इस सिस्टम को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि लोग जैसे स्वाभाविक रूप से सलाह मांगते हैं, वैसा ही अनुभव मिले। उदाहरण के लिए:
इस मॉडल में AI खोज और तुलना संभालता है, जबकि असली ट्रांज़ैक्शन ई‑कॉमर्स रिटेलर ही करते हैं।
यह फीचर ChatGPT के उस बड़े बदलाव का हिस्सा है जिसमें प्लेटफ़ॉर्म को AI‑native product discovery सिस्टम में बदला जा रहा है। इसमें विज़ुअल प्रोडक्ट ब्राउज़िंग, कन्वर्सेशनल सर्च और तुलना जैसे टूल शामिल हैं।
इस इकोसिस्टम में तीन मुख्य हिस्से काम करते हैं:
हालाँकि अभी यह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है कि प्रोडक्ट रिज़ल्ट किस एल्गोरिदम से रैंक किए जाते हैं या क्या इसमें स्पॉन्सर्ड प्लेसमेंट शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी में यह विवरण नहीं दिया गया है।
Klarna का यह लॉन्च ऐसे समय आया है जब जनरेटिव AI टूल्स से ई‑कॉमर्स साइट्स पर आने वाला ट्रैफिक तेजी से बढ़ रहा है।
Adobe Analytics के अनुसार 2025 के हॉलीडे शॉपिंग सीज़न में जनरेटिव AI टूल्स से रिटेल वेबसाइटों पर ट्रैफिक लगभग 693% साल‑दर‑साल बढ़ गया।
कुछ और संकेत भी इसी बदलाव की ओर इशारा करते हैं:
इन आँकड़ों से साफ है कि AI असिस्टेंट अब उत्पाद खोजने का नया प्रवेश‑द्वार बन रहे हैं।
Klarna लंबे समय से केवल “Buy Now Pay Later” सेवा से आगे बढ़कर एक AI‑आधारित कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म बनने की कोशिश कर रहा है।
ChatGPT का यह Shopping Search ऐप कंपनी को खरीदारी की प्रक्रिया के शुरुआती चरण में जगह देता है। अब Klarna सिर्फ भुगतान के समय नहीं बल्कि इन चरणों में भी शामिल हो सकता है:
इससे Klarna को उपभोक्ता के खरीदारी इरादे तक पहले पहुँचने का मौका मिलता है—उससे पहले कि ग्राहक किसी खास रिटेलर वेबसाइट पर जाए।
यह लॉन्च एक बड़े उद्योग रुझान से भी जुड़ा है जिसे “Agentic Commerce” कहा जा रहा है।
इस मॉडल में AI असिस्टेंट केवल सवालों के जवाब नहीं देते, बल्कि खरीदारी की पूरी प्रक्रिया में मदद करते हैं:
ChatGPT के नए विज़ुअल प्रोडक्ट इंटरफ़ेस और बातचीत के जरिए फ़िल्टरिंग जैसे फीचर उस प्रक्रिया को छोटा करते हैं जिसमें पहले कई वेबसाइट और सर्च लगते थे।
फिलहाल Klarna का मॉडल चैट के भीतर खरीदारी पूरी करने के बजाय यूज़र को रिटेलर तक भेजने पर केंद्रित है। यानी AI खरीद का फैसला लेने में मदद करता है, लेकिन भुगतान अभी भी रिटेलर के प्लेटफ़ॉर्म पर होता है।
जैसे‑जैसे AI असिस्टेंट प्रोडक्ट खोज का बड़ा माध्यम बनते जा रहे हैं, ऑनलाइन व्यापारियों को यह सोचना होगा कि उनके प्रोडक्ट डेटा और लिस्टिंग AI प्लेटफ़ॉर्म पर कैसे दिखाई देते हैं—सिर्फ पारंपरिक सर्च इंजन पर नहीं।
Klarna और ChatGPT का यह एकीकरण संकेत देता है कि भविष्य में ई‑कॉमर्स की प्रतिस्पर्धा सिर्फ Google सर्च रैंकिंग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि AI असिस्टेंट के अंदर दिखने वाली प्रोडक्ट विज़िबिलिटी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।
अगर AI‑आधारित ट्रैफिक की मौजूदा वृद्धि जारी रहती है, तो कन्वर्सेशनल शॉपिंग जल्द ही ऑनलाइन रिटेल का एक प्रमुख ग्राहक‑प्राप्ति चैनल बन सकती है।
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