1985 में Christo और Jeanne‑Claude ने Pont Neuf को सुनहरे‑भूरे कपड़े में लपेटकर दुनिया की सबसे चर्चित सार्वजनिक कला परियोजनाओं में से एक बना दिया था। उस समय पुल खुद ही कला‑कृति बन गया था।
JR का प्रोजेक्ट उसी विचार को नई दिशा देता है। कपड़े से ढकने के बजाय उन्होंने पुल के चारों ओर एक विशाल कृत्रिम गुफा बना दी है। इससे ऐसा भ्रम पैदा होता है जैसे पुल की मेहराबें पेरिस के बीचों‑बीच उठी किसी चट्टानी पहाड़ी से निकल रही हों।
दोनों प्रोजेक्ट्स की सोच समान है—स्मारक पर अलग से मूर्ति लगाने के बजाय पूरे पुल को ही कला का हिस्सा बना देना। और दोनों ही अस्थायी हैं, ताकि लोग परिचित जगह को नए तरीके से देख सकें।
यह इंस्टॉलेशन बेहद विशाल है।
संरचना ठोस पत्थर की नहीं है। इसे inflatable या pneumatic आर्किटेक्चर से बनाया गया है।
दूर से देखने पर यह ऐसा लगता है जैसे शहर के बीचों‑बीच कोई प्रागैतिहासिक चट्टान उभर आई हो।
यह इंस्टॉलेशन केवल देखने के लिए नहीं है—लोग इसके अंदर से होकर पुल पार करते हैं।
अंदर प्रवेश करते ही आगंतुक एक अंधेरी सुरंग जैसे रास्ते से गुजरते हैं, जो गुफा के माहौल का एहसास कराता है। इस अनुभव को और गहरा बनाने के लिए कई तत्व जोड़े गए हैं:
इन सबके कारण साधारण पैदल पुल‑पार करने का अनुभव एक मल्टी‑सेंसरी कला अनुभव बन जाता है।
‘La Caverne du Pont Neuf’ को टिकट वाले संग्रहालय की तरह नहीं बनाया गया है। इसे एक खुला नागरिक अनुभव माना गया है।
इस दौरान पुल सामान्य वाहन यातायात के बजाय पैदल आगंतुकों के लिए एक immersive रास्ता बन जाता है।
JR लंबे समय से सार्वजनिक जगहों को कला में बदलने के लिए जाने जाते हैं—चाहे वह इमारतों की छतें हों, सीमाएँ हों या ऐतिहासिक स्मारक। La Caverne du Pont Neuf को कई आयोजक संभवतः अब तक का सबसे बड़ा immersive आर्टवर्क मानते हैं।
चार दशक पहले Christo और Jeanne‑Claude ने जिस पुल को अस्थायी रूप से बदलकर दुनिया का ध्यान खींचा था, उसी जगह पर JR का यह प्रोजेक्ट दिखाता है कि कैसे कला कुछ समय के लिए भी शहर की पहचान को नया रूप दे सकती है—और परिचित जगहों को बिल्कुल नया अनुभव बना सकती है।