लेबनानी अखबार 'अल जुम्हूरिया' के अनुसार, इज़राइल दक्षिणी लेबनान में अली अल ताहेर रिज पर हमले की तैयारी पूरी कर चुका है और अमेरिकी हरी झंडी का इंतज़ार कर रहा है [9]। यह पहाड़ी हिजबुल्लाह के भूमिगत सैन्य कमांड सेंटर और हथियार डिपो का ठिकाना होने का आरोप है, जिसके चलते यह क्षेत्र युद्ध विराम वार्ता में सबसे बड़ी अड़चन...
शोध उत्तर

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इज़राइल दक्षिणी लेबनान में नबातिया (Nabatieh) शहर के पास स्थित रणनीतिक अली अल-ताहेर (Ali al-Taher) पहाड़ी पर कब्ज़ा करने के लिए एक बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है। लेबनानी अखबार अल-जुम्हूरिया के अनुसार, इसके लिए वह सिर्फ अमेरिकी हरी झंडी का इंतज़ार कर रहा है । यह ऑपरेशन दक्षिणी लेबनान में चल रहे इज़राइली सैन्य अभियानों और ठप पड़ी युद्ध विराम वार्ता का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है, जहाँ एक तरफ इज़राइल हिजबुल्लाह के बुनियादी ढाँचे को खत्म करने पर तुला है, तो दूसरी तरफ अमेरिकी कूटनीतिक प्रयासों और लेबनान की संप्रभुता की चिंता है
।
अली अल-ताहेर रिज नबातिया शहर पर हावी है और दक्षिणी लेबनान और उत्तरी इज़राइल पर रणनीतिक नज़र रखने का काम करती है । इज़राइल का दावा है कि इस पहाड़ी के नीचे हिजबुल्लाह का एक बड़ा कमांड सेंटर और भूमिगत हथियार कारखाना छिपा है
। इज़राइली रक्षा बल (आईडीएफ) पिछले कई हफ्तों से इस पहाड़ी पर लगातार तोपखाने से गोलाबारी, हवाई हमले और ड्रोन हमले कर रहा है
। साथ ही, वह इसके नीचे फंसे हिजबुल्लाह के दर्जनों लड़ाकों की घेराबंदी भी कस रहा है, उन तक पानी और आपूर्ति पहुँचाने वाली लाइनें काट रहा है
।
यह भूमिगत कॉम्प्लेक्स सबसे अहम सैन्य लक्ष्य बन गया है। माना जा रहा है कि इसमें दर्जनों हिजबुल्लाह लड़ाके बंद हैं और इज़राइली सेना उन्हें सप्लाई पहुँचने से रोकना चाहती है । खबर है कि ये लड़ाके ड्रोन के जरिए अपने हथियार और रसद अंदर पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं
। यही नहीं, इस रिज पर कब्ज़ा करना इज़राइल के लिए इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि यह ज़मीन के एक टुकड़े पर कब्ज़ा भर नहीं है, बल्कि यहाँ पूरी पहाड़ी पर नियंत्रण करना बेहद मुश्किल है और यही बात बातचीत में सबसे बड़ी अड़चन है
।
अमेरिकी विदेश विभाग (यूएस स्टेट डिपार्टमेंट) का रुख: वाशिंगटन दक्षिणी लेबनान में किसी भी स्थायी इज़राइली सैन्य उपस्थिति को स्वीकृत रूपरेखा के विपरीत मानता है, और लेबनान की संप्रभुता के लिए अपने पूर्ण समर्थन की पुष्टि करता है । अमेरिका इस मामले में मध्यस्थता कर रहा है और सितंबर की शुरुआत में रोम में होने वाली वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए दोनों पक्षों पर दबाव बना रहा है, ताकि इज़राइली सैन्य अभियानों को रोका जा सके
। अमेरिका ने लेबनानी प्रतिनिधिमंडल से यह भी कहा है कि वह इस रिज को लेबनानी सेना को सौंप दे
।
अमेरिकी राजदूत: उन्होंने कहा है कि वार्ता आगे बढ़ रही है, लेकिन लेबनानी अधिकारी दक्षिणी गाँवों में इज़राइल के विनाश और बुलडोज़िंग अभियानों को रोकने के लिए अमेरिकी समर्थन का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं ।
लेबनानी अधिकारी: उन्होंने बेरूत प्रशासन को बताया है कि इज़राइल ऑपरेशन के लिए तैयार है और अमेरिकी मंजूरी का इंतज़ार कर रहा है । अमेरिकी पक्ष ने लेबनानी अधिकारियों को सूचित किया है कि वह इज़राइली ऑपरेशन को पूरी तरह से नहीं रोक सकता, लेकिन उसने कम से कम नागरिक हताहतों के साथ एक सटीक, सर्जिकल हमले का अनुरोध किया है
।
अली अल-ताहेर रिज अमेरिकी मध्यस्थता वाले इज़राइल-लेबनान रूपरेखा समझौते के तहत एक नामित "पायलट ज़ोन" है । यह समझौता लेबनानी सेना को इस स्थल को सुरक्षित करने और वहाँ हिजबुल्लाह के बुनियादी ढाँचे को खत्म करने का प्रावधान करता है
। कुछ पायलट गाँवों - फ्रौन, सरिफा और ज़ावतर अल-ग़र्बियाह - में इसका कार्यान्वयन शुरू हो चुका है, लेकिन यह रिज अभी भी अनसुलझा है
।
इज़राइल का कहना है कि जब तक हिजबुल्लाह निरस्त्रीकरण नहीं हो जाता, वह दक्षिणी लेबनान में अपने आत्मघोषित "सुरक्षा क्षेत्र" से नहीं हटेगा । इज़राइली प्रधानमंत्री कार्यालय के एक सलाहकार ने कहा कि लेबनान सरकार 2025 के अंत तक हिजबुल्लाह को निरस्त्र करने में विफल रही, इसलिए इज़राइल बफर ज़ोन में बना हुआ है और एकतरफा कार्रवाई कर रहा है
। वार्ता स्थगित हो गई है और "गर्मियों के अंत" से पहले कोई नया दौर नहीं होने की उम्मीद है, क्योंकि इज़राइल और अमेरिका ने पायलट क्षेत्रों का विस्तार करने से इनकार कर दिया है
। रोम में वार्ता के दौरान असहमति का एक मुख्य बिंदु इज़राइल-अमेरिका की माँग थी कि हिजबुल्लाह तुरंत रिज पर अपने सैन्य परिसर को खत्म करे
।
काट्ज़ ने सबसे सख्त रुख अपनाया है। 12 अगस्त को दक्षिणी लेबनान में आईडीएफ सैनिकों का दौरा करते हुए उन्होंने घोषणा की कि इज़राइली सेना लेबनान, सीरिया और गाजा में सुरक्षा क्षेत्रों से नहीं हटेगी । "प्रधानमंत्री और मैंने स्पष्ट कर दिया है — हम यहाँ से पीछे नहीं हट रहे हैं," काट्ज़ ने कहा
। उन्होंने आईडीएफ को लंबी अवधि के ठहराव की तैयारी करने और हिजबुल्लाह के बुनियादी ढाँचे को नष्ट करने का निर्देश दिया
। उन्होंने कहा कि इज़राइल अपने सुरक्षा सिद्धांत के अनुसार, दुश्मन क्षेत्र के अंदर एक परिचालन उपस्थिति बनाए रखेगा
।
सलाम ने इज़राइली कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है। 1 अगस्त को, उन्होंने इज़राइली सैन्य अभियानों को अंतरराष्ट्रीय कानून और युद्ध विराम प्रतिबद्धताओं का "खुला उल्लंघन" बताया । 12 अगस्त को, उन्होंने दक्षिणी लेबनान में इज़राइल के "व्यवस्थित विनाश" की निंदा करते हुए कहा कि नष्ट किए गए गाँवों को सैन्य स्थल बताना "बेतुका है"
। जब एक हैकर ने इज़राइल की निंदा करने वाली उनकी मूल पोस्ट को डिलीट कर दिया, तो उन्होंने इसे फिर से पोस्ट करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का "गंभीर उल्लंघन" बताया
। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की युद्ध अपराध जाँच में सहयोग करने का भी वादा किया है
।
स्थानीय लेबनानी अधिकारियों की रिपोर्ट है कि मार्च 2026 से इज़राइली सेना ने कई पूरे कस्बों को ज़मींदोज़ कर दिया है । दक्षिणी गाँवों और कस्बों में बुलडोज़िंग और विध्वंस के अभियान जारी हैं
।
जंगल की आग: इज़राइल पर दक्षिणी लेबनान में जानबूझकर जंगल की आग लगाने का आरोप लगा है। जून के युद्ध विराम के बाद से ड्रोन और गोला-बारूद ने बार-बार जंगलों, जैतून के बागानों और खेतों में आग लगा दी है । इज़राइली हमलों में ड्रोन से आग लगाने वाली सामग्री गिराना भी शामिल हो गया है, जिससे जंगलों और पहाड़ियों के बड़े हिस्से में आग लग गई है
। लेबनानी अग्निशमन कर्मियों ने द गार्जियन को बताया कि इज़राइली सेना जानबूझकर आग लगा रही है
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अमेरिकी विदेश विभाग ने वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए इज़राइली सैन्य अभियानों और बमबारी को रोकने के लिए संपर्क किया है । विभाग ने एमटीवी को बताया कि दक्षिणी लेबनान में कोई भी स्थायी इज़राइली सैन्य उपस्थिति स्वीकृत रूपरेखा के विपरीत है
। इसने पहले भी घोषणा की थी कि इज़राइल-लेबनान समझौते का कार्यान्वयन निर्धारित पायलट क्षेत्रों में शुरू हो गया है
।
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लेबनानी अखबार 'अल जुम्हूरिया' के अनुसार, इज़राइल दक्षिणी लेबनान में अली अल ताहेर रिज पर हमले की तैयारी पूरी कर चुका है और अमेरिकी हरी झंडी का इंतज़ार कर रहा है [9]।
लेबनानी अखबार 'अल जुम्हूरिया' के अनुसार, इज़राइल दक्षिणी लेबनान में अली अल ताहेर रिज पर हमले की तैयारी पूरी कर चुका है और अमेरिकी हरी झंडी का इंतज़ार कर रहा है [9]। यह पहाड़ी हिजबुल्लाह के भूमिगत सैन्य कमांड सेंटर और हथियार डिपो का ठिकाना होने का आरोप है, जिसके चलते यह क्षेत्र युद्ध विराम वार्ता में सबसे बड़ी अड़चन बना हुआ है [6][27]।
अमेरिकी विदेश विभाग ने दक्षिणी लेबनान में किसी भी स्थायी इज़राइली सैन्य उपस्थिति को रूपरेखा समझौते के विपरीत बताया है, और लेबनान की संप्रभुता के लिए अपना समर्थन दोहराया है [12]।