क्रिप्टो मार्केट की अस्थिरता के बीच निवेशकों को ऐसे डिजिटल एसेट चाहिए जो नियमित रिटर्न दें। इसी वजह से U.S. Treasury bills जैसे सरकारी बॉन्ड के टोकनाइज्ड संस्करण तेजी से लोकप्रिय हुए हैं।
2026 की शुरुआत तक टोकनाइज्ड U.S. Treasuries की वैल्यू $10 अरब से अधिक हो चुकी थी, जिससे यह RWA मार्केट की सबसे बड़ी श्रेणियों में से एक बन गया।
सरकारी बॉन्ड के अलावा प्राइवेट क्रेडिट (निजी ऋण) भी टोकनाइजेशन का बड़ा चालक बन गया है। कुछ विश्लेषणों के अनुसार टोकनाइज्ड RWA बाजार का लगभग 60–65% हिस्सा प्राइवेट क्रेडिट का हो सकता है।
यह निवेशकों को अक्सर सरकारी बॉन्ड की तुलना में अधिक यील्ड देता है, इसलिए संस्थागत निवेशकों की रुचि बढ़ रही है।
टोकनाइजेशन से कई तकनीकी लाभ मिलते हैं:
इन कारणों से कई वित्तीय संस्थान ब्लॉकचेन को पारंपरिक वित्तीय अवसंरचना के पूरक के रूप में देख रहे हैं।
दुनिया के सबसे बड़े एसेट मैनेजर BlackRock ने BlackRock USD Institutional Digital Liquidity Fund (BUIDL) लॉन्च किया है। यह एक टोकनाइज्ड फंड है जो मुख्यतः U.S. Treasury bills, कैश और रिपर्चेज एग्रीमेंट्स में निवेश करता है।
इस फंड की हिस्सेदारी ब्लॉकचेन पर टोकन के रूप में जारी की जाती है और Treasury से मिलने वाली यील्ड सीधे टोकन धारकों को मिलती है। 2024 में इसका लॉन्च कई संस्थागत निवेशकों के लिए संकेत था कि नियामक ढांचे के भीतर भी ब्लॉकचेन‑आधारित फंड संभव हैं।
Franklin Templeton इस क्षेत्र के शुरुआती खिलाड़ियों में रहा है। कंपनी ने Franklin OnChain U.S. Government Money Fund लॉन्च किया, जिसे एक सार्वजनिक ब्लॉकचेन को आधिकारिक रिकॉर्ड‑कीपिंग सिस्टम के रूप में उपयोग करने वाले शुरुआती नियामित फंडों में गिना जाता है।
कंपनी का मानना है कि भविष्य में लगभग हर एसेट क्लास—
केवल एसेट मैनेजर ही नहीं, बल्कि वित्तीय बाजार की बुनियादी संस्थाएँ भी टोकनाइजेशन पर काम कर रही हैं।
Depository Trust & Clearing Corporation (DTCC)—जो वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में सिक्योरिटीज़ ट्रांजैक्शन क्लियर और सेटल करती है—ब्लॉकचेन‑आधारित टोकनाइजेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रयोगों में शामिल रही है।
इस तरह की भागीदारी से संकेत मिलता है कि भविष्य में टोकनाइजेशन पारंपरिक वित्तीय सिस्टम को पूरी तरह बदलने के बजाय उसके साथ एकीकृत हो सकता है।
हालाँकि “रियल‑वर्ल्ड एसेट” शब्द व्यापक है, लेकिन फिलहाल कुछ श्रेणियाँ प्रमुख हैं:
U.S. Treasuries और मनी‑मार्केट इंस्ट्रूमेंट
कम जोखिम और स्थिर यील्ड के कारण ये टोकनाइजेशन के सबसे लोकप्रिय एसेट बन गए हैं। कई फंड वास्तव में Treasury bills रखने वाले निवेश वाहनों के टोकनाइज्ड शेयर होते हैं।
प्राइवेट क्रेडिट
ब्लॉकचेन‑आधारित लेंडिंग प्लेटफॉर्म और फंड ऋण और क्रेडिट सुविधाओं को टोकनाइज कर रहे हैं। इससे अक्सर अधिक रिटर्न मिलता है।
संस्थागत फंड और पोर्टफोलियो
मनी‑मार्केट फंड और वैकल्पिक निवेश फंड के शेयरों को भी टोकन के रूप में जारी किया जा रहा है।
अन्य वास्तविक संपत्तियाँ
उद्योग विश्लेषण बताता है कि भविष्य में स्टॉक्स, कमोडिटीज़, रियल एस्टेट, ETFs और प्राइवेट इक्विटी भी व्यापक रूप से टोकनाइज हो सकते हैं।
Strategy (पूर्व में MicroStrategy) के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन माइकल सेयलर का मानना है कि टोकनाइजेशन और डिजिटल क्रेडिट भविष्य में वैश्विक क्रेडिट बाजार को बदल सकते हैं।
उन्होंने लगभग $300 ट्रिलियन के वैश्विक क्रेडिट बाजार की आलोचना करते हुए कहा कि पारंपरिक प्रणाली निवेशकों के लिए अक्सर “रिटर्न‑फ्री जोखिम” पैदा करती है।
सेयलर का तर्क है कि ब्लॉकचेन‑आधारित क्रेडिट संरचनाएँ—संभवतः Bitcoin जैसे डिजिटल एसेट से समर्थित—भविष्य में बैंक डिपॉजिट, बॉन्ड मार्केट और पारंपरिक लेंडिंग सिस्टम को चुनौती दे सकती हैं।
हालाँकि यह दृष्टिकोण अभी बहस का विषय है, लेकिन यह दिखाता है कि टोकनाइजेशन को कुछ लोग वैश्विक वित्तीय संरचना में बड़े बदलाव के रूप में देखते हैं।
RWA टोकनाइजेशन का अगला चरण मुख्यतः दो चीज़ों पर निर्भर करेगा—नियामक स्पष्टता और संस्थागत अवसंरचना।
मुख्य कारक होंगे:
आज भले ही टोकनाइज्ड एसेट की वैल्यू दर्जनों अरब डॉलर तक पहुँच चुकी हो, लेकिन यह अभी भी वैश्विक वित्तीय संपत्तियों का बहुत छोटा हिस्सा है।
यदि संस्थागत भागीदारी बढ़ती रही और नियम स्पष्ट होते गए, तो कई विश्लेषकों का मानना है कि टोकनाइजेशन भविष्य में पारंपरिक पूंजी बाजारों के काम करने के तरीके को काफी हद तक बदल सकता है।