लेकिन बड़ी तस्वीर इतनी कमजोर नहीं दिखती। उसी रिपोर्ट में कहा गया कि अप्रैल में लगभग 2.1 अरब डॉलर से 2.44 अरब डॉलर तक के नेट इनफ्लो दर्ज हुए और यह 2026 का सबसे मजबूत महीना बताया गया । दूसरी ओर, BITmarkets ने SoSoValue डेटा का हवाला देते हुए अप्रैल के लिए 1.97 अरब डॉलर के नेट इनफ्लो का अलग आंकड़ा दिया और बताया कि बिटकॉइन के 80,000 डॉलर के ऊपर लौटने के बाद स्पॉट Bitcoin ETF ने दो सत्रों में 999 मिलियन डॉलर से अधिक जुटाए; सोमवार को 532 मिलियन डॉलर और मंगलवार को 467.4 मिलियन डॉलर
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इन मासिक आंकड़ों में फर्क है, इसलिए सटीक अप्रैल inflow को source-dependent समझना चाहिए। लेकिन साझा संकेत यही है कि कुछ दिनों की निकासी ने ETF मांग की बड़ी तस्वीर को पूरी तरह पलटा नहीं है ।
80,000 डॉलर के आसपास बिटकॉइन की वापसी को केवल किसी एक ETF flow print से नहीं समझा जा सकता। Business Standard ने रिपोर्ट किया कि बिटकॉइन ने 4 मई 2026 को करीब तीन महीने बाद 80,000 डॉलर का स्तर वापस हासिल किया, थोड़ी देर के लिए लगभग 80,500 डॉलर तक गया और sentiment सुधरने के साथ उस स्तर के पास बना रहा । विश्लेषकों ने इस move के पीछे स्पॉट ETF inflows, शॉर्ट-कवरिंग और स्थिर संस्थागत भागीदारी को वजह बताया
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Analytics Insight ने भी बिटकॉइन के 80,000 डॉलर से ऊपर चढ़ने को मजबूत ETF demand, कम market supply और बढ़ते institutional support से जोड़ा । यही वजह है कि ETF से निकासी वाले कुछ दिन अपने-आप लंबी गिरावट में नहीं बदल रहे। बाजार को सिर्फ एक रास्ते से नहीं, बल्कि कई demand channels से सहारा मिल रहा है।
बिटकॉइन की सप्लाई dynamics भी support case का हिस्सा हैं। Analytics Insight ने कम market supply को 80,000 डॉलर के ऊपर move की वजहों में शामिल किया । 2026 की शुरुआत में AInvest ने 30,000 BTC की whale accumulation रिपोर्ट की थी, जिसकी कीमत करीब 2.1 अरब डॉलर बताई गई और जिसने 65,000 डॉलर के पास prices को stabilize करने में मदद की
। यह पुरानी whale activity यह साबित नहीं करती कि बड़े holders अभी 80,000 डॉलर की रक्षा कर रहे हैं, लेकिन इससे यह समझने में मदद मिलती है कि बाजार का support केवल daily ETF headlines तक सीमित नहीं रहा है
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दूसरी तरफ, मुनाफावसूली भी चल रही है। FXLeaders ने बताया कि short-term holders ने मध्य अप्रैल से करीब 150,000 BTC बेच दिए, जिससे 80,000 डॉलर के आसपास ऊपर की ओर selling pressure बढ़ा । WikiBit ने भी 80,000 डॉलर को key resistance बताया और कहा कि short-term holders की profit-taking rally को आगे बढ़ने से रोक रही है
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यही वजह है कि बिटकॉइन 80,000 डॉलर के पास टिक तो रहा है, लेकिन तस्वीर निर्णायक रूप से bullish नहीं दिखती। accumulation और ETF demand dips को support कर सकते हैं, जबकि short-term sellers rally को cap कर रहे हैं ।
80,000 डॉलर इसलिए अहम है क्योंकि traders इसे मनोवैज्ञानिक threshold और technical test, दोनों की तरह देख रहे हैं। Ad Hoc News ने 8 मई 2026 को बिटकॉइन को 80,000 डॉलर से थोड़ा ऊपर, करीब 80,195 डॉलर पर trade करते बताया, जहां mixed spot ETF flows, ऊंची derivatives positioning और macro uncertainty साथ-साथ असर डाल रहे थे । रिपोर्ट के मुताबिक बाजार न तो साफ तौर पर bullish था, न साफ तौर पर bearish; वह ETF activity, futures positioning और व्यापक risk sentiment के बीच संतुलन खोज रहा था
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पास के levels भी इस range को समझाते हैं। WikiBit ने कहा कि बिटकॉइन ने करीब 78,300 डॉलर के True Market Mean को reclaim करने के बाद bearish conditions से recovery की, लेकिन 80,000 डॉलर का area key resistance बना हुआ है । Analytics Insight ने 76,000 डॉलर से 78,000 डॉलर को market stability के लिए critical support zone बताया
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इसका मतलब है कि 80,000 डॉलर के पास टिके रहना और 80,000 डॉलर को durable floor बना लेना दो अलग बातें हैं। यह स्तर अभी ETF flows, derivatives positioning, macro risk appetite और profit-taking से लगातार test हो रहा है ।
सबसे बड़ा caution यही है कि ETF inflow बाजार को support कर सकता है, लेकिन upside की गारंटी नहीं देता। Cointelegraph ने रिपोर्ट किया कि weekly spot Bitcoin ETF inflows 1.105 अरब डॉलर तक पहुंच गए, जनवरी के बाद पहली बार 1 अरब डॉलर से ऊपर, फिर भी बिटकॉइन 82,800 डॉलर के पास reject होकर 79,800 डॉलर तक फिसल गया ।
यह price action ETF narrative की सीमा दिखाता है। इनफ्लो sellers को धीमा कर सकते हैं और buyers को dips defend करने में मदद दे सकते हैं, लेकिन 80,000 डॉलर से 82,800 डॉलर के पास resistance, short-term-holder selling और macro uncertainty अभी भी clean breakout रोक सकते हैं ।
एक दिन का ETF inflow या outflow निर्णायक संकेत नहीं है। ज्यादा अहम यह है कि longer windows में demand positive रहती है या नहीं। हालिया रिपोर्टों में daily outflows के साथ-साथ मजबूत weekly और monthly inflow figures भी दिखे हैं, इसलिए ETF story mixed है, साफ bearish नहीं ।
Price levels भी उतने ही जरूरी हैं। 80,000 डॉलर के ऊपर टिकाऊ move यह संकेत देगा कि buyers resistance को support में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं 82,800 डॉलर के पास फिर rejection दिखे तो यह range-bound market की कहानी को मजबूत करेगा । नीचे की ओर 76,000 डॉलर से 78,000 डॉलर का zone वह support area है जिस पर बाजार की निगाह रहेगी
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बिटकॉइन 80,000 डॉलर के पास इसलिए टिका है क्योंकि हालिया स्पॉट ETF outflows को व्यापक ETF inflows, institutional participation, short-covering, कम market supply और बड़े technical level के आसपास buying interest संतुलित कर रहे हैं । लेकिन तेजी की कहानी अभी पक्की नहीं हुई है। short-term holders की selling, 80,000 डॉलर से 82,800 डॉलर के बीच resistance और macro uncertainty का मतलब है कि यह स्तर अभी confirmed floor नहीं, बल्कि बाजार की असली परीक्षा है
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