इसका सीधा असर iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max और Apple के पहले फोल्डेबल फोन पर पड़ सकता है, जिसे अफवाहों में iPhone Ultra कहा जा रहा है। सितंबर 2026 में संभावित लॉन्च से छह सप्ताह से भी कम समय पहले Apple और उसके मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर DRAM की अतिरिक्त सप्लाई जुटाने की कोशिश कर रहे हैं ।
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक TSMC के नए 2nm N2 प्रोसेस पर A20 Pro का निर्माण अच्छे वॉल्यूम और संतोषजनक यील्ड के साथ आगे बढ़ रहा है । यानी यह मामला खराब चिप उत्पादन या कम यील्ड का नहीं है।
अड़चन अगली स्टेज—एडवांस्ड पैकेजिंग—पर है। iPhone 18 Pro में कथित तौर पर Wafer-Level Multi-Chip Module (WMCM) तकनीक का इस्तेमाल होगा। इसमें हाई-परफॉर्मेंस मोबाइल DRAM को प्रोसेसर के साथ वेफर स्तर पर जोड़ा जाता है ।
सामान्य स्थिति में मेमोरी उपलब्ध न होने पर किसी दूसरे चरण में काम आगे बढ़ाया जा सकता है। लेकिन WMCM डिजाइन में DRAM पैकेजिंग प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है। इसलिए मेमोरी की खेप रुकते ही पूरा पैकेजिंग काम रुक जाता है। नतीजा यह है कि तैयार A20 Pro वेफर्स का स्टॉक बढ़ रहा है और वे शिपमेंट के लिए तैयार नहीं हो पा रहे हैं ।
इस संकट की जड़ AI बूम में है। दुनिया भर में AI डेटा सेंटरों के निर्माण के लिए भारी मात्रा में DRAM और HBM यानी High-Bandwidth Memory की जरूरत पड़ रही है ।
मेमोरी निर्माता—Micron, SK hynix और Samsung—सर्वर तथा AI से जुड़े मेमोरी उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि इनका मार्जिन मोबाइल मेमोरी की तुलना में अधिक है । इससे Apple के iPhone में इस्तेमाल होने वाली LPDDR5X मोबाइल DRAM के लिए उपलब्ध उत्पादन क्षमता कम पड़ रही है।
यही कारण है कि Apple के लिए समस्या केवल कीमत की नहीं, बल्कि समय पर पर्याप्त चिप हासिल करने की भी है। रिपोर्टों में कहा गया है कि कंपनी और उसके असेंबली पार्टनर सितंबर की पहली खेप के लिए सप्लाई तेज कराने की कोशिश कर रहे हैं ।
iPhone 18 Pro और Pro Max की शुरुआती सप्लाई गंभीर रूप से सीमित होने की आशंका जताई गई है। इसका मतलब है कि प्री-ऑर्डर शुरू होने के तुरंत बाद स्टॉक खत्म हो सकता है और बाद में ऑर्डर करने वाले ग्राहकों को लंबी डिलीवरी तारीख मिल सकती है ।
Apple का पहला फोल्डेबल फोन, जिसे व्यापक रूप से iPhone Ultra नाम से जोड़ा जा रहा है, भी इसी DRAM सप्लाई पर निर्भर है। इसलिए लॉन्च के समय इस मॉडल की उपलब्धता भी सीमित रहने की संभावना है ।
कुछ रिपोर्टों में iPhone 18 लॉन्च में देरी या बेहद सीमित उपलब्धता की आशंका व्यक्त की गई है । हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह पक्का नहीं कहा जा सकता कि Apple लॉन्च को टालेगा। मौजूदा चिंता मुख्य रूप से लॉन्च के बाद के स्टॉक, शिपिंग समय और बाजार में उपलब्ध यूनिट्स को लेकर है।
DRAM की कमी ने मेमोरी की लागत को भी काफी बढ़ा दिया है। Micron के साथ-साथ SK hynix और Samsung भी तंग सप्लाई के बीच अधिक कीमत वसूल रहे हैं । विश्लेषकों का मानना है कि Apple इस अतिरिक्त लागत का पूरा बोझ खुद नहीं उठाएगा, इसलिए रिटेल कीमत बढ़ने की संभावना है ।
Apple के CEO Tim Cook ने कंपनी के विभिन्न उत्पादों में कीमत बढ़ना “अनिवार्य” बताया है ।
ये आंकड़े आधिकारिक कीमतें नहीं हैं, बल्कि बाजार और विश्लेषकों के अनुमान हैं। Apple की अंतिम कीमत लॉन्च के समय ही स्पष्ट होगी।
Apple की DRAM सप्लाई मुख्य रूप से Micron, SK hynix और Samsung जैसे बड़े निर्माताओं पर निर्भर है। AI कंपनियों की ऊंची मांग के कारण इन सप्लायरों के पास मोलभाव करने की गुंजाइश कम है। ऐसे माहौल में Apple के लिए अतिरिक्त मोबाइल DRAM आरक्षित कराना या कीमत कम करवाना कठिन हो गया है ।
इसी निर्भरता को कम करने के लिए Apple ने चीनी मेमोरी निर्माता ChangXin Memory Technologies (CXMT) से संपर्क किया । लेकिन यह विकल्प भी तत्काल समाधान नहीं बन सका।
रिपोर्टों के अनुसार Apple ने CXMT से मौजूदा दक्षिण कोरियाई सप्लायरों की तुलना में कम कीमत मांगी थी। CXMT ने यह मांग ठुकरा दी और ऐसी कीमतें बताईं जो Samsung और SK hynix के बराबर या उनसे अधिक थीं ।
Huawei और Xiaomi जैसी चीनी स्मार्टफोन कंपनियों की मजबूत मांग ने CXMT को बेहतर मोलभाव की स्थिति दी। इसलिए कंपनी को Apple का कारोबार हासिल करने के लिए कीमत घटाने की तत्काल जरूरत नहीं थी ।
CXMT को अमेरिकी रक्षा विभाग की उस सूची में रखा गया है जिसमें कथित तौर पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से संबंध रखने वाली कंपनियों का उल्लेख है। Apple को CXMT से खरीद के लिए अमेरिकी सरकार से अनुमति लेनी पड़ सकती है, जिससे प्रक्रिया अनिश्चित और धीमी हो जाती है ।
नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद भी CXMT की DRAM को Apple के प्रीमियम उपकरणों के प्रदर्शन और विश्वसनीयता मानकों पर खरा उतरना होगा। उपलब्ध रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि इसका इस्तेमाल संभवतः चीन में बिकने वाले कुछ उपकरणों तक सीमित रह सकता है । Bank of America का आकलन है कि Apple द्वारा CXMT DRAM को बड़े पैमाने पर अपनाने की संभावना कम है ।
कुछ विश्लेषकों ने Apple की CXMT पहल को एक वैकल्पिक सप्लाई स्रोत से ज्यादा मौजूदा तीन बड़े सप्लायरों—Micron, SK hynix और Samsung—पर कीमत घटाने का दबाव बनाने की रणनीति माना ।
लेकिन जब CXMT ने कम कीमत देने से इनकार कर दिया, तो Apple को न तो तत्काल लागत लाभ मिला और न ही सप्लाई संकट का आसान समाधान। इस तरह कंपनी की “चौथा सप्लायर” खोजने की कोशिश फिलहाल सीमित प्रभाव वाली साबित हुई ।
Apple के सामने इस समय दो समस्याएं एक साथ जुड़ गई हैं—नई WMCM पैकेजिंग तकनीक, जिसमें DRAM की समय पर उपलब्धता अनिवार्य है, और AI डेटा सेंटरों के कारण पैदा हुई वैश्विक मेमोरी कमी।
उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर Apple और उसके साझेदार सितंबर में शुरुआती मांग पूरी करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन iPhone 18 Pro, Pro Max और फोल्डेबल iPhone Ultra की उपलब्धता सीमित रहने का जोखिम है। ग्राहकों को लॉन्च के बाद लंबा शिपिंग समय, जल्दी खत्म होने वाला शुरुआती स्टॉक और पहले के मुकाबले अधिक कीमत के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।