रिपोर्टों के अनुसार दक्षिण कोरिया से DRAM एक्सपोर्ट कीमतें पिछले एक साल में लगभग 497% तक बढ़ गई हैं, क्योंकि AI डेटा सेंटरों को भारी मात्रा में मेमोरी चाहिए। [1] Samsung, SK hynix और Micron मिलकर दुनिया की लगभग 95% DRAM सप्लाई को नियंत्रित करते हैं, जिससे कीमतों पर उनका बड़ा प्रभाव रहता है। [1] Microsoft और Google ज...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is driving the reported 497% surge in DRAM prices, how is AI data-center demand from major cloud companies straining memory-chip supply. Article summary: The reported 497% DRAM price surge appears to be driven mainly by AI infrastructure demand: hyperscalers are buying large volumes of high-bandwidth memory and server DRAM, while memory makers are shifting capacity away f. Topic tags: general, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "The surge is being driven by unprecedented demand from major AI players such as Nvidia, Google, and AMD, whose data center GPUs and AI" source context "Digital IT News, Information Technology News, Tech News, Computer news, breaking news , analysis news" Reference image 2: visual subject "The surge is being driven by unprecedent
दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर का तेज़ विस्तार एक नए तकनीकी संकट की ओर इशारा कर रहा है—मेमोरी चिप्स की कमी। खास तौर पर DRAM (Dynamic Random Access Memory), जो सर्वर, कंप्यूटर और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों की मुख्य वर्किंग मेमोरी होती है, उसकी मांग अचानक बहुत तेज़ हो गई है।
AI डेटा सेंटरों के बड़े पैमाने पर निर्माण की वजह से DRAM की वैश्विक सप्लाई पर भारी दबाव पड़ रहा है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक दक्षिण कोरिया से DRAM एक्सपोर्ट की कीमतें पिछले एक साल में लगभग 497% तक बढ़ गई हैं, जो मांग में तेज़ उछाल को दिखाती हैं।
सबसे बड़ा कारण है AI वर्कलोड का विस्फोट। आधुनिक AI मॉडल को ट्रेन करने और चलाने के लिए भारी मात्रा में डेटा को तेज़ी से प्रोसेस करना पड़ता है। इसके लिए बहुत अधिक मेमोरी बैंडविड्थ और क्षमता की जरूरत होती है, जो पारंपरिक कंप्यूटिंग से कहीं अधिक है।
इसी वजह से AI सर्वर में High‑Bandwidth Memory (HBM) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। HBM मूल रूप से DRAM का ही उन्नत रूप है जिसे GPU और AI एक्सेलेरेटर के साथ इस्तेमाल किया जाता है।
मेमोरी निर्माता अब अपने उत्पादन का बड़ा हिस्सा HBM और सर्वर‑ग्रेड DRAM की ओर मोड़ रहे हैं, क्योंकि इनकी मांग और मुनाफा दोनों ज्यादा हैं। लेकिन इसका असर यह हुआ कि सामान्य DRAM—जो पीसी और स्मार्टफोन में इस्तेमाल होती है—उसकी सप्लाई कम हो गई।
जब वही फैक्ट्री लाइनें अलग‑अलग प्रकार की DRAM बनाती हैं, तो AI के लिए ज्यादा उत्पादन का मतलब होता है कि बाकी बाज़ार के लिए चिप्स कम उपलब्ध हों—और यही कीमतें ऊपर धकेल रहा है।
Microsoft, Google जैसे बड़े क्लाउड प्रदाता विशाल AI क्लस्टर बना रहे हैं। इन सिस्टमों में हजारों GPU और सर्वर होते हैं, जिनके लिए बहुत बड़ी मात्रा में मेमोरी चाहिए।
रिपोर्टों के अनुसार Samsung और SK hynix ने बड़े ग्राहकों के लिए सिर्फ एक तिमाही में सर्वर DRAM की कीमतें लगभग 60–70% तक बढ़ा दीं क्योंकि मांग बेहद तेज़ हो गई थी।
AI सर्वर बनाने वाली कंपनियां और डेटा सेंटर ऑपरेटर वैश्विक मेमोरी उत्पादन का बड़ा हिस्सा खरीद रहे हैं। नतीजतन, पीसी और स्मार्टफोन निर्माता अब सीमित सप्लाई के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
एक और चुनौती है उत्पादन की जटिलता। HBM बनाना सामान्य DRAM से ज्यादा कठिन है और इसमें उन्नत पैकेजिंग तथा लंबे परीक्षण चक्र लगते हैं। इसलिए कंपनियां तुरंत उत्पादन बढ़ा नहीं सकतीं, भले ही निवेश बढ़ाया जाए।
मेमोरी उद्योग बहुत ज्यादा केंद्रित है। दुनिया की DRAM सप्लाई का लगभग पूरा हिस्सा तीन कंपनियों के हाथ में है:
ये तीनों मिलकर लगभग 95% वैश्विक DRAM उत्पादन नियंत्रित करती हैं।
क्योंकि यही कंपनियां HBM जैसी AI‑फोकस्ड मेमोरी में भी अग्रणी हैं, इसलिए AI बूम के दौरान उनकी कीमत तय करने की ताकत और बढ़ गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा स्थिति जल्दी सामान्य नहीं होगी। कई अनुमान बताते हैं कि DRAM सप्लाई की कमी और ऊंची कीमतें कम से कम 2026 तक बनी रह सकती हैं।
कुछ उद्योग नेताओं का अनुमान इससे भी लंबा है। Samsung ने संकेत दिया है कि वैश्विक मेमोरी की कमी 2027 तक जारी रह सकती है, और ग्राहक पहले से ही भविष्य की सप्लाई सुरक्षित करने के लिए अग्रिम ऑर्डर दे रहे हैं।
कुछ पूर्वानुमानों के अनुसार 2026 में DRAM की औसत बिक्री कीमत लगभग 33% तक बढ़ सकती है, क्योंकि मांग और सप्लाई के बीच अंतर बना रहेगा।
यह स्थिति केवल एक सामान्य सेमीकंडक्टर चक्र नहीं लगती। AI कंप्यूटिंग के बढ़ते उपयोग ने मेमोरी की खपत का पैटर्न ही बदल दिया है। अब डेटा सेंटर इस बाज़ार के सबसे बड़े ग्राहक बनते जा रहे हैं।
जब तक AI इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जारी रहेगा और GPU‑आधारित सिस्टम के लिए HBM जैसी उन्नत मेमोरी जरूरी बनी रहेगी, तब तक DRAM सप्लाई पर दबाव बना रह सकता है। इसका मतलब यह भी हो सकता है कि आने वाले वर्षों में कंप्यूटर, सर्वर और अन्य तकनीकी उत्पादों की मेमोरी कीमतें ऊंची बनी रहें।
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रिपोर्टों के अनुसार दक्षिण कोरिया से DRAM एक्सपोर्ट कीमतें पिछले एक साल में लगभग 497% तक बढ़ गई हैं, क्योंकि AI डेटा सेंटरों को भारी मात्रा में मेमोरी चाहिए। [1]
रिपोर्टों के अनुसार दक्षिण कोरिया से DRAM एक्सपोर्ट कीमतें पिछले एक साल में लगभग 497% तक बढ़ गई हैं, क्योंकि AI डेटा सेंटरों को भारी मात्रा में मेमोरी चाहिए। [1] Samsung, SK hynix और Micron मिलकर दुनिया की लगभग 95% DRAM सप्लाई को नियंत्रित करते हैं, जिससे कीमतों पर उनका बड़ा प्रभाव रहता है। [1]
Microsoft और Google जैसे बड़े क्लाउड प्रदाता AI सर्वर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर मेमोरी खरीद रहे हैं, जिससे अन्य उद्योगों के लिए सप्लाई कम पड़ रही है। [7][11]