LG Energy Solution का आकलन सॉलिड-स्टेट बैटरियों को लेकर चल रही तेज घोषणाओं के बीच एक जरूरी सावधानी सामने रखता है। कंपनी के मुताबिक स्मार्टफोन, ड्रोन और दूसरे छोटे उपकरण इस तकनीक को बड़े पैमाने पर बिकने वाली इलेक्ट्रिक कारों से लगभग 10 साल पहले अपना सकते हैं। वजह यह है कि बड़े आकार के बैटरी सेल को लगातार एक जैसी गुणवत्ता, पर्याप्त उत्पादन और कम लागत के साथ बनाना अब भी सबसे बड़ी चुनौती है। 114
इसका मतलब यह नहीं है कि सॉलिड-स्टेट बैटरी पर काम रुक गया है। LG Energy Solution ने ग्रेफाइट-आधारित ऑल-सॉलिड-स्टेट EV बैटरियों के लिए 2029 में व्यावसायीकरण का लक्ष्य बताया है। दूसरी ओर, कई निर्माताओं ने इससे पहले पायलट उत्पादन, सड़क परीक्षण या प्रदर्शन वाहनों के लक्ष्य घोषित किए हैं। 192526 लेकिन पायलट लाइन, सीमित प्रोटोटाइप और लाखों वाहनों के लिए भरोसेमंद, लागत-प्रतिस्पर्धी उत्पादन—इन तीनों को एक ही उपलब्धि मानना सही नहीं होगा।
असली अड़चन बड़े पैमाने का उत्पादन
सॉलिड-स्टेट बैटरियां पारंपरिक लिथियम-आयन सेल में इस्तेमाल होने वाले तरल इलेक्ट्रोलाइट की जगह ठोस पदार्थ का उपयोग करती हैं। इससे अधिक ऊर्जा घनत्व और बेहतर सुरक्षा की संभावना बनती है, लेकिन प्रयोगशाला में अच्छा प्रदर्शन अपने-आप बड़े पैमाने पर व्यावसायिक सफलता की गारंटी नहीं देता।
LG Energy Solution North America के अध्यक्ष रॉबर्ट ली ने बड़े पैमाने के उत्पादन को मुख्य बाधा बताया है। छोटे सेल बनाना अपेक्षाकृत आसान होता है और हर यूनिट में कम सामग्री की जरूरत पड़ती है। इसके विपरीत, EV बैटरियों में बड़े सेल, बहुत अधिक उत्पादन और पूरी निर्माण प्रक्रिया में लगातार एक जैसी गुणवत्ता जरूरी होती है। 114
यही कारण है कि किसी स्मार्टफोन या ड्रोन में काम करने वाला सॉलिड-स्टेट सेल अपने-आप करोड़ों वाहनों के लिए तैयार बैटरी पैक नहीं बन जाता। ऑटोमोबाइल उद्योग को लंबे समय तक टिकाऊपन, सुरक्षा, स्थिर गुणवत्ता, उत्पादन की ऊंची उपज और ऐसी लागत भी साबित करनी होगी जो वाहन निर्माता और खरीदार—दोनों के लिए व्यावहारिक हो।
Lansing प्लांट LGES की निकट अवधि की प्राथमिकता दिखाता है
LG Energy Solution का नया Lansing, Michigan प्लांट कंपनी की तत्काल रणनीति की उपयोगी झलक देता है। 226 एकड़ में फैली इस सुविधा में 2 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया गया है और पूरी क्षमता पर सालाना 35 GWh से अधिक बैटरी सेल उत्पादन का लक्ष्य है। 37
यहां ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए बड़े आकार के लिथियम आयरन फॉस्फेट यानी LFP सेल और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए निकेल-मैंगनीज-कोबाल्ट यानी NMC सेल बनाए जा रहे हैं। NMC सेल Toyota की 2027 Highlander EV को सपोर्ट करने की उम्मीद है। 47
इसलिए Lansing प्लांट सॉलिड-स्टेट उत्पादन में तत्काल बदलाव के बजाय ऐसी लिथियम-आयन तकनीकों पर दांव है जिन्हें आज बड़े पैमाने पर बनाया जा सकता है। अगली पीढ़ी की बैटरियां अभी शोध, पायलट लाइनों और वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण के चरणों से गुजर रही हैं।
EV बैटरी का रास्ता केवल सॉलिड-स्टेट तक सीमित नहीं
LG Energy Solution और उसके साझेदार ऐसी तकनीकों पर भी काम कर रहे हैं जो वाहनों तक पहले पहुंच सकती हैं। General Motors और LG Energy Solution अमेरिका में 2028 से लिथियम-मैंगनीज-रिच यानी LMR प्रिजमैटिक सेल का व्यावसायीकरण करना चाहते हैं; इससे पहले प्री-प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है। इन सेल का लक्ष्य भविष्य के इलेक्ट्रिक ट्रकों और बड़े SUV मॉडल हैं। कुछ अनुप्रयोगों में 400 मील से अधिक रेंज का लक्ष्य बताया गया है। 373940
कंपनी की सार्वजनिक शोध सामग्री में सोडियम-आयन बैटरियों के लिए 2027 में व्यावसायीकरण की योजना भी दर्ज है। सोडियम पृथ्वी पर लिथियम की तुलना में अधिक उपलब्ध है। LG Energy Solution के अनुसार इससे कच्चे माल की लागत घटाने, तेज चार्जिंग-डिस्चार्ज प्रदर्शन और कम तापमान में काम करने में मदद मिल सकती है। इसके संभावित इस्तेमाल में ऊर्जा भंडारण और अधिक किफायती EV शामिल हैं। 23
इन योजनाओं से एक विविध बैटरी रोडमैप सामने आता है: कम लागत वाली LFP बैटरियां, अधिक ऊर्जा वाली NMC बैटरियां, मैंगनीज-समृद्ध रसायन और नए सेल फॉर्मेट। इन सुधारों के लिए पूरे उद्योग को ऑल-सॉलिड-स्टेट तकनीक के परिपक्व होने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
2027 की प्रतिस्पर्धी घोषणाओं को कैसे समझें?
कई चीनी बैटरी कंपनियों और वाहन निर्माताओं ने 2027 में सॉलिड-स्टेट बैटरियों के ट्रायल उत्पादन, सड़क परीक्षण या प्रदर्शन वाहनों के लक्ष्य घोषित किए हैं। CATL और BYD छोटे स्तर के परीक्षण उत्पादन से जुड़े हैं, जबकि Geely, Farasis Energy, CALB और Gotion High-Tech को भी पायलट या परीक्षण लक्ष्यों से जोड़ा गया है। 4142
ताइवान की ProLogium ने फ्रांस के Dunkirk में सॉलिड-स्टेट बैटरी गीगाफैक्टरी का निर्माण शुरू किया है। उसका रोडमैप शुरुआती उत्पादन चरण और उसके बाद उत्पादन बढ़ाने की योजना पर आधारित है। यह परियोजना इस बात की अहम परीक्षा होगी कि तकनीक को काफी अधिक मात्रा में लगातार एक जैसी गुणवत्ता के साथ बनाया जा सकता है या नहीं। 43
फिर भी ऐसी घोषणाएं अपने-आप बड़े पैमाने पर बाजार के लिए तैयार होने का प्रमाण नहीं हैं। 2027 की पायलट लाइन परीक्षण और वैधता के लिए सेल बना सकती है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि वही रसायन ऊंची उत्पादन-उपज, कम लागत और ऑटोमोबाइल उद्योग की कठोर आवश्यकताओं को बड़े पैमाने पर पूरा कर सकता है।
प्रोटोटाइप क्षमता दिखाते हैं, बाजार में उपलब्धता नहीं
वाहन निर्माता सॉलिड-स्टेट और सेमी-सॉलिड-स्टेट सेल को प्रोटोटाइप कार्यक्रमों में पहले से परख रहे हैं। Factorial के सेल Mercedes-Benz EQS प्रोटोटाइप में इस्तेमाल किए जा चुके हैं और अन्य कंपनियां भी प्रदर्शन वाहनों में ऐसी तकनीकों का मूल्यांकन कर रही हैं। 2153
प्रोटोटाइप परीक्षण महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि उनसे वास्तविक सड़क और वाहन परिस्थितियों में सेल के प्रदर्शन का पता चलता है। लेकिन यह किसी तकनीक के आम ग्राहकों के लिए उपलब्ध उत्पादन मॉडल बनने से अलग चरण है। इसके लिए दीर्घकालिक परीक्षण, उत्पादन की निरंतरता, सप्लाई चेन की क्षमता और वाहन निर्माता तथा खरीदार—दोनों के लिए टिकाऊ कारोबारी मॉडल जरूरी होगा।
2020 के दशक के अंत में EV खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है?
LG Energy Solution की स्थिति का सबसे संतुलित अर्थ यह है कि सॉलिड-स्टेट बैटरियां हर क्षेत्र में दूर नहीं हैं। छोटे और विशेष उपयोग वाले उपकरणों में इनका शुरुआती व्यावसायिक इस्तेमाल संभव है, जबकि बड़े पैमाने पर EV अपनाने में अधिक समय लग सकता है। कारों के सेल बड़े होते हैं, उत्पादन मात्रा बहुत अधिक होती है और किसी खराबी की कीमत भी कहीं ज्यादा होती है। 113
कुछ कंपनियां दशक खत्म होने से पहले सीमित व्यावसायीकरण या प्रदर्शन वाहन हासिल कर सकती हैं। LG Energy Solution का अपना 2029 लक्ष्य भी दिखाता है कि कंपनी ऑटोमोटिव सॉलिड-स्टेट बैटरियों पर काम जारी रखे हुए है। 1925 फिर भी 2020 के दशक के अंत तक अधिकांश EV खरीदारों के लिए बदलाव बेहतर लिथियम-आयन बैटरियों—खासकर LFP, NMC और मैंगनीज-समृद्ध डिजाइनों—से आने की अधिक संभावना है, न कि आज की बैटरियों की अचानक जगह लेने वाली सॉलिड-स्टेट क्रांति से।
भविष्य की किसी भी घोषणा को परखने का सही पैमाना केवल लॉन्च वर्ष नहीं होना चाहिए। बड़े सेल की उत्पादन-उपज, चार्ज-चक्र जीवन, सुरक्षा, लागत और बड़े पैमाने पर वाहन उत्पादन की पक्की प्रतिबद्धता—इन सभी के प्रमाण तलाशने चाहिए। जब तक ये बातें एक साथ साबित नहीं होतीं, तब तक “पायलट उत्पादन” को इंजीनियरिंग की उपलब्धि समझना बेहतर है, मुख्यधारा के लिए तैयार सॉलिड-स्टेट EV का प्रमाण नहीं।