससे दो स्तर अलग रहते हैं:
यह मॉडल प्रदाता द्वारा संभाली जाने वाली संवेदनशील सामग्री की मात्रा घटा सकता है, साथ ही उसे ऐसे पैटर्न पहचानने में मदद कर सकता है जो एक-एक अनुरोध की जांच से छूट सकते हैं।
OpenAI ने Glean, Databricks, Abridge और Microsoft को उन ग्राहकों में शामिल बताया है जो इस प्रीव्यू को आकार देने या उसका परीक्षण करने में मदद कर रहे हैं। अन्य रिपोर्टों में भी Microsoft और Databricks को शुरुआती परीक्षण ग्राहकों के रूप में बताया गया है।
यह सुविधा आम उपभोक्ता सेटिंग के तौर पर पेश नहीं की गई है। इसका लक्ष्य ऐसे पात्र API deployments हैं जहां संगठन उन्नत AI मॉडल इस्तेमाल करना चाहते हैं, लेकिन अपने प्रॉम्प्ट और आउटपुट पर कड़ा नियंत्रण बनाए रखना चाहते हैं।
OpenAI का Private Safety Processing प्रदाता की पहुंच को न्यूनतम रखते हुए दुरुपयोग की पहचान करने पर जोर देता है। दूसरी ओर, Anthropic की Covered Models नीति में संबंधित मॉडल के प्रॉम्प्ट और आउटपुट 30 दिनों तक रखे जाते हैं ताकि सुरक्षा कार्य और नियंत्रित मानवीय समीक्षा की जा सके।
Anthropic के दस्तावेजों के अनुसार, यह नियम Covered Models पर लागू होता है। इसमें Mythos-क्लास मॉडल शामिल हैं और ये मॉडल ZDR के तहत उपलब्ध नहीं हैं। कंपनी यह भी कहती है कि ग्राहक की स्पष्ट अनुमति के बिना रखे गए डेटा का इस्तेमाल मॉडल ट्रेनिंग के लिए नहीं किया जाता।
व्यावहारिक अंतर इस प्रकार है:
दोनों व्यवस्थाओं में ग्राहक की अपनी डेटा-गवर्नेंस जिम्मेदारियां खत्म नहीं होतीं। किसी भी संवेदनशील वर्कलोड के लिए संगठन को पात्रता नियम, deployment architecture, access controls, डेटा-रिटेंशन शर्तें, क्षेत्रीय आवश्यकताएं, अपील प्रक्रिया और अनुबंधीय प्रतिबद्धतियां अलग से जांचनी होंगी।
वित्त, स्वास्थ्य सेवा और कानून जैसे क्षेत्रों में कंपनियां ऐसी जानकारी संभालती हैं जिस पर गोपनीयता नियम, पेशेवर दायित्व, अनुबंधीय गोपनीयता या क्षेत्र-विशेष की पाबंदियां लागू हो सकती हैं। किसी AI प्रदाता द्वारा प्रॉम्प्ट को रखने और संभावित रूप से उसकी समीक्षा करने की क्षमता डेटा-मिनिमाइजेशन, आंतरिक मंजूरी, ऑडिट डिजाइन और vendor-risk assessment को प्रभावित कर सकती है।
इसका यह अर्थ नहीं कि 30 दिनों की रिटेंशन नीति अपने-आप अवैध है या ZDR अपने-आप किसी deployment को compliant बना देता है। अंतर इतना है कि दोनों मॉडल सुरक्षा और कानूनी टीमों के सामने अलग सवाल रखते हैं। Anthropic की नीति में प्रदाता की रिटेंशन और समीक्षा को ध्यान में रखना होगा, जबकि OpenAI ZDR और Private Safety Processing को ग्राहक की सामग्री तक प्रदाता की पहुंच सीमित करने वाले मॉडल के रूप में पेश कर रहा है।
Enterprise buyer के लिए कुछ व्यावहारिक सवाल हैं:
यह बहस केवल तकनीकी सुरक्षा नीति तक सीमित नहीं है। दोनों कंपनियां enterprise AI बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं: OpenAI “प्रदाता की सामग्री तक पहुंच के बिना सुरक्षा” को आगे रख रहा है, जबकि Anthropic अधिक जांच-योग्य मॉडल के लिए सीमित अवधि तक सामग्री रखने का विकल्प अपना रहा है।
Anthropic के बारे में निवेशकों को दी गई जानकारी के आधार पर उसकी annualized revenue run rate जुलाई के अंत तक 65 अरब डॉलर पहुंचने की रिपोर्ट आई थी, जबकि OpenAI के लिए लगभग 40 अरब डॉलर का आंकड़ा बताया गया। Anthropic की दूसरी तिमाही 2026 की प्रारंभिक आय 11.5 अरब डॉलर से अधिक बताई गई, जिसे कुछ रिपोर्टों ने पहली बार OpenAI की तिमाही आय से अधिक बताया। ये निजी कंपनियों के प्रारंभिक या रिपोर्ट किए गए आंकड़े हैं, सार्वजनिक ऑडिटेड नतीजे नहीं।
Anthropic के संभावित IPO valuation के 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की अटकलें भी सामने आई हैं, लेकिन यह निवेशक अपेक्षा है—स्थापित valuation या सार्वजनिक बाजार का तथ्य नहीं। उपलब्ध स्रोतों में जून 2026 में Anthropic की confidential S-1 filing की रिपोर्ट मिलती है। OpenAI द्वारा उसी अवधि में confidential S-1 दाखिल किए जाने की पुष्टि यहां उपलब्ध उच्च-विश्वसनीयता वाले स्रोतों से नहीं होती।
Private Safety Processing AI सुरक्षा की परिभाषा को थोड़ा बदलता है। सवाल केवल यह नहीं रह जाता कि मॉडल किसी असुरक्षित अनुरोध को रोक सकता है या नहीं। अब यह भी महत्वपूर्ण है कि प्रदाता लंबे और बिखरे हुए वर्कफ़्लो में समन्वित दुरुपयोग पहचान पाए—बिना हर ग्राहक की बातचीत अपने पास रखे।
OpenAI का प्रीव्यू इसका एक उत्तर पेश करता है: सामग्री ग्राहक के नियंत्रण वाले इंफ्रास्ट्रक्चर पर रखी जाए या ग्राहक-नियंत्रित कुंजियों से सुरक्षित हो, स्वचालित सिस्टम संबंधित इंटरैक्शन में पैटर्न खोजें और प्रदाता को सीमित जोखिम वर्गीकरण भेजें।
Anthropic का Covered Models मॉडल दूसरा रास्ता अपनाता है: सुरक्षा टीमों को जांच की सुविधा देने के लिए संबंधित प्रॉम्प्ट और आउटपुट सीमित अवधि तक रखे जाएं, नियंत्रित समीक्षा की जाए और ग्राहक की स्पष्ट अनुमति के बिना मॉडल ट्रेनिंग में उनका इस्तेमाल न हो।
आखिरकार चुनाव ग्राहक के जोखिम-सहन स्तर, वर्कलोड की संवेदनशीलता और इस विचार पर निर्भर करेगा कि frontier AI प्रदाता को दुरुपयोग की जांच के लिए कितनी दृश्यता चाहिए। OpenAI का प्रस्तावित तकनीकी व्हाइट पेपर और व्यापक rollout यह समझने में मदद करेंगे कि ये privacy दावे वास्तविक enterprise deployments में कितने प्रभावी साबित होते हैं।