Jia की स्थापना Zach Marks और Cheng Cheng ने की थी, जो पहले फाइनेंशियल‑इन्क्लूजन फिनटेक कंपनी Tala से जुड़े रहे हैं।
कंपनी खुद को उभरते बाजारों के छोटे व्यवसायों के लिए एक “फाइनेंशियल ऑपरेटिंग सिस्टम” के रूप में पेश करती है।
इसका पहला मुख्य उत्पाद है इनवॉइस और सप्लाई‑चेन फाइनेंसिंग। इसमें कोई व्यवसाय अपनी बकाया इनवॉइस प्लेटफॉर्म पर जमा करता है और उसके बदले अग्रिम भुगतान प्राप्त कर सकता है—अक्सर 24 घंटे से भी कम समय में।
भुगतान अवधि आमतौर पर एक दिन से लेकर कई महीनों तक हो सकती है। इसका मकसद यह है कि व्यवसायों को लंबा इंतजार किए बिना तुरंत वर्किंग कैपिटल मिल जाए।
Jia का मॉडल दो प्रमुख तकनीकों पर आधारित है।
पारंपरिक बैंक अक्सर कठोर क्रेडिट स्कोर या कोलेटरल पर निर्भर करते हैं। Jia इसके बजाय AI मॉडल का उपयोग करता है जो वैकल्पिक डेटा—जैसे लेन‑देन गतिविधि और व्यवसायिक व्यवहार—का विश्लेषण करके जोखिम का आकलन करते हैं।
इससे ऐसे व्यवसाय भी लोन के लिए योग्य बन सकते हैं जिन्हें बैंक आमतौर पर अस्वीकार कर देते हैं।
फंडिंग की तरफ, Jia ब्लॉकचेन‑आधारित लिक्विडिटी पूल का उपयोग करता है। शुरुआती निवेश राउंड में विशेष रूप से ऑन‑चेन लिक्विडिटी के लिए पूंजी प्रतिबद्ध की गई थी।
सरल शब्दों में, यह मॉडल वैश्विक डिजिटल पूंजी को इकट्ठा कर उसे स्थानीय मुद्रा में छोटे व्यवसायों के लिए लोन के रूप में उपलब्ध कराने का प्रयास करता है।
Jia अभी शुरुआती चरण का स्टार्टअप है, लेकिन कंपनी कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियों का दावा करती है:
पहले की रिपोर्टों के अनुसार प्लेटफॉर्म 2,000 से अधिक छोटे व्यवसाय मालिकों को सेवा दे चुका है और फिलीपींस तथा केन्या जैसे बाजारों में $2 मिलियन से अधिक लोन ओरिजिनेशन दर्ज किए जा चुके हैं।
हालांकि, पोर्टफोलियो प्रदर्शन और डिफॉल्ट रेट पर स्वतंत्र सार्वजनिक डेटा अभी सीमित है।
Jia ने अपने प्लेटफॉर्म को विकसित और विस्तार करने के लिए कई शुरुआती निवेश राउंड जुटाए हैं।
मुख्य फंडिंग चरणों में शामिल हैं:
हालांकि अभी कंपनी का मुख्य उत्पाद इनवॉइस फाइनेंसिंग है, लेकिन Jia की दीर्घकालिक रणनीति इससे कहीं बड़ी है।
कंपनी छोटे व्यवसायों के लिए एक पूरा वित्तीय प्लेटफॉर्म बनाने की योजना रखती है, जिसमें शामिल हो सकते हैं:
यदि यह मॉडल सफल होता है, तो Jia जैसे प्लेटफॉर्म उन लाखों छोटे व्यवसायों के लिए फाइनेंसिंग खोल सकते हैं जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं में आर्थिक विकास की नींव तो हैं, लेकिन पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम से लंबे समय से बाहर रह गए हैं।
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