IBM ने Anthropic के Project Glasswing में शामिल होकर Claude Mythos Preview नाम के उन्नत AI मॉडल तक शुरुआती पहुँच प्राप्त की है, जिससे सॉफ्टवेयर कमजोरियों का पहले से पता लगाया जा सके। Project Glasswing एक सीमित साझेदारी कार्यक्रम है जिसमें बड़ी टेक और साइबर सुरक्षा कंपनियाँ AI की मदद से सॉफ्टवेयर सुरक्षा खामियों और स...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is IBM’s new partnership with Anthropic’s Project Glasswing, what is Project Glasswing and Claude Mythos Preview designed to do in defe. Article summary: IBM’s new partnership with Anthropic’s Project Glasswing gives IBM access to Claude Mythos Preview, Anthropic’s unreleased advanced AI model, for defensive cybersecurity research and enterprise security use cases. Projec. Topic tags: general, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Anthropic PBC said today it’s releasing a preview of the most powerful frontier model it has ever developed, making it available to a small coterie of partners and cybersecurity re" source context "Anthropic debuts Project Glasswing, leveraging its powerful Mythos model to reinforce software security - SiliconANGLE" Reference im
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तेजी से साइबर सुरक्षा की दुनिया को बदल रही है। जैसे‑जैसे AI सिस्टम अधिक शक्तिशाली होते जा रहे हैं, टेक कंपनियाँ यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि इनका उपयोग हमलों को रोकने के लिए कैसे किया जाए। इसी दिशा में IBM ने Anthropic के Project Glasswing में साझेदारी की है।
इस पहल के तहत IBM और कुछ चुनिंदा तकनीकी व साइबर सुरक्षा कंपनियाँ Claude Mythos Preview नाम के एक उन्नत, अभी सार्वजनिक रूप से जारी न किए गए AI मॉडल का परीक्षण कर रही हैं। इसका उद्देश्य सॉफ्टवेयर की कमजोरियों को जल्दी पहचानना और बड़े साइबर हमलों से पहले ही बचाव करना है।
Project Glasswing Anthropic द्वारा शुरू किया गया एक साइबर सुरक्षा कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य दुनिया के महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को अधिक सुरक्षित बनाना है। इस कार्यक्रम के तहत कुछ चुनिंदा संगठनों को Anthropic के नए AI मॉडल Claude Mythos Preview तक शुरुआती पहुँच दी गई है ताकि वे इसे सुरक्षा कार्यों में परख सकें।
इस पहल में सीमित और सत्यापित साझेदार शामिल हैं, जिनमें Amazon Web Services, Apple, Google, Microsoft, Nvidia, CrowdStrike और Palo Alto Networks जैसी बड़ी कंपनियाँ भी शामिल हैं।
इसका मकसद यह समझना है कि शक्तिशाली AI मॉडल सॉफ्टवेयर सिस्टम—जैसे क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म या एंटरप्राइज इंफ्रास्ट्रक्चर—की सुरक्षा को कैसे मजबूत कर सकते हैं, जिन पर अरबों लोग निर्भर हैं।
Claude Mythos Preview को Anthropic का अब तक का सबसे उन्नत AI मॉडल माना जा रहा है। यह एक सामान्य‑उद्देश्य (general‑purpose) मॉडल है, लेकिन इसकी मजबूत कोडिंग और तर्क क्षमता इसे सॉफ्टवेयर विश्लेषण और सुरक्षा जांच में खास तौर पर उपयोगी बनाती है।
Project Glasswing के भीतर कंपनियाँ इस मॉडल का उपयोग कई डिफेंसिव साइबर सुरक्षा कार्यों के लिए कर रही हैं, जैसे:
शुरुआत में Anthropic ने सुरक्षा जानकारी साझा करने पर सीमाएँ रखी थीं, लेकिन बाद में नीति बदली गई ताकि साझेदार उन संगठनों को चेतावनी दे सकें जिन पर समान खतरे का असर पड़ सकता है। इससे सामूहिक सुरक्षा प्रतिक्रिया तेज़ हो सकती है।
IBM ने Project Glasswing में शामिल होने की घोषणा अपने AI‑आधारित एंटरप्राइज सुरक्षा कार्यक्रम के विस्तार के रूप में की। कंपनी का कहना है कि साइबर अपराधी भी तेजी से AI का इस्तेमाल करने लगे हैं, इसलिए सुरक्षा उपकरणों को भी उतना ही उन्नत होना होगा।
IBM के विश्लेषण के अनुसार, Claude Mythos जैसे मॉडल जटिल सॉफ्टवेयर सिस्टम में ऐसी कमजोरियाँ खोज सकते हैं जो वर्षों से छिपी हुई हों। यह क्षमता पारंपरिक सुरक्षा तरीकों से आगे की है।
इस कार्यक्रम में शामिल होकर IBM को इन नई क्षमताओं को शुरुआती चरण में समझने और उन्हें अपनी एंटरप्राइज सुरक्षा सेवाओं में शामिल करने का मौका मिलता है।
Anthropic ने Project Glasswing शुरू करने के पीछे एक बड़ी चिंता भी बताई है—जैसे‑जैसे AI मॉडल अधिक शक्तिशाली होंगे, वे साइबर हमलों को भी तेज़ और अधिक प्रभावी बना सकते हैं।
इसी वजह से कंपनी ने मॉडल को सार्वजनिक रूप से जारी करने के बजाय सीमित साझेदारों तक ही रखा है। लक्ष्य यह है कि रक्षात्मक पक्ष (defenders) पहले तकनीक को समझ लें, इससे पहले कि हमलावर इसका फायदा उठाएँ।
अगर ऐसे AI मॉडल प्रभावी साबित होते हैं, तो वे बड़े सॉफ्टवेयर सिस्टम में कमजोरियाँ ढूँढने और खतरे का विश्लेषण करने की गति को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
IBM लंबे समय से बड़े संगठनों की डिजिटल सुरक्षा पर ध्यान देता है—खासकर वित्तीय सेवाओं, दूरसंचार और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में। इन उद्योगों में सॉफ्टवेयर सिस्टम बेहद जटिल और आपस में जुड़े होते हैं, इसलिए छोटी‑सी कमजोरी भी बड़े प्रभाव डाल सकती है।
Project Glasswing में भागीदारी से IBM को ऐसे उपकरण और शोध मिल सकते हैं जो इन क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत करें, जैसे:
Project Glasswing यह दिखाता है कि AI और साइबर सुरक्षा के रिश्ते का नया चरण शुरू हो चुका है। कंपनियाँ अब केवल हमलों के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय AI को पहले से सुरक्षा मजबूत करने के उपकरण के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही हैं।
IBM जैसी बड़ी एंटरप्राइज टेक कंपनियों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि भविष्य में साइबर सुरक्षा की दौड़ शायद इस बात पर निर्भर करेगी कि कौन AI की शक्ति को रक्षात्मक उपयोग में सबसे पहले और सबसे प्रभावी तरीके से लागू कर पाता है।
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IBM ने Anthropic के Project Glasswing में शामिल होकर Claude Mythos Preview नाम के उन्नत AI मॉडल तक शुरुआती पहुँच प्राप्त की है, जिससे सॉफ्टवेयर कमजोरियों का पहले से पता लगाया जा सके।
IBM ने Anthropic के Project Glasswing में शामिल होकर Claude Mythos Preview नाम के उन्नत AI मॉडल तक शुरुआती पहुँच प्राप्त की है, जिससे सॉफ्टवेयर कमजोरियों का पहले से पता लगाया जा सके। Project Glasswing एक सीमित साझेदारी कार्यक्रम है जिसमें बड़ी टेक और साइबर सुरक्षा कंपनियाँ AI की मदद से सॉफ्टवेयर सुरक्षा खामियों और संभावित हमलों का विश्लेषण कर रही हैं।
IBM का मानना है कि उन्नत AI मॉडल भविष्य में साइबर हमलों को भी तेज़ कर सकते हैं, इसलिए कंपनियों को अभी से AI‑आधारित सुरक्षा रणनीतियाँ तैयार करनी होंगी।