Chips Act 2.0 में AI चिप डिज़ाइन पर जोर दे यूरोप: imec CEO
imec के CEO पैट्रिक वेंडेनामेले का कहना है कि EU की अगली सेमीकंडक्टर नीति में फैक्ट्रियों से ज्यादा AI चिप डिज़ाइन कंपनियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनके मुताबिक यदि यूरोप अपने AI चिप डिज़ाइनर नहीं बनाता, तो वह Nvidia जैसी अमेरिकी कंपनियों पर निर्भर रह सकता है। €43 अरब के मूल EU Chips Act ने मैन्युफैक्चरिंग को ब...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.5 से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
imec के CEO पैट्रिक वेंडेनामेले का कहना है कि EU की अगली सेमीकंडक्टर नीति में फैक्ट्रियों से ज्यादा AI चिप डिज़ाइन कंपनियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उनके मुताबिक यदि यूरोप अपने AI चिप डिज़ाइनर नहीं बनाता, तो वह Nvidia जैसी अमेरिकी कंपनियों पर निर्भर रह सकता है।
€43 अरब के मूल EU Chips Act ने मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया, लेकिन मजबूत डिज़ाइन इकोसिस्टम बनाने में अभी भी कमी है।
ASML, ASM और imec जैसे यूरोपीय संस्थान पहले से मजबूत तकनीकी आधार देते हैं, जिस पर AI चिप स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाया जा सकता है।
What is imec CEO Patrick Vandenameele urging the EU to prioritize in Chips Act 2.0, why does he believe Europe needs its own AI chip designEurope’s next semiconductor strategy may hinge on building its own AI chip design companies, not just manufacturing capacity.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is imec CEO Patrick Vandenameele urging the EU to prioritize in Chips Act 2.0, why does he believe Europe needs its own AI chip design. Article summary: Patrick Vandenameele is urging the EU to make Chips Act 2.0 much more focused on AI chip design and the creation of home-grown European AI chip design companies, not just factory subsidies [1]. His argument is that Europ. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "The CEO and CEO-elect of imec have talked about their priorities and strategies for 2026. “The pace at which AI has permeated virtually every aspect of society has been nothing sho" source context "Imec's priorities and strategies for 2026 - Electronics Weekly" Reference image 2: visual subject "Imec’s challenge -
openai.com
यूरोप की सेमीकंडक्टर रणनीति अगले चरण में एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ सकती है। बेल्जियम के प्रमुख चिप अनुसंधान केंद्र imec के CEO पैट्रिक वेंडेनामेले का मानना है कि यूरोपीय संघ की अगली चिप नीति—जिसे अक्सर “Chips Act 2.0” कहा जा रहा है—को केवल चिप फैक्ट्रियों पर पैसा खर्च करने के बजाय घरेलू AI चिप डिज़ाइन कंपनियाँ बनाने पर ज़ोर देना चाहिए।
उनका तर्क है कि अगर यूरोप वैश्विक AI दौड़ में प्रतिस्पर्धी रहना चाहता है, तो उसे उन कंपनियों को विकसित करना होगा जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता को चलाने वाले उन्नत प्रोसेसर डिज़ाइन करती हैं।
यूरोप को अपने AI चिप डिज़ाइनर क्यों चाहिए
आज दुनिया की कई AI प्रणालियाँ उन चिप्स पर चलती हैं जिन्हें अमेरिकी कंपनियाँ—जैसे —डिज़ाइन करती हैं। इसका मतलब है कि अन्य क्षेत्रों की तकनीकी निर्भरता काफी हद तक विदेशी हार्डवेयर आर्किटेक्चर पर है।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"Chips Act 2.0 में AI चिप डिज़ाइन पर जोर दे यूरोप: imec CEO" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
imec के CEO पैट्रिक वेंडेनामेले का कहना है कि EU की अगली सेमीकंडक्टर नीति में फैक्ट्रियों से ज्यादा AI चिप डिज़ाइन कंपनियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
imec के CEO पैट्रिक वेंडेनामेले का कहना है कि EU की अगली सेमीकंडक्टर नीति में फैक्ट्रियों से ज्यादा AI चिप डिज़ाइन कंपनियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनके मुताबिक यदि यूरोप अपने AI चिप डिज़ाइनर नहीं बनाता, तो वह Nvidia जैसी अमेरिकी कंपनियों पर निर्भर रह सकता है।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
€43 अरब के मूल EU Chips Act ने मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया, लेकिन मजबूत डिज़ाइन इकोसिस्टम बनाने में अभी भी कमी है।
वेंडेनामेले के अनुसार, यदि यूरोप ने अपने AI चिप डिज़ाइन लीडर तैयार नहीं किए, तो वह लंबे समय तक अमेरिकी या चीनी कंपनियों पर निर्भर रह सकता है।
सेमीकंडक्टर उद्योग में सबसे अधिक रणनीतिक मूल्य अक्सर आर्किटेक्चर, सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन और सिस्टम डिज़ाइन में होता है—सिर्फ चिप बनाना ही पर्याप्त नहीं होता। इसलिए अगर यूरोप के पास डिज़ाइन कंपनियाँ नहीं होंगी, तो भले ही यहाँ फैक्ट्रियाँ हों, असली तकनीकी नियंत्रण कहीं और रहेगा।
€43 अरब का EU Chips Act: उपलब्धि और सीमाएँ
यूरोपीय संघ ने 2023 में €43 अरब का EU Chips Act लॉन्च किया था, जिसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और वैश्विक चिप उत्पादन में यूरोप की हिस्सेदारी बढ़ाना था।
वेंडेनामेले मानते हैं कि इस कार्यक्रम ने अमेरिका और चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यूरोप के उद्योग को स्थिर करने में मदद की।
लेकिन इसकी सबसे बड़ी सीमा यह रही कि नीति का ध्यान मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग सब्सिडी और बड़े फैब्रिकेशन प्लांट्स पर था। इससे उत्पादन क्षमता तो बढ़ सकती है, पर अगर डिज़ाइन कंपनियाँ विदेशी रहें तो तकनीकी निर्भरता बनी रहती है।
इसी वजह से उनका सुझाव है कि Chips Act 2.0 को यूरोप में fabless चिप कंपनियों—खासकर AI प्रोसेसर और एक्सेलेरेटर डिज़ाइन करने वाली कंपनियों—के इकोसिस्टम को विकसित करना चाहिए।
यूरोप की मौजूदा ताकतें
हालांकि अक्सर कहा जाता है कि यूरोप चिप दौड़ में पीछे है, लेकिन क्षेत्र के पास मजबूत आधार मौजूद है।
उदाहरण के लिए बेल्जियम का imec दुनिया के प्रमुख सेमीकंडक्टर अनुसंधान केंद्रों में से एक है, जो सैकड़ों उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर अगली पीढ़ी की चिप तकनीक विकसित करता है।
इसके अलावा यूरोप में ASML और ASM जैसी कंपनियाँ हैं, जो दुनिया भर की चिप फैक्ट्रियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण बनाती हैं।
इन ताकतों का मतलब है कि यूरोप पहले से ही वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का अहम हिस्सा है—बस AI चिप डिज़ाइन में अग्रणी कंपनियों की कमी है।
मैन्युफैक्चरिंग तक पहुँच भी जरूरी
चिप डिज़ाइन तभी सफल होती है जब उसे बड़े पैमाने पर बनाया जा सके। इसलिए उत्पादन क्षमता भी रणनीति का अहम हिस्सा बनी रहेगी।
इस दिशा में एक बड़ा प्रोजेक्ट जर्मनी के ड्रेसडेन में TSMC का सेमीकंडक्टर प्लांट है, जिसे European Semiconductor Manufacturing Company (ESMC) नामक संयुक्त उद्यम के जरिए बनाया जा रहा है। इसमें Bosch, Infineon और NXP भी साझेदार हैं।
अरबों यूरो के सार्वजनिक समर्थन से बनने वाला यह प्लांट यूरोप की चिप मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डिज़ाइन इकोसिस्टम बनाने की कोशिश
चिप डिज़ाइन की एक बड़ी बाधा है महंगे इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइन ऑटोमेशन (EDA) सॉफ्टवेयर और उपकरण। इन्हें खरीदना छोटे स्टार्टअप्स के लिए बहुत मुश्किल होता है।
इसी समस्या को हल करने के लिए EU ने European Chips Design Platform शुरू किया है—एक क्लाउड आधारित वातावरण जहाँ स्टार्टअप, छोटे‑मध्यम उद्योग और शोध संस्थान डिज़ाइन टूल्स, प्रशिक्षण और संसाधनों तक पहुँच पा सकते हैं।
हाल ही में Siemens ने यूरोपीय Chips Joint Undertaking के साथ एक फ्रेमवर्क समझौता किया है, जिससे इस प्लेटफॉर्म से जुड़े संगठनों को उसके उन्नत EDA सॉफ्टवेयर तक पूर्वनिर्धारित शर्तों पर पहुँच मिलेगी।
इस तरह की पहलें प्रवेश लागत कम करके नई पीढ़ी की यूरोपीय fabless चिप कंपनियों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही हैं।
बड़ी तस्वीर: यूरोप की AI हार्डवेयर रणनीति
इन सभी प्रयासों को जोड़कर देखें तो यूरोप के सामने एक संभावित रोडमैप उभरता है:
imec जैसे शोध केंद्र उन्नत सेमीकंडक्टर तकनीक विकसित करते हैं।
डिज़ाइन प्लेटफॉर्म स्टार्टअप्स को टूल्स और विशेषज्ञता तक पहुँच देते हैं।
TSMC जैसे निवेश क्षेत्रीय मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाते हैं।
लेकिन अभी भी एक महत्वपूर्ण कड़ी गायब है—वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी AI चिप डिज़ाइन चैंपियन।
वेंडेनामेले का संदेश नीति‑निर्माताओं के लिए साफ है: अगर यूरोप कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में तकनीकी संप्रभुता चाहता है, तो सिर्फ फैक्ट्री बनाना काफी नहीं होगा। उसे उन कंपनियों को भी खड़ा करना होगा जो AI को चलाने वाले चिप्स डिज़ाइन करती हैं।
siliconrepublic.comTSMC starts building its first billion-euro chip plant in Europe