यह कदम DeepSeek की रणनीति में अहम बदलाव दिखाता है। कंपनी की पहचान अब तक एल्गोरिदम और पूंजी-कुशलता के दम पर कम GPU में बेहतर प्रदर्शन हासिल करने की रही है। प्रस्तावित परियोजना बताती है कि अगली पीढ़ी के AI मॉडल के लिए बड़े पैमाने का अपना कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी उतना ही जरूरी माना जा रहा है।
1 गीगावॉट कंप्यूट क्षमता वाला केंद्र वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े AI डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स की श्रेणी में आएगा और Microsoft तथा Google जैसी बड़ी क्लाउड कंपनियों की विशाल परियोजनाओं के बराबर माना जा सकता है।
DeepSeek केवल अपना परिसर बनाने पर निर्भर नहीं रहेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अपनी सुविधा तैयार करने के साथ-साथ अन्य डेटा सेंटर ऑपरेटरों से अतिरिक्त क्षमता लीज़ पर लेने की भी योजना बना रही है।
स्थानीय सरकारी मंजूरियों की तीसरे पक्ष द्वारा तैयार की गई सूची में उलानक़ाब में दस से अधिक कंपनियों की परियोजनाएं दर्ज हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह क्षेत्र चीन में कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है।
DeepSeek कम-से-कम परियोजना के एक हिस्से को 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत तक ऑनलाइन लाने की कोशिश कर रही है।
गीगावॉट स्तर की सुविधा के लिए निर्माण, बिजली आपूर्ति, ग्रिड कनेक्शन और नियामकीय मंजूरियां जटिल होती हैं। इसलिए यह समयसीमा महत्वाकांक्षी मानी जा सकती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी परियोजना के कम-से-कम आंशिक रूप से चालू होने के लक्ष्य की है, पूरे परिसर के पूरा होने की नहीं।
इस परियोजना से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण अनिश्चितता हार्डवेयर की है। अमेरिका ने ऐसे निर्यात नियंत्रण लागू किए हैं, जिनके तहत Nvidia के उन्नत GPU—जैसे H100, H200 और Blackwell B200—का चीन पहुंचना प्रतिबंधित है।
कुछ रिपोर्टों में आरोप लगाया गया है कि DeepSeek ने पहले प्रतिबंधित Nvidia Blackwell चिप्स को बिचौलियों के माध्यम से हासिल किया था। हालांकि कंपनी या अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
इस डेटा सेंटर के लिए DeepSeek किन विकल्पों पर निर्भर करेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। संभावनाओं में शामिल हैं:
यही चुनाव तय करेगा कि परियोजना मौजूदा अमेरिकी निर्यात नियंत्रणों के भीतर कितनी व्यावहारिक है और क्या यह उन नियंत्रणों को सीधे चुनौती देने वाली पहल बन सकती है।
उलानक़ाब चीन की राष्ट्रीय ‘ईस्ट डेटा, वेस्ट कंप्यूटिंग’ नीति के तहत एक प्रमुख केंद्र है। इस नीति का उद्देश्य तटीय पूर्वी शहरों में पैदा होने वाले कंप्यूटिंग-गहन कार्यभार को संसाधन-संपन्न पश्चिमी क्षेत्रों की ओर भेजना है।
स्वीकृत पश्चिमी क्षेत्रों में बड़े डेटा सेंटरों को अपेक्षाकृत अनुकूल भूमि कीमतें, बिजली दरें, सरल मंजूरी प्रक्रियाएं और ग्रिड से जुड़ने में प्राथमिकता मिल सकती है। ऐसे प्रोत्साहन 1 गीगावॉट जैसी बिजली-गहन परियोजना के लिए महत्वपूर्ण हैं।
इनर मंगोलिया चीन के बड़े पवन और सौर ऊर्जा क्षेत्रों में से एक है। कम लागत वाली हरित बिजली तक पहुंच DeepSeek के लिए खास महत्व रखती है, क्योंकि इतने बड़े AI डेटा सेंटर की प्रमुख परिचालन लागत बिजली हो सकती है।
उलानक़ाब की ठंडी और शुष्क जलवायु साल के बड़े हिस्से में सर्वर कूलिंग के लिए प्राकृतिक हवा या बाष्पीकरणीय तकनीकों के इस्तेमाल में मदद कर सकती है। इससे गर्म तटीय शहरों की तुलना में ऊर्जा खपत और डेटा सेंटर की पावर यूसेज इफेक्टिवनेस (PUE) बेहतर हो सकती है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, उलानक़ाब का औसत वार्षिक तापमान लगभग 4 डिग्री सेल्सियस है।
उलानक़ाब में बड़े पैमाने के डेटा सेंटर परिसर के लिए अपेक्षाकृत अधिक और सस्ती जमीन उपलब्ध है। यह शहर बीजिंग से करीब 350 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में है और हाई-स्पीड रेल से लगभग तीन घंटे की दूरी पर बताया जाता है। इससे राजधानी के तकनीकी प्रतिभा और अनुसंधान-विकास केंद्रों तक पहुंच बनाए रखना आसान हो सकता है।
DeepSeek ने कम GPU के साथ प्रभावी मॉडल तैयार करने की क्षमता के कारण अपनी अलग पहचान बनाई थी। उसके प्रशिक्षण खर्च को लेकर 60 लाख डॉलर से कम के अनुमान भी रिपोर्ट किए गए हैं। अब 1 गीगावॉट डेटा सेंटर की योजना उस दक्षता-केंद्रित छवि के साथ एक नया अध्याय जोड़ती है।
कंपनी का संकेत यह है कि अग्रणी AI मॉडल विकसित करने के लिए केवल बेहतर एल्गोरिदम पर्याप्त नहीं होंगे। लंबे समय तक प्रशिक्षण और मॉडल संचालित करने के लिए अपने नियंत्रण में हाइपरस्केल कंप्यूट क्षमता भी चाहिए।
1 गीगावॉट का परिसर DeepSeek की मौजूदा पेशकशों से कहीं बड़े मॉडल तैयार करने और चलाने की महत्वाकांक्षा की ओर इशारा करता है। ऐसे प्रोजेक्ट के लिए लंबे समय तक चलने वाले बहुत बड़े एक्सेलेरेटर क्लस्टर की जरूरत पड़ सकती है।
DeepSeek का मॉडल अब एक ‘लीन स्टार्टअप’ तक सीमित नहीं दिखता। कंपनी उस दिशा में बढ़ती नजर आ रही है जहां कंप्यूटिंग क्षमता का स्वामित्व ही दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धी बढ़त बन जाता है—कुछ उसी तरह जैसे OpenAI का Microsoft और Google DeepMind का Google के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर संबंध है।
उलानक़ाब में प्रस्तावित 1 गीगावॉट AI डेटा सेंटर DeepSeek के लिए केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि रणनीतिक विस्तार है। यह बताता है कि AI प्रतिस्पर्धा में मॉडल की गुणवत्ता के साथ-साथ बिजली, चिप्स और डेटा सेंटर क्षमता भी निर्णायक बनती जा रही है।
फिर भी इस पूरी योजना की व्यवहार्यता का सबसे बड़ा निर्धारक चिप्स ही होंगे। 1 गीगावॉट की क्षमता को कौन-सा हार्डवेयर भरेगा, यह स्पष्ट होने तक परियोजना की वास्तविक गति और अमेरिकी निर्यात नियंत्रणों पर इसके प्रभाव का आकलन अधूरा रहेगा।