लंबे समय तक एक आम धारणा यह रही कि सबसे अच्छे समाधान square‑grid जैसे पैटर्न में मिलेंगे — यानी जैसे बिंदुओं को एक जाली (lattice) के रूप में व्यवस्थित किया जाता है।
कंपनी का कहना है कि उसके general‑purpose reasoning model ने एक बिल्कुल नया गणितीय तर्क विकसित किया जिसने इस ज्योमेट्री परिकल्पना को खारिज कर दिया।
रिपोर्टों के अनुसार इस काम की कुछ प्रमुख बातें हैं:
अगर यह सही साबित होता है, तो यह उस धारणा को बदल देता है कि इस समस्या के सर्वोत्तम समाधान किस तरह दिखते होंगे।
यह घोषणा उस विवाद के बाद आई है जिसमें GPT‑5 से जुड़ा एक बड़ा दावा किया गया था।
उस मामले में कहा गया था कि मॉडल ने Erdős की कई समस्याएँ हल कर दी हैं। लेकिन बाद की जांच में पता चला कि मॉडल ने पहले से प्रकाशित गणितीय परिणामों को ही दोबारा खोज लिया था। यानी वास्तव में कोई नया समाधान नहीं मिला था।
इस बार स्थिति दो वजहों से अलग बताई जा रही है:
फिर भी गणित में अंतिम स्वीकृति तब मिलती है जब प्रमाण पूरी तरह जाँचा जाए और किसी peer‑reviewed जर्नल में प्रकाशित हो।
रिपोर्टों के अनुसार कुछ प्रसिद्ध गणितज्ञों ने इस प्रमाण को देखा और सकारात्मक टिप्पणियाँ दीं। इनमें Noga Alon, Melanie Wood और Thomas Bloom जैसे शोधकर्ता शामिल बताए जाते हैं, जो combinatorics और number theory के विशेषज्ञ हैं।
कुछ टिप्पणियों में कहा गया कि AI द्वारा बनाया गया यह प्रमाण पहले के AI प्रयासों की तुलना में काफी अधिक मजबूत और गहरा लगता है।
फिर भी व्यापक गणितीय समुदाय आम तौर पर ऐसे दावों को स्वीकार करने से पहले विस्तृत जांच करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना का महत्व सिर्फ एक ज्योमेट्री समस्या तक सीमित नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या AI अब लंबी और जटिल तार्किक श्रृंखलाओं (long chains of reasoning) को संभाल सकता है।
कई वैज्ञानिक समस्याओं में सैकड़ों या हजारों तर्कपूर्ण कदमों की आवश्यकता होती है। अगर AI इस तरह के तर्क विकसित कर सकता है, तो यह कई क्षेत्रों में शोध को तेज कर सकता है, जैसे:
कुछ शोधकर्ताओं के अनुसार, यह संकेत हो सकता है कि AI धीरे‑धीरे सिर्फ वैज्ञानिकों की मदद करने वाले टूल से आगे बढ़कर कभी‑कभी नए सिद्धांत और विचार उत्पन्न करने वाला सहयोगी बन सकता है।
OpenAI का दावा है कि उसके reasoning मॉडल ने Erdős की 1946 की प्रसिद्ध ज्योमेट्री समस्या से जुड़ी एक परिकल्पना को गलत साबित करने वाला नया और मौलिक गणितीय प्रमाण तैयार किया है।
यह दावा पहले के GPT‑5 मामले से अलग बताया जा रहा है, क्योंकि इस बार कहा जा रहा है कि परिणाम वास्तव में नया है और बाहरी गणितज्ञों ने इसे देखा है।
लेकिन गणित में अंतिम फैसला तभी होता है जब प्रमाण पूरी तरह peer review से गुजर जाए। अगर यह परीक्षणों में सही साबित होता है, तो यह शुद्ध गणित में AI की ओर से आया पहला बड़ा मौलिक शोध योगदान माना जा सकता है।
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