JPMorgan का कहना है कि कंपनियों के मुनाफे के अनुमानों में सुधार से बाजार की गिरावट वैल्यूएशन का अवसर बन सकती है, न कि अनिवार्य रूप से आय आधारित मंदी का संकेत। बैंक के अनुसार ऊंची बॉन्ड यील्ड शेयरों के लिए घातक नहीं होंगी, अगर उनका मुख्य कारण मजबूत आर्थिक गतिविधि हो—बेकाबू मुद्रास्फीति या नीतिगत झटका नहीं। अगला नतीजो...
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शोध उत्तर

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JPMorgan की इक्विटी-रणनीति टीम, जिसका नेतृत्व मिस्ताव मतेयका कर रहे हैं, 2026 में व्यापक शेयर बाजार की गिरावट पर खरीदारी का सशर्त मामला रख रही है। उनका तर्क यह नहीं है कि ऊंची बॉन्ड यील्ड, मुद्रास्फीति की चिंता या भू-राजनीतिक झटके महत्वहीन हैं। बल्कि उनका मानना है कि कंपनियों की आय और चक्रीय आर्थिक आंकड़ों में सुधार जारी रहे, तो गिरावट को वैल्यूएशन का अवसर माना जा सकता है—आसन्न मुनाफा-मंदी का संकेत नहीं। 1
JPMorgan की राय का सबसे अहम आधार आय अनुमानों की दिशा है। बैंक के अनुसार, कंपनियों के मुनाफे के अनुमानों में सुधार हो रहा है। इसका अर्थ यह है कि यदि शेयर कीमतें घटती हैं लेकिन अपेक्षित आय बरकरार रहती है, तो प्राइस-टू-अर्निंग्स अनुपात नीचे आता है और शेयर अपेक्षित मुनाफे के मुकाबले सस्ते हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में गिरावट, आय-आधारित भालू बाजार की शुरुआत के बजाय बेहतर मूल्यांकन दे सकती है। 1
मैक्रो पृष्ठभूमि भी इस निष्कर्ष के लिए महत्वपूर्ण है। टीम ने अमेरिका और यूरो क्षेत्र के विनिर्माण संकेतकों के करीब चार साल के उच्च स्तर के साथ-साथ कॉरपोरेट मुनाफे की मजबूत स्थितियों का उल्लेख किया। 1 अलग रिपोर्टिंग के अनुसार, प्रति शेयर आय (EPS) के अनुमान सभी क्षेत्रों में सकारात्मक हुए हैं और यूरोजोन के क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) लगातार तीन महीनों तक बढ़े हैं।
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इन संकेतों से यह संभावना बनती है कि आर्थिक गतिविधि का लाभ केवल बड़ी टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। यदि यह व्यापकता राजस्व वृद्धि और टिकाऊ मार्जिन में बदलती है, तो शेयर बाजार को आय का अधिक विविध आधार मिल सकता है।
सरकारी बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर आम तौर पर शेयरों पर दबाव पड़ता है। इससे भविष्य के नकदी प्रवाह का मूल्य तय करने में इस्तेमाल होने वाली दर बढ़ती है और बॉन्ड, शेयरों के मुकाबले अधिक आकर्षक लग सकते हैं। JPMorgan इस वैल्यूएशन दबाव को नकार नहीं रहा है।
लेकिन मतेयका की टीम का कहना है कि यील्ड बढ़ने की वजह मायने रखती है। उसके अनुसार वैश्विक यील्ड में बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा मजबूत आर्थिक गतिविधि को दर्शाता है, न कि भरोसे के टूटने या बेकाबू मुद्रास्फीति की आशंका को। 2 नाममात्र की मजबूत वृद्धि कंपनियों की बिक्री और मुनाफे को सहारा दे सकती है, जिससे ऊंची डिस्काउंट दर के कुछ असर की भरपाई हो सकती है।
यह एक सशर्त तर्क है, शेयरों के यील्ड-प्रतिरोधी होने का दावा नहीं। यदि यील्ड इसलिए चढ़ती हैं कि निवेशक लंबे समय तक ऊंची मुद्रास्फीति, राजकोषीय तनाव या बहुत सख्त मौद्रिक नीति की आशंका कर रहे हैं, तो इक्विटी के पक्ष में मामला काफी कमजोर पड़ जाएगा।
JPMorgan का सकारात्मक रुख कुछ स्पष्ट कमजोरियों के साथ आता है:
आने वाला कॉरपोरेट नतीजों का सीजन इस रणनीति की निकट अवधि की सबसे स्पष्ट परीक्षा है। सकारात्मक आय संशोधन और बेहतर विनिर्माण आंकड़े अग्रिम संकेत हैं; कंपनियों के वास्तविक नतीजों और उनके आगे के अनुमान में इसे दिखना होगा। 1
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इस नजरिये पर चलने वाले निवेशकों को देखना होगा कि आय अनुमान टिके रहते हैं या नहीं, कंपनियां मांग के अधिक क्षेत्रों में फैलने की बात कहती हैं या नहीं, और ब्याज दरों, वेतन व ऊर्जा लागत का मार्जिन पर दबाव संभालने योग्य है या नहीं। यदि कंपनियां बड़े पैमाने पर अपने अनुमान घटाती हैं, तो बिकवाली को सिर्फ वैल्यूएशन समायोजन कहना मुश्किल होगा।
2022 की बिकवाली में दरों और बुनियादी आर्थिक स्थितियों का संयोजन अलग था। तब केंद्रीय बैंकों की तेज दर-वृद्धि ने वैल्यूएशन को रीसेट किया, जबकि वृद्धि और मुनाफे के अनुमान भी कमजोर हो रहे थे। मौजूदा JPMorgan तर्क इसके उलट संयोजन पर आधारित है: यील्ड भले ऊंची हों, लेकिन आय संशोधन और चक्रीय संकेतक सुधर रहे हैं। 1
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इससे गिरावट का जोखिम खत्म नहीं होता। इसका अर्थ केवल यह है कि मजबूत गतिविधि और नियंत्रित मुद्रास्फीति अपेक्षाओं के साथ ऊंची यील्ड शेयरों के अनुकूल रह सकती हैं। लेकिन अगर वे नीतिगत सख्ती से पैदा होने वाली मंदी का खतरा बढ़ाने लगें, तो स्थिति बदल जाएगी।
JPMorgan का संदेश सशर्त तेजी का है: अगर गिरावट निवेशक भावना, वैल्यूएशन दबाव या अस्थायी भू-राजनीतिक चिंता से आई हो और कंपनियों की आय का रुझान सुधरता रहे, तो कमजोरी में खरीदारी की जा सकती है। 1
3 लेकिन मुद्रास्फीति अपेक्षाओं का झटका, तेल-जनित महंगाई का लंबा असर, ज्यादा कड़ी मौद्रिक नीति या कॉरपोरेट मुनाफे के अनुमानों में स्पष्ट गिरावट ऐसे संकेत होंगे जिन पर इस सोच का पुनर्मूल्यांकन जरूरी होगा।
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JPMorgan का कहना है कि कंपनियों के मुनाफे के अनुमानों में सुधार से बाजार की गिरावट वैल्यूएशन का अवसर बन सकती है, न कि अनिवार्य रूप से आय आधारित मंदी का संकेत।
JPMorgan का कहना है कि कंपनियों के मुनाफे के अनुमानों में सुधार से बाजार की गिरावट वैल्यूएशन का अवसर बन सकती है, न कि अनिवार्य रूप से आय आधारित मंदी का संकेत। बैंक के अनुसार ऊंची बॉन्ड यील्ड शेयरों के लिए घातक नहीं होंगी, अगर उनका मुख्य कारण मजबूत आर्थिक गतिविधि हो—बेकाबू मुद्रास्फीति या नीतिगत झटका नहीं।
अगला नतीजों का सीजन इस दलील की असली परीक्षा होगा; कमजोर गाइडेंस या आय अनुमानों में गिरावट से ‘डिप पर खरीदारी’ का तर्क कमजोर पड़ेगा।