इटली के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री एंटोनियो तजानी ने 7 नवंबर 2026 को कहा कि साइबर अपराधियों ने उनका निजी डेटा डार्क वेब पर प्रसारित किया है और उनके तथा उनके परिवार के बारे में और जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उनके प्रति एकजुटता जताई और इस गतिविधि के लिए रूस-समर्थक हैकरों को जिम्मेदार ठहराया। उपलब्ध रिपोर्टों में इन बयानों का उल्लेख है, लेकिन किसी फॉरेंसिक जांच के आधार पर हमलावरों की पहचान की पुष्टि नहीं होती।
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तजानी ने डेटा लीक के बारे में क्या कहा
तजानी ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि कई दिनों से उनका निजी डेटा प्रसारित किया जा रहा है। उनके मुताबिक, इसके पीछे के लोग उनके और उनके प्रियजनों के बारे में अतिरिक्त जानकारी के लिए पैसे देने को भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इससे उनके परिवार को धमकियों और डराने-धमकाने का जोखिम बढ़ा है, लेकिन वह दबाव में नहीं आएंगे।
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तजानी ने इस निशानेबाजी को यूक्रेन के समर्थन में इटली के रुख से जोड़ा। यह घटना के पीछे की वजह को लेकर उनका आकलन है—इससे हमलावरों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
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रिपोर्टों में कहा गया है कि निजी डेटा प्रकाशित हुआ, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कौन-सी जानकारी उजागर हुई। इन रिपोर्टों से यह भी साबित नहीं होता कि तजानी ने सार्वजनिक रूप से डेटा का ब्योरा बताने से इनकार किया था।
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मेलोनी की प्रतिक्रिया और जिम्मेदारी का सवाल
मेलोनी ने तजानी के साथ एकजुटता जताई। उन्होंने कहा कि सरकारी पदाधिकारियों की गोपनीय जानकारी बेचे जाने का मामला गंभीर चिंता का विषय है और इससे पूरी दृढ़ता से निपटना चाहिए। उनके आधिकारिक बयान में विपक्ष के कुछ सदस्यों द्वारा साझा की गईं कथित झूठी तस्वीरों के प्रसार पर भी चिंता जताई गई।
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मेलोनी ने इस गतिविधि के लिए रूस-समर्थक हैकरों को जिम्मेदार बताया। तजानी ने भी हैकरों को रूस-समर्थक कहा और निशानेबाजी को यूक्रेन के मुद्दे से जोड़ा। ये इतालवी नेताओं के आरोप और आकलन हैं; उपलब्ध रिपोर्टों में जिम्मेदारी की स्वतंत्र पुष्टि करने वाला फॉरेंसिक सबूत नहीं है।
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सूची और जांच के बारे में क्या रिपोर्ट हुआ
इतालवी अखबार इल सोले 24 ओरे ने बताया कि डार्क वेब के एक पेज पर 18 लोगों की सूची थी, जिन्हें “रूसी संघ के प्रति शत्रुतापूर्ण नागरिक” बताया गया था। तजानी का नाम भी इसमें शामिल था और अखबार के मुताबिक, इन लोगों का निजी डेटा प्रकाशित किया गया था। अखबार ने यह भी लिखा कि आपराधिक शिकायत दर्ज होने के बाद रोम के अभियोजकों ने जांच शुरू की। ये विवरण उस अखबार की रिपोर्ट पर आधारित हैं; अपने-आप में ये यह साबित नहीं करते कि पेज किसने बनाया या डेटा किसने लीक किया।
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तजानी ने विदेश मंत्रालय की साइबर सुरक्षा तैयारियों के बारे में भी बताया। उनके अनुसार, मंत्रालय को साइबर घुसपैठ से बचाने के लिए 1 जनवरी से एक साइबर निदेशालय बनाया गया है और मंत्रालय ऐसे खतरों का मुकाबला करने पर काम कर रहा है।
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39 उन्होंने यह भी कहा कि साइबर सुरक्षा के मामलों में इटली अपने सहयोगी देशों के संपर्क में है।
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अब भी क्या स्पष्ट नहीं है
उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टें उजागर हुए डेटा का पूरा दायरा नहीं बतातीं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि अधिकारियों को इस सामग्री का पहली बार कैसे पता चला। साथ ही, तजानी के डेटा लीक और यूरोप में सामने आई अन्य सुरक्षा घटनाओं के बीच किसी पक्के परिचालन संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
अलग-अलग रिपोर्टों में उड़ानों को प्रभावित करने वाली झूठी बम धमकियों, मीडिया संस्थानों को मिली धमकियों और सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर हमलों का जिक्र है। ये घटनाएं व्यापक सुरक्षा चिंताओं का संदर्भ देती हैं, लेकिन स्रोत यह नहीं दिखाते कि वे तजानी के डेटा लीक वाले अभियान का हिस्सा थीं।
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31 एक रिपोर्ट के मुताबिक, मॉस्को ने इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की थी; रूस विदेशों में हैकिंग में शामिल होने से लंबे समय से इनकार करता रहा है। इससे इस मामले में जिम्मेदारी का सवाल हल नहीं होता।
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सबसे अहम फर्क आरोप और स्वतंत्र रूप से पुष्ट तथ्य के बीच है: तजानी ने डेटा लीक और उनके बारे में और जानकारी जुटाने की कोशिशों की बात कही, जबकि मेलोनी ने रूस-समर्थक हैकरों पर आरोप लगाया। उपलब्ध रिपोर्टें इन बयानों की पुष्टि करती हैं, लेकिन जिम्मेदारी और लीक हुए डेटा की सटीक प्रकृति अब भी अपुष्ट है।
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