दूसरी प्रमुख कंपनी है Parallel Web Systems, जिसे पूर्व Twitter CEO पराग अग्रवाल ने शुरू किया है। इस स्टार्टअप ने Sequoia Capital के नेतृत्व में $100 मिलियन जुटाए और इसका वैल्यूएशन करीब $2 बिलियन बताया गया।
Parallel का उद्देश्य एक ऐसा वेब इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है जो खासतौर पर AI एजेंट्स द्वारा वेब खोजने और उससे इंटरैक्ट करने के लिए अनुकूलित हो।
इसी श्रेणी में Tavily और TinyFish जैसे अन्य स्टार्टअप भी हैं, जो सर्च सिस्टम को पारंपरिक वेब यूजर की बजाय AI सिस्टम के लिए डिजाइन करने की कोशिश कर रहे हैं।
निवेशकों का मानना है कि आने वाले समय में AI‑native search खुद इंटरनेट का एक नया इंफ्रास्ट्रक्चर लेयर बन सकता है, ठीक उसी तरह जैसे क्लाउड कंप्यूटिंग या पेमेंट API बने।
जहाँ स्टार्टअप्स इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहे हैं, वहीं बड़ी टेक कंपनियाँ अपने प्लेटफॉर्म के सर्च अनुभव को पूरी तरह बदलने में जुटी हैं।
Google सर्च में सबसे बड़ा बदलाव ला रहा है। कंपनी अपने सर्च बॉक्स में सीधे उन्नत AI मॉडल जोड़ रही है, जिससे उपयोगकर्ता सामान्य भाषा में सवाल पूछकर जवाब पा सकते हैं।
Google के अनुसार यह पिछले 25 वर्षों में सर्च का सबसे बड़ा अपग्रेड है। Gemini मॉडल्स के जरिए सर्च अब बातचीत‑जैसे जवाब और गहराई से जानकारी तलाशने की सुविधा देता है।
इसका मतलब है कि सर्च धीरे‑धीरे पारंपरिक "दस नीले लिंक" मॉडल से हटकर इंटरैक्टिव AI जवाबों की ओर जा रहा है।
ई‑कॉमर्स क्षेत्र में Amazon भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। कंपनी ने अपने सर्च बार में Alexa‑आधारित AI जवाब जोड़ने की शुरुआत की है।
अब अगर उपयोगकर्ता कोई सवाल टाइप करते हैं, तो उन्हें केवल उत्पादों की सूची नहीं बल्कि AI द्वारा तैयार किए गए प्रोडक्ट तुलना और सुझाव भी दिखाई दे सकते हैं।
Amazon ऐसे हाइब्रिड सर्च मॉडल भी टेस्ट कर रहा है जहाँ पारंपरिक परिणामों के साथ AI सारांश दिखाई देते हैं।
LinkedIn ने AI‑पावर्ड कन्वर्सेशनल सर्च शुरू किया है, जिससे उपयोगकर्ता प्राकृतिक भाषा में खोज सकते हैं—जैसे “स्टार्टअप में काम कर चुके सॉफ्टवेयर इंजीनियर।”
Reddit भी AI‑आधारित सर्च प्रयोग कर रहा है जो समुदाय की चर्चाओं को संरचित सुझावों में बदल देता है। कुछ परीक्षणों में यह उपयोगकर्ताओं की चर्चाओं के आधार पर इंटरैक्टिव शॉपिंग परिणाम भी दिखा सकता है।
इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि इंटरनेट पर डिस्कवरी सिस्टम—चाहे वह ई‑कॉमर्स हो, सोशल प्लेटफॉर्म या प्रोफेशनल नेटवर्क—अब तेजी से AI पर निर्भर हो रहे हैं।
AI सर्च स्टार्टअप्स में बढ़ते निवेश के पीछे एक बड़ी वजह है AI असिस्टेंट और एजेंट‑आधारित एप्लिकेशन का उभार।
अब उपयोगकर्ता खुद वेबसाइट दर वेबसाइट ब्राउज़ करने के बजाय AI से सवाल पूछते हैं और वही सिस्टम इंटरनेट से जानकारी ढूँढकर उसे सारांश में पेश करता है। Google का AI‑केंद्रित सर्च बदलाव भी इसी व्यापक ट्रेंड का हिस्सा है।
इस बदलाव से ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ रही है जो:
Exa और Parallel जैसे स्टार्टअप इसी स्तर की तकनीक बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
व्यवसायों, ब्रांडों और प्रकाशकों के लिए यह बदलाव ऑनलाइन दृश्यता के नियम बदल सकता है।
पहले SEO (Search Engine Optimization) का लक्ष्य सर्च परिणामों में ऊपर आना था। लेकिन AI सर्च सिस्टम अक्सर सीधे स्रोतों से जानकारी लेकर जवाब बना देते हैं। इसलिए अब लक्ष्य बदलकर AI द्वारा उद्धृत या समझे जाने योग्य बनना हो रहा है।
यह बदलाव उपयोगकर्ता व्यवहार में भी दिख रहा है। आंकड़ों के अनुसार अब 58% से अधिक सर्च बिना किसी क्लिक के समाप्त हो जाते हैं, क्योंकि AI सारांश वहीं जवाब दे देते हैं।
साथ ही AI प्लेटफॉर्म पारंपरिक सर्च परिणामों तक पहुँचने से पहले ही बढ़ते हिस्से की खोज गतिविधि को पकड़ने लगे हैं।
इसलिए कई विशेषज्ञ इसे “AI discoverability” या “answer engine optimization” का नया दौर कह रहे हैं।
इन सभी रुझानों को जोड़कर देखें तो एक नया बहु‑स्तरीय इकोसिस्टम बनता दिखाई देता है:
प्रतिस्पर्धा अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन दिशा साफ है: सर्च धीरे‑धीरे लिंक की सूची से बदलकर AI‑संचालित खोज और खोजयोग्यता (discovery) की प्रणाली बन रहा है।
और इसी बदलाव के कारण अब असली दौड़ सिर्फ बेहतर सर्च इंजन बनाने की नहीं, बल्कि उस इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाने की है जो तय करेगा कि AI इंटरनेट से जानकारी कैसे ढूँढता है।
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