उनके विश्लेषण में सबसे महत्वपूर्ण संकेतक है 50‑week moving average। इतिहास में यह स्तर अक्सर bull market के दौरान मजबूत सपोर्ट की तरह काम करता रहा है। Cowen के अनुसार, जब तक Bitcoin कई हफ्तों तक इस स्तर के ऊपर क्लोज़ नहीं करता, तब तक bearish परिदृश्य खत्म नहीं माना जा सकता।
अगर यह रिकवरी नहीं होती, तो बाजार लंबे समय तक कमजोर रह सकता है—खासतौर पर तब तक जब तक वैश्विक आर्थिक प्रणाली में तरलता (liquidity) फिर से बेहतर नहीं होती। कुछ परिदृश्यों में Cowen ने यह भी कहा है कि असली bottom 2026 के बाद के महीनों में बन सकता है।
हालांकि कीमत कमजोर दिख रही है, लेकिन डेरिवेटिव मार्केट का डेटा एक अलग कहानी बता रहा है।
K33 Research के अनुसार कई संकेत बताते हैं कि बाजार में पहले से ही काफी defensive positioning है। उदाहरण के लिए:
इन संकेतों का मतलब है कि ट्रेडर बड़े bullish दांव लगाने के बजाय जोखिम कम कर रहे हैं या अपनी पोज़िशन बंद कर रहे हैं।
इसके अलावा CME futures basis भी ऐतिहासिक रूप से काफी कम स्तर पर है, जो यह दिखाता है कि सट्टा उत्साह (speculative enthusiasm) फिलहाल बहुत कमजोर है।
K33 के रिसर्च प्रमुख Vetle Lunde के अनुसार यह स्थिति पिछले क्रैश से अलग है। 2014, 2018 और 2022 जैसे बाजार गिरावट अक्सर तब शुरू हुई थीं जब ट्रेडर भारी leverage के साथ long पोज़िशन में फंसे हुए थे—जो बाद में बड़े liquidation cascade में बदल गईं। इस बार डेटा इसके उलट, “असामान्य रूप से निराशाजनक सेंटीमेंट” दिखा रहा है।
ब्लॉकचेन से मिलने वाले ऑन‑चेन संकेत भी बताते हैं कि बाजार में उत्साह नहीं बल्कि दबाव बढ़ रहा है।
K33 के अनुसार नेटवर्क में realized profits काफी कम हो गए हैं—यानी कम निवेशक मुनाफा बुक कर रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि कीमतों में मजबूती आने पर भी बिक्री का दबाव पहले जितना नहीं है।
साथ ही long‑term holders के पास मौजूद सप्लाई का छोटा हिस्सा ही अब मुनाफे में है, जो दर्शाता है कि कई पुराने निवेशक भी दबाव में हैं।
ऐसे पैटर्न अक्सर तब देखे जाते हैं जब बाजार घाटों को अवशोषित कर रहा होता है और निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ने लगता है।
कमजोर कीमतों के बावजूद K33 का मानना है कि इस बार का bear market पिछले चक्रों से कुछ मायनों में अलग हो सकता है।
2014, 2018 और 2022 की गिरावट में भारी leverage और मजबूर liquidation ने बाजार को तेजी से नीचे धकेला था। लेकिन इस बार बाजार पहले से ही कम leverage और ज्यादा सावधानी के साथ चल रहा है।
इसका मतलब यह हो सकता है कि अचानक बड़े crash की संभावना कम हो। दूसरी तरफ, अगर Bitcoin महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर वापस हासिल कर लेता है, तो यही bearish positioning तेज़ short squeeze या recovery rally का कारण भी बन सकती है।
अधिकांश विश्लेषकों के अनुसार Bitcoin की अगली बड़ी दिशा इन प्रमुख स्तरों पर निर्भर करेगी:
अगर Bitcoin इन स्तरों से नीचे रहता है, तो बाजार कई महीनों तक साइडवे या धीरे‑धीरे नीचे जा सकता है। लेकिन अगर कीमत मजबूती से इनके ऊपर लौटती है, तो bearish पोज़िशन तेजी से unwind हो सकती हैं और एक मजबूत रैली शुरू हो सकती है।
Bitcoin का मौजूदा bear market एक विरोधाभासी तस्वीर पेश करता है।
एक तरफ कीमतें अभी भी कमजोर तकनीकी संरचना दिखा रही हैं, खासकर 200‑day moving average से रिजेक्शन के बाद। दूसरी तरफ डेरिवेटिव और सेंटीमेंट डेटा यह संकेत देते हैं कि बाजार पहले से ही बेहद निराश और रक्षात्मक है—ऐसी स्थिति जो कभी‑कभी bear market के अंतिम चरणों के आसपास भी देखी जाती है।
यही तनाव—कमजोर कीमतें लेकिन अत्यधिक pessimism—संभवतः आने वाले महीनों में Bitcoin बाजार की दिशा तय करेगा।
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