बोलिविया के युंगास बादल-वनों में रहने वाली एक छोटी चित्तीदार जंगली बिल्ली को औपचारिक रूप से नई प्रजाति का दर्जा दिया गया है: Leopardus tilcayo, जिसे स्थानीय नाम टिलकायो से भी जाना जाता है। यह खोज इसलिए असाधारण है क्योंकि इसे एक सदी से अधिक समय में विज्ञान द्वारा नामित और वर्णित पहली नई जीवित बिल्ली-प्रजाति बताया गया है—यह किसी पुरानी उपप्रजाति को केवल प्रजाति का दर्जा देने का मामला नहीं है।
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टिलकायो क्या है?
टिलकायो दक्षिण अमेरिका की टाइगर कैट समूह की सदस्य है। इस समूह में Leopardus वंश की छोटी, चित्तीदार जंगली बिल्लियां आती हैं। इसका ज्ञात आवास बोलिविया का युंगास वन-पारिस्थितिक क्षेत्र है, जो एंडीज पर्वतों की पूर्वी ढलानों पर स्थित है—वह इलाका जहां पर्वतीय वन अमेज़न बेसिन से मिलते हैं।
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वैज्ञानिक नाम में स्थानीय नाम ‘टिलकायो’ को ही रखा गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इसकी बनावट में कुछ अलग विशेषताएं दिखीं: शरीर पर अनियमित रूप से बड़े रोसेट जैसे धब्बे, अपेक्षाकृत सघन चेहरा, छोटे गोल कान और लंबी मूंछें।
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पालतू समझी गई बिल्ली बनी अहम सुराग
इस खोज की शुरुआत एक नर बिल्ली से हुई, जो शावक के रूप में जंगल की सड़क के पास मिली थी। उसे पाने वाले व्यक्ति ने करीब एक वर्ष तक उसे असामान्य घरेलू बिल्ली समझकर रखा। बाद में उसे बोलिविया के सेंदा वर्दे एनिमल रिफ्यूज भेज दिया गया।
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शुरुआत में इसे उस व्यापक वर्गीकरण के तहत टाइगर कैट माना गया था, जिसे पहले Leopardus tigrinus के नाम से जाना जाता था। मगर इसकी शक्ल-सूरत समूह के दूसरे संदर्भ नमूनों से मेल नहीं खाती थी। इसी अंतर ने वैज्ञानिकों को केवल धब्बों या बाहरी रूप के बजाय आनुवंशिक जांच करने के लिए प्रेरित किया।
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38 जीनोम ने नई प्रजाति की पुष्टि कैसे की?
शोधकर्ताओं ने Leopardus वंश के 38 जानवरों के संपूर्ण जीनोम की तुलना की। इनमें उनके भौगोलिक फैलाव के विभिन्न हिस्सों से 26 टाइगर कैट्स और संग्रहालयों में सुरक्षित नमूनों से मिला आनुवंशिक पदार्थ शामिल था। इस विश्लेषण में बोलिवियाई टिलकायो वंश एक अलग विकासवादी शाखा के रूप में उभरा।
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अध्ययन के अनुमान के मुताबिक, यह वंश अपने निकटतम टाइगर कैट रिश्तेदारों से करीब 14 लाख वर्ष पहले अलग हुआ था। शारीरिक अंतरों के साथ यह गहरी आनुवंशिक दूरी L. tilcayo को अलग प्रजाति मानने के पक्ष में साक्ष्य बनी।
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यह मामला आधुनिक वर्गिकी की अहमियत भी दिखाता है: एक जैसी दिखने वाली प्रजातियां विकास के लिहाज से बहुत पहले अलग हो चुकी हो सकती हैं। इसलिए अब फील्ड सर्वेक्षण, संग्रहालयों के नमूने और पूरे जीनोम का डेटा साथ लेकर निष्कर्ष निकाला जा रहा है।
टाइगर कैट्स अब पांच प्रजातियां मानी गईं
इस जीनोमिक शोध ने टाइगर कैट्स की व्यापक तस्वीर भी बदली है। इन्हें कभी अक्सर एक ही विशाल, फैली हुई प्रजाति माना जाता था, लेकिन नए विश्लेषण में टिलकायो सहित पांच आनुवंशिक रूप से अलग प्रजातियां पहचानी गईं।
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अध्ययन में पेरू में पाई जाने वाली एक उपप्रजाति, Leopardus tigrinus antisuyo, का भी वर्णन किया गया।
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23 इससे संकेत मिलता है कि दक्षिण अमेरिका की छोटी जंगली बिल्लियों की विविधता को सीमित नमूनों या केवल बाहरी रूप के आधार पर शायद कम आंका गया था।
शोधकर्ताओं ने यह संभावना भी जताई है कि मार्गे (margay) बिल्लियों में एक से अधिक विकासवादी वंश हो सकते हैं। हालांकि, यह अभी जांच योग्य परिकल्पना है; उपलब्ध साक्ष्य मार्गे की प्रजातियों की संख्या में किसी औपचारिक बदलाव की पुष्टि नहीं करते।
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संरक्षण के लिए यह खोज क्यों मायने रखती है?
किसी प्रजाति की सही पहचान के बिना उसके संरक्षण की स्थिति का सटीक आकलन नहीं हो सकता। यदि टिलकायो को किसी व्यापक रूप से फैली टाइगर कैट की आबादी का हिस्सा ही माना जाता, तो इसके वास्तविक फैलाव, संख्या, आवास की जरूरतों और खतरों पर अलग से ध्यान नहीं जाता।
उपलब्ध रिपोर्टों में टिलकायो का अलग प्रजाति के रूप में अभी IUCN रेड लिस्ट आकलन नहीं हुआ है। इसका जोखिम-स्तर तय करने के लिए क्षेत्रीय सर्वेक्षणों से इसके वितरण, आबादी, आवास के विखंडन और समय के साथ रुझान का पता लगाना होगा।
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इस समय इसकी बुनियादी पारिस्थितिकी—जैसे भोजन, प्रजनन, आबादी का आकार और पूरा भौगोलिक दायरा—के बारे में काफी कुछ अज्ञात है।
7 यदि यह सीमित या खंडित बादल-वन आवास तक ही सिमटी हुई प्रजाति निकली, तो इसके संरक्षण का जोखिम उस टाइगर कैट से बहुत अलग हो सकता है जिसे पहले व्यापक रूप से फैला हुआ माना जाता था।
युंगास से मिलने वाली बड़ी चेतावनी
टिलकायो की पहचान बताती है कि बिल्लियों जैसे परिचित समूह में भी अनदेखी जैव-विविधता छिपी हो सकती है। यह संग्रहालय नमूनों को सुरक्षित रखने, कम अध्ययन किए गए आवासों के सर्वेक्षण और पुराने वर्गीकरण संबंधी सवालों पर जीनोमिक तरीकों के इस्तेमाल की जरूरत भी रेखांकित करती है।
संरक्षण के लिहाज से संदेश साफ है: जो आबादी किसी परिचित जानवर जैसी लगे, वह वास्तव में सीमित क्षेत्र वाली अलग प्रजाति हो सकती है। आवास नष्ट होने या संख्या घटने से पहले यह पहचान लेना ही Leopardus tilcayo के लिए अगला जरूरी कदम है।