NASA का Nancy Grace Roman Space Telescope 30 अगस्त 2026 को सुबह 7:26 बजे EDT पर SpaceX Falcon Heavy से लॉन्च के लिए लक्षित है। भारत में यह समय शाम 4:56 बजे IST होगा। Roman में Hubble के बराबर 2.4 मीटर का दर्पण है, लेकिन इसका 300 मेगापिक्सल इंफ्रारेड कैमरा Hubble से 100 गुना से अधिक बड़ा क्षेत्र देख सकेगा। इसके सर्वे...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is NASA’s $4 billion Nancy Grace Roman Space Telescope, when and from where is it scheduled to launch aboard SpaceX’s Falcon Heavy, wha. Article summary: NASA’s roughly $4 billion Nancy Grace Roman Space Telescope is a wide-field infrared observatory built to survey dark energy, map galaxies, and conduct a census of exoplanets. It is scheduled to launch on a SpaceX Falcon. Topic tags: general, government, education, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts
NASA का Nancy Grace Roman Space Telescope खगोल विज्ञान में केवल “और दूर तक देखने” वाली दूरबीन नहीं है। इसकी असली ताकत एक साथ बहुत बड़े आकाशीय क्षेत्र का तेज, बार-बार और समान गुणवत्ता वाला सर्वे करना है।
इसकी 2.4 मीटर की मुख्य दर्पण-चौड़ाई Hubble जितनी ही है, लेकिन इसका Wide Field Instrument (WFI) निकट-अवरक्त प्रकाश में Hubble से 100 गुना से अधिक बड़ा क्षेत्र कैद करेगा। उपयुक्त सर्वे कार्यक्रमों में NASA के अनुसार Roman, Hubble की तुलना में आकाश का सर्वे 1,000 गुना तक तेज कर सकती है। 4
6
7
लॉन्च के लिए Roman को 30 अगस्त 2026 को सुबह 7:26 बजे EDT पर SpaceX Falcon Heavy रॉकेट से NASA के Kennedy Space Center स्थित Launch Complex 39A से भेजे जाने का लक्ष्य है। भारत में यह समय शाम 4:56 बजे IST होगा। यह अभी निर्धारित लक्ष्य समय है, अंतिम गारंटी नहीं। 28 अगस्त को होने वाली अंतिम Launch Readiness Review और “go/no-go” समीक्षा के बाद ही अंतिम निर्णय होगा। 47
50
54
Roman NASA की एक अंतरिक्ष वेधशाला है, जिसे निकट-अवरक्त तरंगदैर्ध्य में बड़े क्षेत्र की इमेजिंग और स्पेक्ट्रोस्कोपी के लिए बनाया गया है। इसके प्रमुख वैज्ञानिक लक्ष्य हैं:
Hubble, Webb और Roman की भूमिकाएं एक जैसी नहीं होंगी। Hubble किसी एक लक्ष्य की बारीक और लचीली तस्वीरों के लिए बेहद उपयोगी है, जबकि Roman का डिजाइन बार-बार विशाल आकाशीय क्षेत्रों का नक्शा बनाने पर केंद्रित है। NASA का अनुमान है कि Roman अपने पहले पांच वर्षों में Hubble के पहले 30 वर्षों में देखे गए क्षेत्र से 50 गुना अधिक आकाश की इमेजिंग करेगी। 4
Roman को 25 नवंबर 2025 को NASA के Goddard Space Flight Center में पूरी तरह जोड़ा गया था। 51 इसके बाद Kennedy Space Center में लॉन्च अभियान के कई अहम पड़ाव पूरे हुए:
इन उपलब्धियों का अर्थ है कि Roman निर्माण चरण से निकलकर अंतिम लॉन्च अभियान में पहुंच चुकी थी। फिर भी तकनीकी समस्या, मौसम या रेंज संबंधी बाधाओं के कारण तारीख बदल सकती है।
Roman का मुख्य दर्पण 2.4 मीटर चौड़ा है—Hubble के दर्पण के बराबर। अंतर इसके ऑप्टिकल डिजाइन और डिटेक्टरों की विशाल श्रृंखला में है। इसका Wide Field Instrument लगभग 300-मेगापिक्सल का निकट-अवरक्त कैमरा है, जिसका field of view Hubble के इंफ्रारेड कैमरे से 100 गुना से अधिक बड़ा है। 1
2
4
Roman की एक तस्वीर में पूर्णिमा के चंद्रमा के दिखाई देने वाले आकार से भी बड़ा आकाशीय क्षेत्र आ सकता है। इसके मुकाबले Hubble के इंफ्रारेड चित्र लगभग 200 गुना छोटे क्षेत्र को कवर करते हैं। 6
इसका मतलब यह नहीं कि Roman Hubble की जगह लेगी। Roman बड़े और लगातार एकसमान मानचित्र तैयार करेगी, फिर Hubble, James Webb Space Telescope और धरती पर मौजूद वेधशालाएं चुने हुए लक्ष्यों का अधिक विस्तृत अध्ययन कर सकेंगी।
Roman की सर्वे गति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक ही क्षेत्र को दोबारा देखकर समय के साथ होने वाले बेहद सूक्ष्म बदलावों को माप सकती है और बड़े सांख्यिकीय नमूने तैयार कर सकती है।
Roman में दो वैज्ञानिक उपकरण होंगे—Wide Field Instrument और Coronagraph Instrument। Coronagraph अभी व्यापक पृथ्वी-जैसे ग्रहों की खोज के लिए नहीं, बल्कि एक तकनीकी प्रदर्शन के रूप में बनाया गया है। 3
13
किसी ग्रह की रोशनी उसके तारे की चमक के सामने लगभग गायब हो जाती है। Coronagraph तारे की रोशनी रोकने के लिए विशेष masks और बची हुई ऑप्टिकल विकृतियों को कम करने के लिए सक्रिय रूप से नियंत्रित deformable mirrors का उपयोग करेगा। इसकी लक्षित contrast क्षमता लगभग एक अरब में एक भाग तक हो सकती है। इससे चुनिंदा विशाल एक्सोप्लैनेट्स और debris disks की तस्वीरें तथा कम-रिजॉल्यूशन वाले स्पेक्ट्रा लिए जा सकेंगे। 3
10
यह उपकरण सीधे तौर पर पृथ्वी की जुड़वां दुनिया खोजने का व्यापक सर्वे नहीं है। फिर भी इससे मिली तकनीकी जानकारी भविष्य के उन मिशनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जो छोटे और संभावित रूप से रहने योग्य ग्रहों की सीधी तस्वीर लेने का प्रयास करेंगे।
Roman का कॉस्मोलॉजी कार्यक्रम कई अलग-अलग मापों को जोड़कर यह समझने की कोशिश करेगा कि ब्रह्मांड का विस्तार कैसे हुआ और पदार्थ की संरचना समय के साथ कैसे बदली।
Roman का High-Latitude Wide-Area Survey लगभग 5,000 वर्ग डिग्री से अधिक क्षेत्र—आकाश के करीब 12 प्रतिशत हिस्से—को डेढ़ साल से कम समय में कवर करने के लिए तैयार किया गया है। इसमें इमेजिंग और स्पेक्ट्रोस्कोपी के जरिए आकाशगंगाओं की स्थिति, दूरी और आपसी clustering मापी जाएगी। 33
37
एक संदर्भ सर्वे डिजाइन में baryon acoustic oscillations यानी BAO के लिए करीब 1.2 करोड़ आकाशगंगाओं के redshift मापने का अनुमान है। प्रारंभिक ब्रह्मांड में ध्वनि तरंगों से बचा एक खास पैमाना BAO में दिखाई देता है। यह ब्रह्मांडीय विस्तार को मापने के लिए एक तरह के “मानक पैमाने” का काम करता है। 35
दूर की आकाशगंगाओं की रोशनी जब बीच में मौजूद पदार्थ से होकर गुजरती है, तो गुरुत्वाकर्षण उनके दिखाई देने वाले आकार को थोड़ा विकृत कर देता है। लाखों आकाशगंगाओं की इस विकृति को मापकर Roman सामान्य पदार्थ और डार्क मैटर के वितरण का नक्शा बना सकेगी। इससे यह भी पता चलेगा कि ब्रह्मांडीय संरचनाएं समय के साथ कैसे विकसित हुईं। एक संदर्भ डिजाइन में करीब 37 करोड़ lensing-प्रभावित आकाशगंगाओं के आकार मापने की बात है। 35
Roman समय के साथ बदलने वाले आकाशीय स्रोतों का सर्वे करते हुए लगभग redshift 2 तक हजारों Type Ia supernovae खोज और मॉनिटर कर सकेगी। इन सुपरनोवा की calibrated चमक और मापी गई दूरी ब्रह्मांडीय इतिहास में विस्तार की दर का संकेत देंगी। 31
सुपरनोवा से मिली दूरी, BAO का मानक पैमाना और weak lensing से मिला पदार्थ-वितरण—इन तीनों को मिलाकर वैज्ञानिक जांच सकेंगे कि ब्रह्मांड का तेज होता विस्तार cosmological constant, बदलती हुई dark energy या गुरुत्वाकर्षण के किसी संशोधित सिद्धांत से बेहतर समझाया जा सकता है। Roman इन परीक्षणों को अधिक सटीक बनाएगी, लेकिन हर रहस्य का समाधान निश्चित रूप से करेगी—ऐसा कहना जल्दबाजी होगी।
“Hubble tension” ब्रह्मांड की वर्तमान विस्तार दर के उन अनुमानों के बीच असहमति को कहा जाता है, जो अलग-अलग युगों और तरीकों से निकाले जाते हैं। उपलब्ध सामग्री में इस अंतर को लगभग 8 प्रतिशत बताया गया है।
Roman किसी एक माप से इस समस्या का फैसला नहीं करेगी। इसकी अहमियत यह है कि यह सुपरनोवा की दूरी, आकाशगंगाओं के clustering और पदार्थ की वृद्धि को स्वतंत्र तथा नियंत्रित तरीकों से माप सकेगी।
अगर ये सभी संकेत एक ही विस्तार इतिहास की ओर इशारा करते हैं, तो वैज्ञानिक बेहतर ढंग से अलग कर पाएंगे कि समस्या किसी अनदेखी measurement bias की है या नई भौतिकी की। अगर परिणाम आपस में मेल नहीं खाते, तो असहमति का पैटर्न यह बता सकता है कि किन मान्यताओं की फिर से जांच जरूरी है। इसलिए उचित उम्मीद “बेहतर प्रमाण” की है, किसी निश्चित समाधान की नहीं।
Roman Milky Way के घने केंद्रीय क्षेत्रों की ओर बार-बार देखेगी और करोड़ों तारों की चमक में होने वाले बदलावों को रिकॉर्ड करेगी। ग्रहों की खोज के लिए दो प्रमुख संकेतों का इस्तेमाल होगा:
NASA को microlensing के जरिए 1,000 से अधिक ग्रह मिलने की उम्मीद है। 9 अनुकूल घटनाओं में यह विधि मंगल से छोटे द्रव्यमान के करीब पहुंचने वाले ग्रहों और ऐसे free-floating या “rogue” planets को भी पकड़ सकती है, जो किसी तारे से गुरुत्वाकर्षण रूप से बंधे नहीं हैं।
20
21
ये अनुमानित खोज-संख्या हैं, पहले से पुष्ट ग्रहों की गिनती नहीं। Transit विधि उन ग्रहों को खोजने में स्वाभाविक रूप से बेहतर है जो अपने तारे के सामने से गुजरते हैं। Microlensing इसके विपरीत ठंडे, दूर स्थित और तारे-विहीन ग्रहों की आबादी तक पहुंच देती है, जिन्हें transit और radial-velocity सर्वे कम प्रभावी ढंग से खोजते हैं।
लॉन्च के बाद Roman को सूर्य-पृथ्वी L2 बिंदु के आसपास halo orbit में भेजा जाना है। यह स्थान पृथ्वी से सूर्य की विपरीत दिशा में करीब 10 लाख मील दूर है। वहां से दूरबीन चुने हुए क्षेत्रों को लंबे समय तक स्थिरता से देख सकेगी और इंफ्रारेड सर्वे के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा। 18
51
लॉन्च के बाद spacecraft को L2 तक पहुंचने, तैनाती, उपकरणों को सक्रिय करने, calibration और commissioning से गुजरना होगा। उपलब्ध NASA सामग्री में पहले सार्वजनिक science release की कोई पक्की तारीख नहीं दी गई है। इसलिए पहली वैज्ञानिक तस्वीरों या परिणामों को लॉन्च के तुरंत बाद आने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
Roman का prime mission करीब पांच वर्षों के अवलोकन कार्यक्रम के लिए बनाया गया है। इसके बाद विस्तार संभव हो सकता है, लेकिन यह spacecraft की स्थिति, ईंधन, फंडिंग और वैज्ञानिक प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगा। इसे अभी से निश्चित नहीं माना जाना चाहिए। 4
Roman को दूसरी दूरबीनों का विकल्प नहीं, बल्कि एक बड़े अंतरिक्ष-अवलोकन नेटवर्क का हिस्सा समझना बेहतर होगा।
Roman की सबसे बड़ी खासियत उसका पैमाना है: Hubble जैसी तस्वीर की तीक्ष्णता, लेकिन 100 गुना से अधिक बड़ा field of view। इससे यह बड़े हिस्से के आकाश का मानचित्र बना सकेगी, ब्रह्मांडीय विस्तार और पदार्थ की वृद्धि को कई स्वतंत्र तरीकों से जांच सकेगी और ऐसे ग्रहों की आबादी सामने ला सकेगी जिन्हें पृथ्वी से खोजना कठिन है।
30 अगस्त 2026 का Falcon Heavy लॉन्च अगला बड़ा पड़ाव है। असली वैज्ञानिक परीक्षा उसके बाद शुरू होगी—जब Roman यह जांचेगी कि ब्रह्मांड का तेज होता विस्तार हमारी मौजूदा समझ के अनुरूप है या नहीं, और Milky Way में ठंडी, दूरस्थ या बिना तारे के घूमती कितनी दुनियाएं मौजूद हैं।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
NASA का Nancy Grace Roman Space Telescope 30 अगस्त 2026 को सुबह 7:26 बजे EDT पर SpaceX Falcon Heavy से लॉन्च के लिए लक्षित है। भारत में यह समय शाम 4:56 बजे IST होगा।
NASA का Nancy Grace Roman Space Telescope 30 अगस्त 2026 को सुबह 7:26 बजे EDT पर SpaceX Falcon Heavy से लॉन्च के लिए लक्षित है। भारत में यह समय शाम 4:56 बजे IST होगा। Roman में Hubble के बराबर 2.4 मीटर का दर्पण है, लेकिन इसका 300 मेगापिक्सल इंफ्रारेड कैमरा Hubble से 100 गुना से अधिक बड़ा क्षेत्र देख सकेगा।
इसके सर्वे से 1 लाख से अधिक ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट और 1,000 से ज्यादा माइक्रोलेंसिंग ग्रह मिलने का अनुमान है, साथ ही डार्क एनर्जी और ब्रह्मांड के विस्तार की जांच होगी।
NASA का Nancy Grace Roman Space Telescope 30 अगस्त 2026 को सुबह 7:26 बजे EDT पर SpaceX Falcon Heavy से लॉन्च के लिए लक्षित है। भारत में यह समय शाम 4:56 बजे IST होगा। Roman में Hubble के बराबर 2.4 मीटर का दर्पण है, लेकिन इसका 300 मेगापिक्सल इंफ्रारेड कैमरा Hubble से 100 गुना से अधिक बड़ा क्षेत्र देख सकेगा। इसके सर्वे...
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Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is NASA’s $4 billion Nancy Grace Roman Space Telescope, when and from where is it scheduled to launch aboard SpaceX’s Falcon Heavy, wha. Article summary: NASA’s roughly $4 billion Nancy Grace Roman Space Telescope is a wide-field infrared observatory built to survey dark energy, map galaxies, and conduct a census of exoplanets. It is scheduled to launch on a SpaceX Falcon. Topic tags: general, government, education, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts
NASA का Nancy Grace Roman Space Telescope खगोल विज्ञान में केवल “और दूर तक देखने” वाली दूरबीन नहीं है। इसकी असली ताकत एक साथ बहुत बड़े आकाशीय क्षेत्र का तेज, बार-बार और समान गुणवत्ता वाला सर्वे करना है।
इसकी 2.4 मीटर की मुख्य दर्पण-चौड़ाई Hubble जितनी ही है, लेकिन इसका Wide Field Instrument (WFI) निकट-अवरक्त प्रकाश में Hubble से 100 गुना से अधिक बड़ा क्षेत्र कैद करेगा। उपयुक्त सर्वे कार्यक्रमों में NASA के अनुसार Roman, Hubble की तुलना में आकाश का सर्वे 1,000 गुना तक तेज कर सकती है। 4
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लॉन्च के लिए Roman को 30 अगस्त 2026 को सुबह 7:26 बजे EDT पर SpaceX Falcon Heavy रॉकेट से NASA के Kennedy Space Center स्थित Launch Complex 39A से भेजे जाने का लक्ष्य है। भारत में यह समय शाम 4:56 बजे IST होगा। यह अभी निर्धारित लक्ष्य समय है, अंतिम गारंटी नहीं। 28 अगस्त को होने वाली अंतिम Launch Readiness Review और “go/no-go” समीक्षा के बाद ही अंतिम निर्णय होगा। 47
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Roman NASA की एक अंतरिक्ष वेधशाला है, जिसे निकट-अवरक्त तरंगदैर्ध्य में बड़े क्षेत्र की इमेजिंग और स्पेक्ट्रोस्कोपी के लिए बनाया गया है। इसके प्रमुख वैज्ञानिक लक्ष्य हैं:
Hubble, Webb और Roman की भूमिकाएं एक जैसी नहीं होंगी। Hubble किसी एक लक्ष्य की बारीक और लचीली तस्वीरों के लिए बेहद उपयोगी है, जबकि Roman का डिजाइन बार-बार विशाल आकाशीय क्षेत्रों का नक्शा बनाने पर केंद्रित है। NASA का अनुमान है कि Roman अपने पहले पांच वर्षों में Hubble के पहले 30 वर्षों में देखे गए क्षेत्र से 50 गुना अधिक आकाश की इमेजिंग करेगी। 4
Roman को 25 नवंबर 2025 को NASA के Goddard Space Flight Center में पूरी तरह जोड़ा गया था। 51 इसके बाद Kennedy Space Center में लॉन्च अभियान के कई अहम पड़ाव पूरे हुए:
इन उपलब्धियों का अर्थ है कि Roman निर्माण चरण से निकलकर अंतिम लॉन्च अभियान में पहुंच चुकी थी। फिर भी तकनीकी समस्या, मौसम या रेंज संबंधी बाधाओं के कारण तारीख बदल सकती है।
Roman का मुख्य दर्पण 2.4 मीटर चौड़ा है—Hubble के दर्पण के बराबर। अंतर इसके ऑप्टिकल डिजाइन और डिटेक्टरों की विशाल श्रृंखला में है। इसका Wide Field Instrument लगभग 300-मेगापिक्सल का निकट-अवरक्त कैमरा है, जिसका field of view Hubble के इंफ्रारेड कैमरे से 100 गुना से अधिक बड़ा है। 1
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Roman की एक तस्वीर में पूर्णिमा के चंद्रमा के दिखाई देने वाले आकार से भी बड़ा आकाशीय क्षेत्र आ सकता है। इसके मुकाबले Hubble के इंफ्रारेड चित्र लगभग 200 गुना छोटे क्षेत्र को कवर करते हैं। 6
इसका मतलब यह नहीं कि Roman Hubble की जगह लेगी। Roman बड़े और लगातार एकसमान मानचित्र तैयार करेगी, फिर Hubble, James Webb Space Telescope और धरती पर मौजूद वेधशालाएं चुने हुए लक्ष्यों का अधिक विस्तृत अध्ययन कर सकेंगी।
Roman की सर्वे गति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक ही क्षेत्र को दोबारा देखकर समय के साथ होने वाले बेहद सूक्ष्म बदलावों को माप सकती है और बड़े सांख्यिकीय नमूने तैयार कर सकती है।
Roman में दो वैज्ञानिक उपकरण होंगे—Wide Field Instrument और Coronagraph Instrument। Coronagraph अभी व्यापक पृथ्वी-जैसे ग्रहों की खोज के लिए नहीं, बल्कि एक तकनीकी प्रदर्शन के रूप में बनाया गया है। 3
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किसी ग्रह की रोशनी उसके तारे की चमक के सामने लगभग गायब हो जाती है। Coronagraph तारे की रोशनी रोकने के लिए विशेष masks और बची हुई ऑप्टिकल विकृतियों को कम करने के लिए सक्रिय रूप से नियंत्रित deformable mirrors का उपयोग करेगा। इसकी लक्षित contrast क्षमता लगभग एक अरब में एक भाग तक हो सकती है। इससे चुनिंदा विशाल एक्सोप्लैनेट्स और debris disks की तस्वीरें तथा कम-रिजॉल्यूशन वाले स्पेक्ट्रा लिए जा सकेंगे। 3
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यह उपकरण सीधे तौर पर पृथ्वी की जुड़वां दुनिया खोजने का व्यापक सर्वे नहीं है। फिर भी इससे मिली तकनीकी जानकारी भविष्य के उन मिशनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जो छोटे और संभावित रूप से रहने योग्य ग्रहों की सीधी तस्वीर लेने का प्रयास करेंगे।
Roman का कॉस्मोलॉजी कार्यक्रम कई अलग-अलग मापों को जोड़कर यह समझने की कोशिश करेगा कि ब्रह्मांड का विस्तार कैसे हुआ और पदार्थ की संरचना समय के साथ कैसे बदली।
Roman का High-Latitude Wide-Area Survey लगभग 5,000 वर्ग डिग्री से अधिक क्षेत्र—आकाश के करीब 12 प्रतिशत हिस्से—को डेढ़ साल से कम समय में कवर करने के लिए तैयार किया गया है। इसमें इमेजिंग और स्पेक्ट्रोस्कोपी के जरिए आकाशगंगाओं की स्थिति, दूरी और आपसी clustering मापी जाएगी। 33
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एक संदर्भ सर्वे डिजाइन में baryon acoustic oscillations यानी BAO के लिए करीब 1.2 करोड़ आकाशगंगाओं के redshift मापने का अनुमान है। प्रारंभिक ब्रह्मांड में ध्वनि तरंगों से बचा एक खास पैमाना BAO में दिखाई देता है। यह ब्रह्मांडीय विस्तार को मापने के लिए एक तरह के “मानक पैमाने” का काम करता है। 35
दूर की आकाशगंगाओं की रोशनी जब बीच में मौजूद पदार्थ से होकर गुजरती है, तो गुरुत्वाकर्षण उनके दिखाई देने वाले आकार को थोड़ा विकृत कर देता है। लाखों आकाशगंगाओं की इस विकृति को मापकर Roman सामान्य पदार्थ और डार्क मैटर के वितरण का नक्शा बना सकेगी। इससे यह भी पता चलेगा कि ब्रह्मांडीय संरचनाएं समय के साथ कैसे विकसित हुईं। एक संदर्भ डिजाइन में करीब 37 करोड़ lensing-प्रभावित आकाशगंगाओं के आकार मापने की बात है। 35
Roman समय के साथ बदलने वाले आकाशीय स्रोतों का सर्वे करते हुए लगभग redshift 2 तक हजारों Type Ia supernovae खोज और मॉनिटर कर सकेगी। इन सुपरनोवा की calibrated चमक और मापी गई दूरी ब्रह्मांडीय इतिहास में विस्तार की दर का संकेत देंगी। 31
सुपरनोवा से मिली दूरी, BAO का मानक पैमाना और weak lensing से मिला पदार्थ-वितरण—इन तीनों को मिलाकर वैज्ञानिक जांच सकेंगे कि ब्रह्मांड का तेज होता विस्तार cosmological constant, बदलती हुई dark energy या गुरुत्वाकर्षण के किसी संशोधित सिद्धांत से बेहतर समझाया जा सकता है। Roman इन परीक्षणों को अधिक सटीक बनाएगी, लेकिन हर रहस्य का समाधान निश्चित रूप से करेगी—ऐसा कहना जल्दबाजी होगी।
“Hubble tension” ब्रह्मांड की वर्तमान विस्तार दर के उन अनुमानों के बीच असहमति को कहा जाता है, जो अलग-अलग युगों और तरीकों से निकाले जाते हैं। उपलब्ध सामग्री में इस अंतर को लगभग 8 प्रतिशत बताया गया है।
Roman किसी एक माप से इस समस्या का फैसला नहीं करेगी। इसकी अहमियत यह है कि यह सुपरनोवा की दूरी, आकाशगंगाओं के clustering और पदार्थ की वृद्धि को स्वतंत्र तथा नियंत्रित तरीकों से माप सकेगी।
अगर ये सभी संकेत एक ही विस्तार इतिहास की ओर इशारा करते हैं, तो वैज्ञानिक बेहतर ढंग से अलग कर पाएंगे कि समस्या किसी अनदेखी measurement bias की है या नई भौतिकी की। अगर परिणाम आपस में मेल नहीं खाते, तो असहमति का पैटर्न यह बता सकता है कि किन मान्यताओं की फिर से जांच जरूरी है। इसलिए उचित उम्मीद “बेहतर प्रमाण” की है, किसी निश्चित समाधान की नहीं।
Roman Milky Way के घने केंद्रीय क्षेत्रों की ओर बार-बार देखेगी और करोड़ों तारों की चमक में होने वाले बदलावों को रिकॉर्ड करेगी। ग्रहों की खोज के लिए दो प्रमुख संकेतों का इस्तेमाल होगा:
NASA को microlensing के जरिए 1,000 से अधिक ग्रह मिलने की उम्मीद है। 9 अनुकूल घटनाओं में यह विधि मंगल से छोटे द्रव्यमान के करीब पहुंचने वाले ग्रहों और ऐसे free-floating या “rogue” planets को भी पकड़ सकती है, जो किसी तारे से गुरुत्वाकर्षण रूप से बंधे नहीं हैं।
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ये अनुमानित खोज-संख्या हैं, पहले से पुष्ट ग्रहों की गिनती नहीं। Transit विधि उन ग्रहों को खोजने में स्वाभाविक रूप से बेहतर है जो अपने तारे के सामने से गुजरते हैं। Microlensing इसके विपरीत ठंडे, दूर स्थित और तारे-विहीन ग्रहों की आबादी तक पहुंच देती है, जिन्हें transit और radial-velocity सर्वे कम प्रभावी ढंग से खोजते हैं।
लॉन्च के बाद Roman को सूर्य-पृथ्वी L2 बिंदु के आसपास halo orbit में भेजा जाना है। यह स्थान पृथ्वी से सूर्य की विपरीत दिशा में करीब 10 लाख मील दूर है। वहां से दूरबीन चुने हुए क्षेत्रों को लंबे समय तक स्थिरता से देख सकेगी और इंफ्रारेड सर्वे के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा। 18
51
लॉन्च के बाद spacecraft को L2 तक पहुंचने, तैनाती, उपकरणों को सक्रिय करने, calibration और commissioning से गुजरना होगा। उपलब्ध NASA सामग्री में पहले सार्वजनिक science release की कोई पक्की तारीख नहीं दी गई है। इसलिए पहली वैज्ञानिक तस्वीरों या परिणामों को लॉन्च के तुरंत बाद आने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
Roman का prime mission करीब पांच वर्षों के अवलोकन कार्यक्रम के लिए बनाया गया है। इसके बाद विस्तार संभव हो सकता है, लेकिन यह spacecraft की स्थिति, ईंधन, फंडिंग और वैज्ञानिक प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगा। इसे अभी से निश्चित नहीं माना जाना चाहिए। 4
Roman को दूसरी दूरबीनों का विकल्प नहीं, बल्कि एक बड़े अंतरिक्ष-अवलोकन नेटवर्क का हिस्सा समझना बेहतर होगा।
Roman की सबसे बड़ी खासियत उसका पैमाना है: Hubble जैसी तस्वीर की तीक्ष्णता, लेकिन 100 गुना से अधिक बड़ा field of view। इससे यह बड़े हिस्से के आकाश का मानचित्र बना सकेगी, ब्रह्मांडीय विस्तार और पदार्थ की वृद्धि को कई स्वतंत्र तरीकों से जांच सकेगी और ऐसे ग्रहों की आबादी सामने ला सकेगी जिन्हें पृथ्वी से खोजना कठिन है।
30 अगस्त 2026 का Falcon Heavy लॉन्च अगला बड़ा पड़ाव है। असली वैज्ञानिक परीक्षा उसके बाद शुरू होगी—जब Roman यह जांचेगी कि ब्रह्मांड का तेज होता विस्तार हमारी मौजूदा समझ के अनुरूप है या नहीं, और Milky Way में ठंडी, दूरस्थ या बिना तारे के घूमती कितनी दुनियाएं मौजूद हैं।
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NASA का Nancy Grace Roman Space Telescope 30 अगस्त 2026 को सुबह 7:26 बजे EDT पर SpaceX Falcon Heavy से लॉन्च के लिए लक्षित है। भारत में यह समय शाम 4:56 बजे IST होगा।
NASA का Nancy Grace Roman Space Telescope 30 अगस्त 2026 को सुबह 7:26 बजे EDT पर SpaceX Falcon Heavy से लॉन्च के लिए लक्षित है। भारत में यह समय शाम 4:56 बजे IST होगा। Roman में Hubble के बराबर 2.4 मीटर का दर्पण है, लेकिन इसका 300 मेगापिक्सल इंफ्रारेड कैमरा Hubble से 100 गुना से अधिक बड़ा क्षेत्र देख सकेगा।
इसके सर्वे से 1 लाख से अधिक ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट और 1,000 से ज्यादा माइक्रोलेंसिंग ग्रह मिलने का अनुमान है, साथ ही डार्क एनर्जी और ब्रह्मांड के विस्तार की जांच होगी।