सबसे अहम बात: इस पूरी प्रक्रिया में आपका पैसा बिटकॉइन ही बना रहता है। यह किसी स्टेबलकॉइन या रुपये में नहीं बदला जाता, लिहाज़ा बिटकॉइन की कीमत बढ़ने या घटने का पूरा असर आपके निवेश पर होता है ।
पैसा लगाने से पहले इन नियमों को अच्छी तरह समझ लेना आपके लिए फ़ायदेमंद रहेगा:
बिटकॉइन वॉल्ट कोई बैंक की गारंटी वाली एफडी या सेविंग अकाउंट नहीं है। DeFi लेंडिंग में ज़्यादा रिटर्न की संभावना के साथ कुछ अलग किस्म के जोखिम भी जुड़े होते हैं:
क्रैकन अब BTC होल्डर्स को कमाई के दो अलग-अलग विकल्प देता है, और इनके काम करने के तरीके और जोखिम में ज़मीन-आसमान का फ़र्क है।
सीधी-सी बात है: अगर आपको BTC में ही ज़्यादा और सीधा रिटर्न चाहिए, तो बिटकॉइन वॉल्ट आकर्षक लग सकता है, लेकिन इसके साथ DeFi लेंडिंग की जटिलताएँ और जोखिम जुड़े हैं। दूसरी ओर, Babylon स्टेकिंग आपको बहुत कम और अक्सर BTC के बजाय दूसरे टोकन (BABY) में रिटर्न देती है, लेकिन इसका जोखिम प्रोफ़ाइल पूरी तरह अलग है और यह नेटिव बिटकॉइन सिक्योरिटी पर केंद्रित है ।
(ध्यान दें: सभी APY/APR दरें अनुमानित हैं और बाज़ार की स्थितियों के अनुसार बदलती रहती हैं।)
Comments
0 comments