यह पारंपरिक चैटबॉट से थोड़ा अलग है। आमतौर पर AI असिस्टेंट सर्च बार या प्राइवेट चैट में होते हैं, लेकिन यहाँ यह एक सार्वजनिक अकाउंट की तरह बातचीत में शामिल होता है।
सबसे बड़ी आलोचना इस बात को लेकर है कि Threads यूज़र को @meta.ai अकाउंट ब्लॉक करने का विकल्प नहीं देता।
रिपोर्टों के अनुसार जब कुछ यूज़र इसे ब्लॉक करने की कोशिश करते हैं तो प्लेटफॉर्म संदेश दिखाता है कि यह कार्रवाई पूरी नहीं की जा सकती।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आम तौर पर यह एक बुनियादी नियंत्रण माना जाता है कि यूज़र किसी भी अकाउंट को ब्लॉक कर सके। इसलिए आलोचकों का कहना है कि यह डिजाइन AI को वैकल्पिक फीचर की बजाय मजबूरी जैसा अनुभव बनाता है।
ब्लॉक करने का विकल्प न होने के बावजूद Meta ने कुछ वैकल्पिक उपाय बताए हैं:
हालाँकि आलोचकों का कहना है कि ये विकल्प ब्लॉक जितने प्रभावी नहीं हैं, क्योंकि अकाउंट पूरी तरह से आपके सोशल अनुभव से गायब नहीं होता।
यह फीचर केवल एक तकनीकी प्रयोग नहीं है, बल्कि Threads की बड़ी रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।
Threads को Meta ने शुरू में Instagram से जुड़ा माइक्रोब्लॉगिंग ऐप बनाया था, लेकिन अब कंपनी इसे रियल‑टाइम बातचीत और जानकारी के प्लेटफॉर्म में बदलना चाहती है।
यह मॉडल कुछ हद तक X (पहले Twitter) के Grok AI जैसा है, जिसे भी बातचीत में टैग करके जवाब लिया जा सकता है।
AI को सीधे चर्चा में शामिल करके Meta चाहता है कि यूज़र ट्रेंडिंग खबरें, खेल, मनोरंजन या वायरल विषयों पर जानकारी पाने के लिए ऐप से बाहर न जाएँ।
Threads पर उठी यह बहस नई जरूर है, लेकिन Meta के लिए पूरी तरह अनजान नहीं।
2023 और 2024 में कंपनी ने Facebook और Instagram पर AI‑जनरेटेड कैरेक्टर प्रोफाइल लॉन्च किए थे जो सामान्य यूज़र की तरह पोस्ट करते और बातचीत करते थे।
इन प्रोफाइलों को लेकर भी भारी आलोचना हुई—लोगों ने कहा कि इससे प्लेटफॉर्म पर असली और कृत्रिम अकाउंट के बीच फर्क धुंधला हो जाता है। अंततः बढ़ते विरोध के बाद Meta ने उन कई AI प्रोफाइलों को हटा दिया।
इसी पृष्ठभूमि की वजह से Threads पर नया AI अकाउंट आते ही लोगों की प्रतिक्रिया तेज रही।
@meta.ai को लेकर विवाद दरअसल एक बड़े सवाल को सामने लाता है।
AI असिस्टेंट सोशल मीडिया को ज्यादा जानकारीपूर्ण और उपयोगी बना सकते हैं। लेकिन अगर ऐसे फीचर यूज़र की पसंद के बिना या सीमित नियंत्रण के साथ आते हैं, तो वे भरोसे और अनुभव दोनों पर असर डाल सकते हैं।
अब यह देखना बाकी है कि क्या Meta भविष्य में @meta.ai को ब्लॉक करने का विकल्प देगा या मौजूदा मॉडल को ही बनाए रखेगा। यही तय करेगा कि यह प्रयोग सफल फीचर बनता है या फिर एक और AI विवाद में बदल जाता है।
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