यानी मोर्चे पर अक्सर ऐसा होता है कि छोटे गांव या कस्बे बार‑बार हाथ बदलते रहते हैं या लंबे समय तक विवादित बने रहते हैं।
भले ही एक गांव की स्थिति स्पष्ट न हो, लेकिन पूरे दक्षिणी यूक्रेन में लड़ाई लगातार जारी है।
रूसी बलों ने ज़ापोरिज़्झिया, मायकोलाइव और खेरसॉन जैसे क्षेत्रों पर ड्रोन, तोपखाने और हवाई हमलों से हमला किया है। इन हमलों में नागरिक इलाकों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचा और लोगों की मौत तथा घायल होने की खबरें भी आईं।
कई बार युद्धविराम या हमलों में अस्थायी कमी की बात हुई, लेकिन जमीनी लड़ाई जारी रही। यूक्रेनी अधिकारियों ने एक ही दिन में सैकड़ों झड़पों और कई ड्रोन हमलों की रिपोर्ट दी है।
हवाई युद्ध भी तेज़ हो गया है। यूक्रेन के अनुसार रूस ने केवल दो दिनों में 1,567 ड्रोन दागे — जो युद्ध की शुरुआत के बाद सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक बताया गया।
यह दिखाता है कि इस संघर्ष में अब लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइलें जमीनी अभियानों के साथ मिलकर बड़ी भूमिका निभा रही हैं।
ऊर्जा ढांचा भी युद्ध का बड़ा लक्ष्य बन चुका है।
रूस द्वारा नियुक्त स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि ज़ापोरिज़्झिया के कब्ज़े वाले हिस्सों में आपातकालीन बिजली कटौती हुई।
पास के कब्ज़े वाले खेरसॉन क्षेत्र में भी ड्रोन हमलों के बाद कई जिलों की बिजली आपूर्ति बाधित होने की रिपोर्ट आई।
ऊर्जा प्रणाली पर हमले इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे सैन्य आपूर्ति, उद्योग और आम नागरिकों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी — तीनों को प्रभावित करते हैं।
इस पूरे क्षेत्र की सबसे गंभीर चिंता है Zaporizhzhia Nuclear Power Plant, जो यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र है और 2022 में युद्ध की शुरुआत के बाद से रूसी नियंत्रण में है।
हाल की घटनाएँ जोखिम को और स्पष्ट करती हैं:
रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम (Rosatom) ने चेतावनी दी है कि आसपास बढ़ते हमलों के कारण स्थिति “पॉइंट ऑफ नो रिटर्न” के करीब पहुँच सकती है।
IAEA लगातार चेतावनी देता रहा है कि किसी भी परमाणु संयंत्र के आसपास सैन्य गतिविधि गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती है।
Verkhnia Tersa के आसपास की लड़ाई सिर्फ एक छोटे गांव की कहानी नहीं है — यह दक्षिणी यूक्रेन के बड़े रणनीतिक संघर्ष का हिस्सा है।
यह क्षेत्र रूस के कब्ज़े वाले दक्षिणी इलाकों और यूक्रेन के प्रमुख शहरों के बीच महत्वपूर्ण मार्गों के पास स्थित है। विश्लेषकों के अनुसार, इस इलाके में रूसी हमलों का उद्देश्य पश्चिम की ओर बढ़ते हुए मजबूत यूक्रेनी रक्षा पंक्तियों पर दबाव बनाना और आगे के शहरों के लिए रास्ता खोलना हो सकता है।
हालाँकि अब तक इस क्षेत्र में प्रगति धीमी रही है। मजबूत यूक्रेनी किलेबंदी और रक्षा पंक्तियों के कारण रूस को केवल छोटे‑छोटे कदमों में बढ़त मिलती दिखी है, कोई बड़ा ब्रेकथ्रू नहीं।
ज़ापोरिज़्झिया में हाल की घटनाएँ युद्ध के मौजूदा चरण को समझने में मदद करती हैं:
इसलिए भले ही Verkhnia Tersa पर कब्ज़े का दावा अभी पूरी तरह साबित न हुआ हो, लेकिन दक्षिणी यूक्रेन में युद्ध की तीव्रता, ऊर्जा ढांचे पर हमले और परमाणु सुरक्षा से जुड़ी चिंताएँ साफ दिखाती हैं कि यह मोर्चा अभी भी बेहद महत्वपूर्ण बना हुआ है।
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