सेमीकंडक्टर उद्योग में सबसे अधिक रणनीतिक मूल्य अक्सर आर्किटेक्चर, सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन और सिस्टम डिज़ाइन में होता है—सिर्फ चिप बनाना ही पर्याप्त नहीं होता। इसलिए अगर यूरोप के पास डिज़ाइन कंपनियाँ नहीं होंगी, तो भले ही यहाँ फैक्ट्रियाँ हों, असली तकनीकी नियंत्रण कहीं और रहेगा।
यूरोपीय संघ ने 2023 में €43 अरब का EU Chips Act लॉन्च किया था, जिसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और वैश्विक चिप उत्पादन में यूरोप की हिस्सेदारी बढ़ाना था।
वेंडेनामेले मानते हैं कि इस कार्यक्रम ने अमेरिका और चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यूरोप के उद्योग को स्थिर करने में मदद की।
लेकिन इसकी सबसे बड़ी सीमा यह रही कि नीति का ध्यान मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग सब्सिडी और बड़े फैब्रिकेशन प्लांट्स पर था। इससे उत्पादन क्षमता तो बढ़ सकती है, पर अगर डिज़ाइन कंपनियाँ विदेशी रहें तो तकनीकी निर्भरता बनी रहती है।
इसी वजह से उनका सुझाव है कि Chips Act 2.0 को यूरोप में fabless चिप कंपनियों—खासकर AI प्रोसेसर और एक्सेलेरेटर डिज़ाइन करने वाली कंपनियों—के इकोसिस्टम को विकसित करना चाहिए।
हालांकि अक्सर कहा जाता है कि यूरोप चिप दौड़ में पीछे है, लेकिन क्षेत्र के पास मजबूत आधार मौजूद है।
उदाहरण के लिए बेल्जियम का imec दुनिया के प्रमुख सेमीकंडक्टर अनुसंधान केंद्रों में से एक है, जो सैकड़ों उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर अगली पीढ़ी की चिप तकनीक विकसित करता है।
इसके अलावा यूरोप में ASML और ASM जैसी कंपनियाँ हैं, जो दुनिया भर की चिप फैक्ट्रियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण बनाती हैं।
इन ताकतों का मतलब है कि यूरोप पहले से ही वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का अहम हिस्सा है—बस AI चिप डिज़ाइन में अग्रणी कंपनियों की कमी है।
चिप डिज़ाइन तभी सफल होती है जब उसे बड़े पैमाने पर बनाया जा सके। इसलिए उत्पादन क्षमता भी रणनीति का अहम हिस्सा बनी रहेगी।
इस दिशा में एक बड़ा प्रोजेक्ट जर्मनी के ड्रेसडेन में TSMC का सेमीकंडक्टर प्लांट है, जिसे European Semiconductor Manufacturing Company (ESMC) नामक संयुक्त उद्यम के जरिए बनाया जा रहा है। इसमें Bosch, Infineon और NXP भी साझेदार हैं।
अरबों यूरो के सार्वजनिक समर्थन से बनने वाला यह प्लांट यूरोप की चिप मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चिप डिज़ाइन की एक बड़ी बाधा है महंगे इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइन ऑटोमेशन (EDA) सॉफ्टवेयर और उपकरण। इन्हें खरीदना छोटे स्टार्टअप्स के लिए बहुत मुश्किल होता है।
इसी समस्या को हल करने के लिए EU ने European Chips Design Platform शुरू किया है—एक क्लाउड आधारित वातावरण जहाँ स्टार्टअप, छोटे‑मध्यम उद्योग और शोध संस्थान डिज़ाइन टूल्स, प्रशिक्षण और संसाधनों तक पहुँच पा सकते हैं।
हाल ही में Siemens ने यूरोपीय Chips Joint Undertaking के साथ एक फ्रेमवर्क समझौता किया है, जिससे इस प्लेटफॉर्म से जुड़े संगठनों को उसके उन्नत EDA सॉफ्टवेयर तक पूर्वनिर्धारित शर्तों पर पहुँच मिलेगी।
इस तरह की पहलें प्रवेश लागत कम करके नई पीढ़ी की यूरोपीय fabless चिप कंपनियों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही हैं।
इन सभी प्रयासों को जोड़कर देखें तो यूरोप के सामने एक संभावित रोडमैप उभरता है:
लेकिन अभी भी एक महत्वपूर्ण कड़ी गायब है—वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी AI चिप डिज़ाइन चैंपियन।
वेंडेनामेले का संदेश नीति‑निर्माताओं के लिए साफ है: अगर यूरोप कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में तकनीकी संप्रभुता चाहता है, तो सिर्फ फैक्ट्री बनाना काफी नहीं होगा। उसे उन कंपनियों को भी खड़ा करना होगा जो AI को चलाने वाले चिप्स डिज़ाइन करती हैं।
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