टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में साफ किया कि यह फैसला पैसों की कमी के कारण नहीं है। उन्होंने लिखा, "यह निर्णय आर्थिक कारणों से नहीं लिया गया है" । टीम ने इसे बंद करने के पीछे कई गैर-वित्तीय कारण बताए:
फ्लैश ट्रेड का बाहर निकलना ऐसे समय में हुआ है जब सोलाना परपेचुअल एक्सचेंज बाजार पर बड़े प्रोटोकॉल का दबदबा बढ़ रहा है। उदाहरण के लिए, ड्रिफ्ट प्रोटोकॉल (Drift Protocol) अप्रैल 2026 में लगभग 285-295 मिलियन डॉलर के एक बड़े हैक का शिकार हुआ था, जिसके लिए उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर्स को जिम्मेदार ठहराया गया । इस घटना के बावजूद, ड्रिफ्ट अभी भी सोलाना के सबसे बड़े परपेचुअल DEX में से एक है।
फ्लैश ट्रेड एक छोटा, स्व-वित्तपोषित प्रतियोगी था। उसने लगातार तीन सोलाना ब्रेकपॉइंट कॉन्फ्रेंस में अपने उत्पाद का प्रदर्शन किया था, लेकिन वह उद्योग में चल रहे समेकन और स्केलिंग के रुझानों के साथ तालमेल नहीं बिठा पाया ।
एक छोटी सुरक्षा चूक ($98,000 घटना), उपयोगकर्ताओं की घटती सक्रियता और एक ऐसी टीम जो उद्योग की दिशा से नैतिक रूप से असहमत थी, ने एक व्यवहार्य लेकिन विशिष्ट एक्सचेंज को बंद होने के लिए मजबूर कर दिया। यह बंदी इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि यह पारंपरिक अर्थों में कोई विफलता नहीं है — टीम के पास जारी रखने के लिए पैसे थे, लेकिन उन्होंने ऐसा न करने का फैसला किया ।