Eighteen48 के अनुसार पहले क्लोज़ में कई तरह के निवेशकों ने हिस्सा लिया, जिनमें शामिल हैं:
इन निवेशकों का भरोसा कंपनी की उस रणनीति पर है जो पारंपरिक नीलामी‑आधारित सौदों के बजाय स्पॉन्सर‑ड्रिवन डील्स पर केंद्रित है।
यह फंड यूरोप के मिड‑मार्केट कंपनियों के बायआउट्स में निवेश करेगा, जिन्हें इंडिपेंडेंट स्पॉन्सर्स के जरिए सोर्स किया जाएगा।
इंडिपेंडेंट स्पॉन्सर्स आमतौर पर:
इस मॉडल का फायदा यह है कि कई सौदे ऑफ‑मार्केट होते हैं—यानी खुले प्रतिस्पर्धी नीलामी में नहीं आते—जिससे निवेशकों को कम प्रतिस्पर्धा वाले अवसर मिल सकते हैं।
Eighteen48 की रणनीति ऐसे स्पॉन्सर्स के साथ साझेदारी कर पूंजी उपलब्ध कराने की है ताकि वे यूरोप की मिड‑मार्केट कंपनियों के अधिग्रहण को पूरा कर सकें।
हालाँकि यह फंड नया है, लेकिन इसकी निवेश रणनीति नई नहीं है। कंपनी 2020 से अब तक €200 मिलियन से अधिक पूंजी इसी इंडिपेंडेंट‑स्पॉन्सर मॉडल के तहत निवेश कर चुकी है।
यही ट्रैक रिकॉर्ड इस समर्पित फंड के लॉन्च की आधारशिला बना।
इंडिपेंडेंट‑स्पॉन्सर मॉडल लंबे समय से अमेरिका में लोकप्रिय रहा है, लेकिन अब यूरोप में भी तेजी से बढ़ रहा है। निवेशक इसे इसलिए पसंद कर रहे हैं क्योंकि इसमें अधिक लचीलापन और निवेशकों‑स्पॉन्सर्स के बीच बेहतर संरेखण (alignment) मिलता है।
निवेशकों के लिए इसके संभावित फायदे:
Private Equity Fund I के जरिए Eighteen48 ने अपनी मौजूदा रणनीति को एक स्केलेबल निवेश प्लेटफॉर्म में बदल दिया है। अब निवेशक अलग‑अलग डील्स में पूंजी लगाने के बजाय एक पूल्ड फंड के माध्यम से निवेश कर सकते हैं।
€350 मिलियन के लक्ष्य और कई वर्षों के निवेश अनुभव के साथ, कंपनी खुद को यूरोप के इंडिपेंडेंट‑स्पॉन्सर इकोसिस्टम में एक विशेषज्ञ पूंजी भागीदार के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है—एक ऐसा सेगमेंट जिसे कई निवेशक अभी भी पारंपरिक बायआउट फंड्स की तुलना में कम सेवा प्राप्त मानते हैं।