इसे Google Cloud Next '26 में पेश किया गया था और मिड-2026 तक उपलब्ध होना शुरू हो गया । यह Google के लगातार बढ़ते Gemini AI को Workspace में इंटीग्रेट करने के प्रयास का हिस्सा है, जिससे यूज़र बिना प्रोग्रामिंग या फॉर्मूले के अपने डेटा से फंक्शनल इंटरफ़ेस बना सकते हैं
।
Sheets Canvas का उपयोग बेहद सरल है:
सबसे बड़ी बात: यह एक टू-वे सिंक, रीड-राइट लेयर है । मान लीजिए, आपने एक कानबान बोर्ड बनाया है और उसमें किसी कार्ड को 'इन प्रोग्रेस' से 'कम्प्लीटेड' में खींचते हैं, तो आपकी असली शीट अपने आप अपडेट हो जाएगी। इसी तरह, शीट में किसी सेल में बदलाव करने पर कैनवस भी तुरंत बदल जाएगा
। यह एक बुनियादी बदलाव है क्योंकि स्टैटिक चार्ट डेटा का सिर्फ़ एक स्नैपशॉट ही दिखाते हैं।
मुख्य विशेषताएं:
एक शुरुआती यूज़र ने बताया कि उन्होंने इसकी मदद से एक लाइव रिपोर्टिंग डैशबोर्ड, एक कानबान बोर्ड, एक कंटेंट कैलेंडर और एक प्रोजेक्ट ट्रैकर — यानी चार अलग-अलग SaaS सब्सक्रिप्शन के बराबर का काम — सीधे Google Sheets के अंदर ही कर लिया ।
यह Google Sheets के फ्री वर्जन पर उपलब्ध नहीं है । शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया गया था कि फीचर को इस्तेमाल करने के लिए अकाउंट की भाषा को इंग्लिश में बदलना पड़ता था
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Google Sheets Canvas और Looker Studio को Google प्रतिस्पर्धी नहीं मानता। दोनों के अलग-अलग उद्देश्य हैं:
Sheets Canvas एक स्प्रेडशीट-नेटिव मिनी-ऐप बिल्डर है। यह उन यूज़र्स के लिए है जो पहले से Google Sheets में काम करते हैं और चाहते हैं कि उनका डेटा एक विज़ुअल फॉर्मेट में दिखे और उसे एडिट किया जा सके । यह एक प्रोडक्टिविटी फीचर है, जो स्प्रेडशीट के साथ इंटरैक्शन को ज़्यादा विज़ुअल और आसान बनाता है।
Looker Studio (पहले Google Data Studio) एक मुफ़्त, बिज़नेस इंटेलिजेंस डैशबोर्ड टूल है । यह कई डेटा स्रोतों (BigQuery, GA4, Google Ads) से जुड़कर ड्रैग-एंड-ड्रॉप की मदद से रिपोर्ट बनाने के लिए है, जिसे बड़े पैमाने पर शेयर और एनालाइज़ किया जा सकता है
। इसमें 800 से ज़्यादा डेटा कनेक्टर हैं
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सीधे शब्दों में:
Google के BI पोर्टफोलियो के दो स्तंभ हैं — Looker (एंटरप्राइज BI प्लेटफॉर्म) और Looker Studio (फ्री विज़ुअलाइज़ेशन टूल) । Sheets Canvas इस BI लाइनअप के बाहर, Google Workspace के एक प्रोडक्टिविटी फीचर के रूप में काम करता है। यह किसी एनालिटिक्स टूल का विकल्प नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के वर्कफ़्लो को आसान बनाने का एक ज़रिया है
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