तुलना के लिए, कंपनी ने 2025 में लगभग 8.27 लाख इलेक्ट्रिक और प्लग‑इन हाइब्रिड वाहन विदेशों में बेचे थे, इसलिए यह लक्ष्य करीब 27% सालाना वृद्धि को दर्शाता है।
यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो यह Chery के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा क्योंकि पहली बार उसकी अंतरराष्ट्रीय EV बिक्री एक ही साल में 10 लाख से ऊपर जाएगी।
Chery का लक्ष्य सिर्फ इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री बढ़ाना नहीं है, बल्कि पूरे निर्यात कारोबार में इन्हें मुख्य भूमिका देना है।
कंपनी का अनुमान है कि 2026 में विदेशों में कुल लगभग 15 लाख वाहन बेचने का लक्ष्य है।
इनमें से 65% से 70% तक वाहन पूरी तरह इलेक्ट्रिक या प्लग‑इन हाइब्रिड हो सकते हैं।
इसका मतलब है कि आने वाले वर्षों में Chery के अंतरराष्ट्रीय कारोबार का अधिकांश हिस्सा पारंपरिक पेट्रोल‑डीजल कारों के बजाय इलेक्ट्रिफाइड वाहनों पर आधारित हो सकता है।
Chery के अधिकारियों के अनुसार, दुनिया के कई हिस्सों में चल रहा ऊर्जा संकट और बढ़ती तेल कीमतें उपभोक्ताओं को वैकल्पिक ऊर्जा वाले वाहनों की ओर ले जा रही हैं।
जब ईंधन महंगा होता है और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है, तो इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहन अपेक्षाकृत अधिक आकर्षक विकल्प बन जाते हैं।
Chery International के अध्यक्ष झांग गुईबिंग ने कहा कि विदेशों में नए ऊर्जा वाहनों की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है और इसकी वृद्धि दर "काफी प्रभावशाली" है।
Chery पहले से ही चीन के सबसे बड़े वाहन निर्यातकों में से एक है। कंपनी की रणनीति अब स्पष्ट रूप से वैश्विक बाजारों में इलेक्ट्रिक और प्लग‑इन हाइब्रिड वाहनों का तेजी से विस्तार करने की है।
अगर 2026 का अनुमान पूरा होता है, तो यह न केवल Chery के लिए बल्कि पूरी ऑटो इंडस्ट्री के लिए एक संकेत होगा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ रहे हैं।