मेमोरी कंपनियाँ भी अपनी क्षमता का बड़ा हिस्सा AI एक्सेलेरेटर में इस्तेमाल होने वाली HBM (High‑Bandwidth Memory) बनाने में लगा रही हैं। इससे सामान्य उपभोक्ता RAM मॉड्यूल की उपलब्धता और कम हो जाती है।
इसका असर PC बिल्ड के कुल खर्च पर साफ दिख रहा है। कुछ सिस्टमों में RAM अब कुल बिल्ड लागत का 30% से अधिक हिस्सा बन गई है—जो पहले काफी कम हुआ करती थी।
GPU और CPU भी इसी सप्लाई बदलाव से प्रभावित हो रहे हैं।
गेमिंग GPU बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई संसाधन—जैसे उन्नत वेफर, पैकेजिंग तकनीक और मेमोरी स्टैक्स—AI एक्सेलेरेटर में भी लगते हैं। चूंकि डेटा‑सेंटर GPU कहीं अधिक कीमत पर बिकते हैं, इसलिए निर्माता अक्सर उन्हें प्राथमिकता देते हैं।
CPU के मामले में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। सप्लाई‑चेन रिपोर्ट बताती हैं कि Intel और AMD जैसे निर्माता अपने डेटा‑सेंटर प्रोसेसर (जैसे Xeon और EPYC) को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे उपभोक्ता CPU की उपलब्धता और डिलीवरी समय प्रभावित हो सकता है।
गेमिंग PC बनाना एक “प्लेटफॉर्म खरीद” होता है—GPU, CPU, RAM, मदरबोर्ड, स्टोरेज और पावर सप्लाई सब एक साथ चाहिए।
जब इन में से कई कंपोनेंट्स की कीमत एक साथ बढ़ जाती है, तो पूरा बिल्ड अचानक बहुत महंगा हो जाता है। इसी कारण कई गेमर्स अभी अपने मौजूदा सिस्टम से काम चला रहे हैं और अपग्रेड को टाल रहे हैं।
इससे DIY PC मार्केट की मांग कम हो रही है, जो पूरे हार्डवेयर इकोसिस्टम को प्रभावित कर रही है।
मदरबोर्ड खुद AI की वजह से सीधे महंगे नहीं हुए हैं। लेकिन समस्या यह है कि अगर लोग नया PC ही नहीं बना रहे, तो मदरबोर्ड की मांग भी गिर जाती है।
सप्लाई‑चेन रिपोर्ट के अनुसार Asus, Gigabyte, MSI और ASRock जैसे बड़े ताइवानी निर्माताओं ने 2026 के लिए अपने शिपमेंट लक्ष्य कम कर दिए हैं।
कुछ अनुमान बताते हैं कि मदरबोर्ड शिपमेंट साल‑दर‑साल 25% से अधिक गिर सकते हैं, और छोटे ब्रांडों को इससे भी बड़ा झटका लग सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि DIY PC मार्केट फिलहाल कई वर्षों के सबसे कमजोर दौर में है। 2026 में वैश्विक PC शिपमेंट घटने का अनुमान है—even अगर कुल बाजार मूल्य ऊंची कीमतों की वजह से बढ़ जाए।
कुछ गेमिंग हार्डवेयर कंपनियों ने निवेशकों को चेतावनी भी दी है कि मेमोरी और GPU की कमी के कारण गेमिंग उत्पादों की कीमतें 15–30% तक बढ़ सकती हैं।
इसका मतलब है कि उद्योग कम यूनिट बेच रहा है—लेकिन ज्यादा कीमत पर।
सबसे बड़ा दबाव अभी मेमोरी सप्लाई पर है। और विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या जल्दी खत्म होने वाली नहीं है।
उद्योग पूर्वानुमानों के मुताबिक AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग के कारण मेमोरी की कमी 2026 से आगे 2027 तक जारी रह सकती है।
नई सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियाँ और मेमोरी प्लांट बन रहे हैं, लेकिन उन्हें तैयार होने में कई साल लगते हैं। कुछ अनुमानों के अनुसार वैश्विक मेमोरी उत्पादन लगभग 2027 या उसके बाद ही मांग के बराबर पहुँच सकता है।
2026 में PC गेमिंग हार्डवेयर की बढ़ती कीमतें गेमिंग की वजह से नहीं बल्कि AI बूम की वजह से हैं। विशाल AI डेटा सेंटर्स GPU, मेमोरी और सेमीकंडक्टर उत्पादन का बड़ा हिस्सा खींच रहे हैं—जिससे उपभोक्ता बाजार में सप्लाई कम और कीमतें ज्यादा हो रही हैं।
जब तक नई उत्पादन क्षमता पूरी तरह शुरू नहीं होती, तब तक गेमर्स को ऊंची कीमतें, धीमे अपग्रेड चक्र और कमजोर DIY PC मांग जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
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